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Misc. Erotica मजा पहली होली का ससुराल में ,
पिछवाड़ा 




[Image: sixteen-anal-28.gif]




सलहज कुतिया बनी निहुरी , एक आम के पेड़ के नीचे 

और पीछे से ये खचाखच , 

[Image: tumblr-mrkea3e5-IT1sb3wryo1-400.gif]



उनके दोनों बड़े बड़े जोबन पकडे ,

 
रीमा और छुटकी थोड़ी दूर बैठी नजारा देख रही थीं , 


लेकिन मैं और लीला इनके और इनकी सलहज के पास ,
 
इनकी सलहज के चूतड़ बहुत गजब के थे ,


[Image: ass-hole-tumblr-pio548q-Aj-B1qe750ho1-1280.jpg]


और अभी मैं देख भी चुकी थी की गांड भाभी की अभी भी बहुत कसी , टाइट है ,  बस मैंने इन्हे ललकारा


"सलहज के इतने मस्त बड़े बड़े चूतड़ , इतनी कसी गांड ,... बेचारी इतने दिनों से इंतजार  कर रही थीं , नन्दोई आएंगे तो गांड मरवाउंगी , और आप भी न ,... "
 
[Image: holi73.jpg]

वो तो बचपन से गांड के रसिया मेरे ममेरे भाई की नहीं छोड़ी तो , वो भी मेरे सामने चलती ट्रेन में उसकी तो सामने तो रसीली सलहज थी ,
 
रीमा और लीला को  भी मौका मिल गया अपनी भौजाई से पुराना हिसाब किताब चुकता करने का
 
रीमा ने छेड़ा , अपने जीजा को समझाते ,
 
" अरे जीजू , मायके से भी  इनका पिछवाड़ा कोरा ही ,... जबकि ये मायके की मशहूर छिनार थीं , हमार भौजी "


[Image: holi-girl-wallpaper-22.jpg]

 
" रीमा तू भी न , अरे भाभी के मायके वाले सब पैदयशी गांडू ,

मौका मिलते ही  कल के लौंडे नेकर सरका के , निहुर के , गाँड़ मरवाने को तैयार , सब गंडुवे , वो क्या हमार भौजी की गांड मारते।  " 


लीला ने और आग में घी डाला ,

[Image: pitars-holi-celebrations-hyderabad1.jpg]
 
और एक अंगूठा रीमा ने , दूसरा लीला ने , भौजी की गांड के कैसे दुबदबाते छेद में और कस के गांड का छेद फैला दिया ,


 
मेरी छुटकी काहें को पीछे रहती , आखिर उनकी सबसे छोटी साली , ...


बस अपने जीजू का मोटा मूसल , उनकी सलहज की गाँड़ के छेद पर
 
 
मन तो मेरी भौजी का खूब कर रहा था , लेकिन घबड़ा भी रही थीं , 

पर घबड़ाने डरने से अगर गाँड़ बच जाती , तो आज तक न किसी लौंडे की गांड मारी जाती न लौंडिया की।  
 
उन्होंने दोनों हाथों से रीतू भौजी की कमर पकड़ रखी थी , वो बगीचे में आम के पेड़ के नीचे निहुरि , बस हचक के धक्का मारा उन्होंने
 
" इइइइइइइइइ ओह्ह्ह्ह नहीं , " 

[Image: anal-cu-j-tumblr-oj1wown60v1vmnut6o1-500.gif]


जोर की चीख मारी उनकी सलहज ने ,
 
पर उनकी तीन तीन सालिया थीं , तीनो ने कसम धरा दी ,
 
" क्या जीजू ज़रा भी मज़ा नहीं आया , जब तक सलहज की चीख पूरे गाँव में न सुनाई पड़े तो गाँव वालो को क्या मालूम होगा की नन्दोई सलहज की होली चल रही  है , हमारी कसम , अगला धक्का ,... "
 
और सच में अगले दो तीन धक्के एकदम कस के ,
 
भौजी चीखती रहीं चिल्लाती रहीं   और वो पेलते रहे ठेलते रहे , ढकेलते रहे ,
 
एक तो इनका सुपाड़ा भी इतना मोटा , किसी की मुट्ठी जैसा , ... 


[Image: anal-ruff-tumblr-n7yl50-Ey-Cg1sprsjzo1-500.gif]


दूसरे सालियों की बदमाशी , ज़रा भी चिकनाई न  तो सुपाड़े में न भौजी की कसी सूखी गांड में
 
 
बस चूत की गिलाई , ... 

और थोड़ी देर पहले जो रीमा ने उनकी गांड में डिलडो घुसेड़ा था , उससे भी रीतू भाभी की गांड थोड़ी बहुत छिल गयी थी , 

बस   सुपाड़ा जैसे  उस छिले हुए हिस्से पर रगड़ता घिसता जाता , उनकी सलहज की हालत खराब हो जाती। 
 
और चार पांच धक्के के बाद लीला ने अपनी भौजी से कहा ,
 
" भौजी  अब जरा जोर से चीखिये चिल्लाइये , अब सुपाड़ा जीजू का आपकी गांड में अच्छी तरह से धंस गया है , चाहे जितना चूतड़ पटकिये , अब बिना गांड मारे जीजू  का लंड निकलने वाला नहीं है "

[Image: pitars-holi-celebrations-hyderabad18.jpg]
 
लेकिन अभी खैबर का दर्रा तो बाकी था , गांड का छल्ला ,... 

और वो तो मैं जानती थी की इनका मूसल जैसे ही उसे फाड़ता हुआ घुसता है , जान निकल जाती है
 
बस वही हुआ , इनकी सलहज के साथ। 
 
[Image: anal-close-up-15605572.jpg]

 
खूब चिल्लाईं वो , चीखी गांड पटकी ,... हम ननदों को खूब मजा  आ रहा था।
 
भौजाई की जब पहली बार फटती है , 


तो उस समय भी सब ननदें कमरे के बाहर कान पारे खड़ी रहती हैं , पहली रात , कब कमरे से चीखने की आवाज आये
 
 
लेकिन मानना पडेगा रीतू भौजी को , 


थोड़ी देर में वो गांड मरौवल का मजा ले रही थीं , धक्के का जवाब धक्के से दे कर ,



 
और अपने नन्दोई की माँ बहन सब गरियाकर ,



 
सिर्फ मैं और लीला वहां थे , छुटकी और रीमा खाने का इंतजाम करने चले गए थे।
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RE: मजा पहली होली का ससुराल में , - by komaalrani - 20-10-2019, 09:28 PM



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