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दोस्तों, मैं अपनी पहली कहानी शुरू कर रहा हूँ। आशा है कि आप सभी मेरा समर्थन करेंगे और मुझे प्रोत्साहित करेंगे। मैं माधव हूं, विंग कमांडर माधव, जिन्बार द्वीप एयरफोर्स का एक खोया हुआ पायलट है।
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Friends let me set up the site setting according to my convenience. Then you will get a thrilling update very soon.
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आप कोई अगर देश भक्ति की स्टोरी या कहानी लिखने जा रहे है तो इस साइट पर तो बिलकुल भी नही लिखे। क्यो एक स्टोरी से हमारे हीरो विंग कमांडर अभिनंदन को बदनाम कर रहे हो। लिखना ही है तो एक बडिया स्टोरी लिखो जैसे एक हवेली के ऊपर, गाँव के ऊपर ठाकुरो और नोकरो वाली कुछ इस प्रकार की। क्योकि देश भक्ति की स्टोरी में सेक्स सीन अच्छे नही लगते। मेरी बातों का बुरा मत लगाना। एक बार सोचना।
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मेरा हेलिकॉप्टर घने बादलों में उड़ रहा था और मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था , धुन्ध छटी और सामने एक अजब सा नजारा था । सर हम कहाँ है , मेरे साथ बैठी हुई शमां जो हेलिकॉप्टर उड़ा रही थी, घबराते हुए बोली । मैने भी देखा कि ये कौन सी जगह थी मुझे भी समझ नहीं आरहा था । हमारा संपर्क भी टूट गया था , तभी एक बड़ा सा पक्षी पंखे से टकराया और हमारा हेलिकॉप्टर लहराते हुए तेजी से नीचे आया, जैसे ही हम थोड़ा नीचे आए और धुन्ध नीचे कम थी। हम एक बहुत बड़े महल के पीछे थे। बड़ा सा बागीचा ऊँचे पेड़ों से घिरा था ।
कुछ समझते हुए मैने शमां से कहा ," लगता है हम किसी समय अंतराल में आगये है ।
जारी है .....
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उसने हैरत भरी निगाहों से मुझे ऐसे देखा मानो उसको यकीन ही नहीं था कि मैं क्या बोल रहा हूँ । उसके हाथ काँप रहे थे और होंठ सूख गए थे , उसका गोरा रंग पीला पड़ गया था ।
"शमा हेलिकॉप्टर सुरक्षित जगह देख कर नीचे उतारो" मैने जोर से कहा लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ , मानो उसने सुना ही नहीं।
वो जिस दिशा में देख रही थी मैने देखा तो एक आग का गोला हमारी तरफ बढ़ रहा था , अगर मैने उसका लेंडिंग गियर ना सम्भाला होता तो हम राख हो गए होते ।
मैं जानता था शमा को इस तरह के मिशन की आदत नहीं है , वह तो लिफ्टर ही थी ।
मैने उसको एक सुरक्षित जगह पर ले जाकर हेलिकॉप्टर को पेड़ की टहनियों से से ढक दिया । अब मेरा सबसे पहला उद्देश्य यह जानना था की हम हैं कहाँ ? ?
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मैने शमा का हाथ पकड़ा और उसको खीचते हुए एक पगडंडी, जो उस विशाल महल की तरफ जा रही थी , ले चला । उसको मानो यकीन ही नहीं हो रहा था ।
"क्या हम जिन्दा हैं ?" उसके गले से अटकी हुई आवाज निकली
"हाँ , बिल्कुल हम जिन्दा ही हैं और सही सलामत भी " मैने घूम कर उसके सामने खड़े होते हुए कहा ।
शमा ने मेरी आँखो में देखा और उसके आँसू गिरने लगे ,
" अरे तुम भी क्यों रो रही हो ? " मैने पूछा
"अभी आपने ही तो कहा , हम समय अंतराल में हैं । तो क्या अब हम वापिस नहीं जा पाएंगे ? " उसने पूछा
उसके इस सवाल का जवाब मेरे पास भी नहीं था पर मैं उसको डरा हुआ नहीं देखना चाहता था ।
"हम वापिस जरूर जाएंगे और जल्द ही जाएंगे । " मैने उसको और खुद को भी यह कहा था
तभी एक खनकती हुई किसी लड़की की हँसी सुनायी दी ....
हम चौकन्ने होकर उस दिशा में देखने लगे , आवाज ज्यादा दूर से नहीं आयी थी ....
मैने शमा को मेरे पीछे आने का इशारा किया और आवाज की दिशा में बड़ गया ....
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बहुत बढ़िया लिख रहे हो। जारी रखिये।
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हम आवाज की दिशा में अब उसके काफी पास पहुच गये थे , उन दोनो की पीठ हमारी तरफ थी और वो दोनो बेखबर सम्भोगरत थे । वो लड़की उसके ऊपर थी और उसके कूल्हे ऊपर नीचे हो रहे थे , मैने एक पेड़ की ओट में शमा को खींच लिया , वो आँखे फाड़े उनकी काम क्रीड़ा ही देख रही थी । उसकी कनपटी लाल हो गयी थी , लिंग तो मेरा भी अकड़ गया था । पर मेरे लिए ये जानना जरूरी था कि हम कहाँ हैं , यहां से वापिस कैसे जाना हैं । इसलिए मैं उन दोनो के चारो तरफ पड़े हुए उनके कपड़ो और समान को देख रहा था ।
शमा की ओर देखा तो वह सिर्फ उनकी रतिक्रिया देखने में ही व्यस्त थी , उसकी सांसे अनियंत्रित और भारी हो गयी थी । उसकी शादी को तीन महीने ही हुए थे । जबकि मेरी ना तो शादी हुई थी और ना ही कोई गर्लफ्रेंड थी ।
तभी मेरी नजर वहाँ रखे हुए भाले और तलवार पर पड़ी , ये कौन सा युग हैं , हम कितना पीछे आगये । मुझे कुछ सूझ ही नहीं रहा था ।
मैं भी अब उन दोनो की काम क्रीड़ा देखने लगा कि इनकी लीला सम्पन्न हो और मैं इनका पीछा करके पता कर सकूँ ।
अब वो लड़की अपने घुटनो पर थी और उस लड़के का लिंग उसकी योनि मर्दन करने में लगा था । उसके बड़े गोल सुडौल कूल्हों पर उसकी जंघाओं की थाप गूँज रही थी और लड़की की सिसकियाँ ।
तभी मेरे बगल में खड़ी हुई शमा की सिसकने की आवाज सुनाई दी , मैने देखा तो उसका एक हाथ उसकी योनि पर था कपड़ो के ऊपर से ही वो अपनी योनि सहला रही थी । उसकी नजर जैसे ही मुझ पर पड़ी वह एक दम शरमा गयी ।
तभी मुझे जोर से गुर्राने की आवाज सुनायी दी , एक भेड़ियों का झुण्ड उन दोनो पर झपट पड़ा था और वो निर्वस्त्र ही भाला और तलवार लेकर उन आठों भेड़ियों का मुकाबला कर रहे थे ।
अचानक से एक भेड़िया लड़की के नितंब पर खरोचता हुआ उसके आगे आगया , लड़की दर्द से बिलबिला उठी थी । वो संभल भी नहीं पायी थी कि दो और भेड़िए लड़की पर झपट पड़े । लड़की ने मानो अपनी उम्मीद खो दी और अपना सर उनके आगे झुका दिया था ।
वो भेड़िए लड़की तक पहुचते उसके पहले ही ..... धाँय .....धाँय ....दोनो भेड़िए ....अब सिर्फ एक ढेर थे ।
दोनो के सर हवा में बिखर गये थे और मैं उस लड़की और भेड़ियों की लाशों के बीच में था । वो लड़का भी पाँच भेड़ियों से अकेला जूझ रहा था । रिवाल्वर की आवाज से बाकी भेड़िए भाग निकले ।
दोनो लड़की और लड़का अपने कपड़ो पर झपट पड़े और अपना अपना बदन ढकने लगे ।
शमा ने सही किया वह अभी तक सामने नहीं आयी थी ....
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Nice update but too short
Pls give the longest update
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वो दोनो मेरे कपड़े हाथ में छोटी सी रिवॉल्वर , दो भेड़ियों की लाशें और बाकी भेड़िये जो भाग लिए थे , हैरानी से देख रहे थे ।
अचानक से मेरे पैरो पर गिर पड़े , वो मुझे क्या समझ रहे थे ये तो नहीं पता , लेकिन अब वो मुझे नुकसान तो बिल्कुल नहीं पहुचाने वले थे ।
"कौन हो तुम ? " मैने पूछा
उनको कुछ समझ ही नहीं आया , मतलब वो मेरी भाषा नहीं समझ पा रहे थे ।
वो लड़की ने कुछ कहा पर मैं भी समझ नहीं पाया ।
आखिर में शमा बाहर आ गयी , वो दोनो शमा को देख कर और भी दर गये।
उस लड़के को मैने इशारा किया कि डरे ना , जो वह समझ गया । उस लड़के ने हमें अपने साथ आने का इशारा किया ।
हम उन दोनो के पीछे हो लिए । घनी झाड़ियों से होते हुए महल के पास बने छोटे कमरों की कतार में एक थोड़ा बड़ा सा अलग दिखने वाला कमरा था जहां वो हमें ले गया ।
वो लड़की रास्ते से गायब हो गयी कहाँ गयी ये भी मैं नहीं देख पाया था ।
मैं और शमा उस लड़के के पीछे उस कमरे में पहुँच गये , वहाँ एक सफेद कपड़े पहने बुड्ढा सा एक आदमी बैठा था ।
"अच्छा हुआ जो तुम सही समय पर यहाँ आगये , मैने ही तुमको यहॉ बुलवाया हैं । " हमारे वहाँ पहुचते ही वह बुड्ढा बोला
उसको जैसे सब पता था ....