21-04-2026, 05:06 PM
[ ] हेलो दोस्तों मेरा नाम पवन यादव है , मेरा कॉलेज का एक दोस्त है उसका नाम विजेंद्र शर्मा है | हमने साथ-साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी एक ही कॉलेज से , एक ही ब्रांच में | उसके बाद हम दोनों की ही एक ही कंपनी में जॉब लग गई, हम दोनों की ही जॉब लोकेशन दिल्ली के पास गुडगाँव में पोस्टिंग हो गई | उसके बाद में हम दोनों ने साथ-साथ ज्वाइन किया और गुड़गांव में एक फ्लैट ले लिया रेंट पर | सब कुछ अच्छा चल रहा था हमारी जॉब अच्छी चल रही थी| हम दोनों साथ में मजे करते थे काफी जब नई-नई जॉब लगी थी तो हमारे पास में पहली बार पैसे आने लगे थे तो हम बहुत मस्ती करते थे, घूमने जाते थे अलग-अलग जगह पर साथ-साथ, बाहर भी हम जहां जहां पर भी घूमने जाते थे हमेशा साथ जाते थे | जैसे हम साथ साथ गोवा गए और भी हम बहुत जगह घूमने गए |
[ ] 1 दिन मेरे उसे दोस्त ने बोला कि दिल्ली दिल्ली एनसीआर मेंयहां पर लड़कियां आसानी से मिल जाती है | तो हमने हमारे फ्लैट पर ही कॉल गर्ल बुलाने का प्लान बनाया |
हमने हमारे एक दोस्त से बात की जो कि यह सब काम पहले भी कर चुका था और तो तो उसने हमारे लिए एक लड़की का अरेंज किया, उसे लड़की का नाम काजल था | लड़की से बात हो गई थी , दो लोगों के लिए फुल नाइट के उसने ₹15000 मांगे थे तो फाइनली ₹12000 में डील फाइनल हो गई | उसने बोला कि तुम मुझे पिक करोगे नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन से और सुबह वहीं पर ही छोड़ दोगे |
मेरा दोस्त उसको फ्लैट पर लेकर आया , जैसे ही मैंने दरवाजा खोला मैं उसको देखा ही रह गया | मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था इतनी सुंदर ऐसी लड़की एक कॉल गर्ल हो सकती है, उसको देखते ही मेरे दिमाग में ऐसे ऐसे ख्याल आने लग गए मैं उसकी नंगी रूप में इमेजिन करने लग गया उसका फिगर कपड़ों में इतना सेक्सी लग रहा था बाप रे बाप | उसने सलवार सूट पहना हुआ था , वह एकदम दुबली पतली ही थी, लेकिन boobs के उभार काफी दिखाई दे रहे थे |
आगे की कहानी भाग 2 में...
[ ] 1 दिन मेरे उसे दोस्त ने बोला कि दिल्ली दिल्ली एनसीआर मेंयहां पर लड़कियां आसानी से मिल जाती है | तो हमने हमारे फ्लैट पर ही कॉल गर्ल बुलाने का प्लान बनाया |
हमने हमारे एक दोस्त से बात की जो कि यह सब काम पहले भी कर चुका था और तो तो उसने हमारे लिए एक लड़की का अरेंज किया, उसे लड़की का नाम काजल था | लड़की से बात हो गई थी , दो लोगों के लिए फुल नाइट के उसने ₹15000 मांगे थे तो फाइनली ₹12000 में डील फाइनल हो गई | उसने बोला कि तुम मुझे पिक करोगे नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन से और सुबह वहीं पर ही छोड़ दोगे |
मेरा दोस्त उसको फ्लैट पर लेकर आया , जैसे ही मैंने दरवाजा खोला मैं उसको देखा ही रह गया | मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था इतनी सुंदर ऐसी लड़की एक कॉल गर्ल हो सकती है, उसको देखते ही मेरे दिमाग में ऐसे ऐसे ख्याल आने लग गए मैं उसकी नंगी रूप में इमेजिन करने लग गया उसका फिगर कपड़ों में इतना सेक्सी लग रहा था बाप रे बाप | उसने सलवार सूट पहना हुआ था , वह एकदम दुबली पतली ही थी, लेकिन boobs के उभार काफी दिखाई दे रहे थे |
आगे की कहानी भाग 2 में...


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