27-01-2026, 11:49 AM
रागिनी की शादी को बीस साल हो चुके थे , अब उसका हस्बैंड एक ही तरीके से सेक्स कर कर के बोर हो चुका था। एक दिन किशोर ने रागिनी को हॉट करते हुए सलाह दी।
"बेब क्यों ना हम अपनी सेक्स लाइफ थोड़ी एक्ससिटिंग बनाये "।
रागिनी भी भरी बैठी थी , उसने तुरंत पुछा "कैसे ??"
जवाब में किशोर ने बोला "क्यों ना अपने बड़े वाले को इस खेल में शामिल कर ले , वो वैसे भी अब बीस का हो गया है "
सुनकर रागिनी पीछे मुड़ी और आँख फाड़ कर किशोर की बात सुनने लगी
किशोर ने कहा "मुझे ऐसे घूर के मत देखो , मैंने तुम दोनों के खेल किचन में बहुत देखे हैं "
रागिनी थोड़ी थी सेहम गयी !?
किशोर अब सब बताता चला गया...
किशोर : "मैंने कई बार देखा है तुम किचन में जब खाना बनती हो , विक्की वह कुछ सामान लेने के बहाने पीछे से खूब घिसता है "
" और तुम अनजान बानी वही अपनी गांड उठा कर खड़ी रहती हो "
" पूरा खेल काफी देर चलता है , जब तक विक्की का लुंड तुम्हारे गांड के बीच समां नहीं जाता "
रागिनी : "बस बस ...क्या क्या बोले जा रहे हो आप "
किशोर : "और उस दिन तो हद ही हो गयी , जब विक्की मासूम बन के बोला"
"विक्की : मम्मी बचपन में कैसे में आपका दूध पिता था , अब मुझे कोई पानी को नहीं पूछता "
" और तुमने झट उसके सर को सहलाते हुए , खुद ही दूध पिलाने की बात की "
" विक्की ने तुरंत तुम्हारे ब्लाउज को सहलाते हुए , स्तन बहार खींच लिया और चूसने लगा "
रागिनी : "उफ्फ्फ्फ़ हे भगवन आज आप कैसे पागलो जैसे बाते कर रहे हैं "
किशोर : "देखो रागिनी मैंने सब देख लिया है अब नाटक करने का कोई फायदा नहीं "
"मैंने अलग से विक्की से बात की है , वो तो तैयार है हमारे साथ जुड़ने में "
रागिनी : "उह अच्छा में तो बस उसे माँ बनकर थोड़े ममता दिखा रही थी "
किशोर : "वो रेडी है , कमरे के बहार ही खड़ा है , पर शर्मा रहा है तो मैंने बोला तू आँख पर पट्टी बाँध ले "
" में उसे अंदर लेके आता हु , तुम उसे एक मर्द की तरह ही ट्रीट करना "
किशोर : "डरो मत रागिनी , आगे भाड़ो "
" देखो तुम्हारा बेटा कितना बड़ा हो गया है "
रागिनी : " उम्म्म कितना मोटा है ये , आपसे भी बड़ा है इसका उफ्फ्फ्फ़ "
किशोर : "हाँ रागिनी आजतक तो बस पीछे से सेहला कर इच्छा दबा ली , आज तुम इसके साथ खेलने का मौका मिला है "
किशोर : "शाबाश रागिनी अपने बेटे के लौड़े को फील करो "
" हाथ में लेके सेहलाओ , देखो विक्की अभी से कराहने लगा "
रागिनी : " उफ्फ्फ्फ़ किशोर मुझसे नहीं होगा , इसके लिंग का साइज मुझे मदहोश कर रहा है "
किशोर : "हाहाहा अभी कैसे मदहोशी , अब तो तुम इसे घंटे भर तक प्यार करना है "
" अपने होठो और जीभ से , निचे बैठो रागिनी , और अपने बेटे का लौड़ा मुँह में लो "
[ किशोर रागिनी को फाॅर्स करके निचे बिठाता है और जबरदस्ती उसका मुँह लुंड की और मोड़ता है ]
रागिनी : " उम्म्म नहीं नहीं ये सब गलत है "
[ कहते कहते रागिनी खुद ही लुंड सहलाते हुए उसे मू में भर लेती है और आँखे मूँद कर एक भूखी माँ की तरह उस तंदुरुस्त लौड़े पर टूट पड़ती
है ]
[ अपना मू पूरा बड़ा करके लुंड पूरा गले तक उतार लेती है ]
रागिनी : "ऊऊऊ गप्प्प सलूरररप सलूररररप्प "
[कभी उसे बहार निकलकर अपनी मोती लम्बी जीभ से लुंड के हर भाग को चाट चाट कर उसका स्वाद लेती है ]
रागिनी : "उम्म्म पुच्च पुच्च चाट चाट चाट !"
[ रागिनी ने विक्की के लुंड का स्वाद बोहोत देर तक चखा और अंत में विक्की ने अपनी गाढ़ी मलाई अपनी माँ के मुँह में ही छोड़ दी]
विक्की : "आआआ आआ आ मम्मी आआ "
[ रागिनी जरा भी नहीं झिझकी उसके वीर्य को स्वाद लेकर निगलने में और आँख मूँद कर अपनी पंद्रह मिनिट की मेहनत का फल पी गयी ]
[ माल खली करते झटके खाते हुए लुंड को अपने मुँह में दबोचे रागिनी ऊपर विक्की की आँखों में देखते हुए उसका लुंड अभी भी चाटने में जुटी थी ]
किशोर : " शाबश रागिनी तुमने अपने बेटे को मस्त कर दिया ! "
" विक्की आज से ये तेरी भी बीवी है , तुजे जब जो करना हो बेझिझक कर लेना "
विक्की : "थैंक यू पापा "
[अब तो विक्की का रागिनी पर हक़ सा हो गया था , वो जब चाहता उसे अपने कमरे में बुला लेता ]
रागिनी : "ओह्ह कॉलेज से आगया बेटा !"
विक्की : "चल ना बैडरूम में कुत्तिया !!"
[और हाथ खींचते हुए बैडरूम में ले जाकर उसे बेड पर धक्का देता है और खुद ऊपर चढ़ कर उसे कुत्ते की तरह चोधने लगता है ]
[रागिनी भी बस सिसकारियां लेती हुई अपने नए पति का साथ देती है ]
[ ऋषभ को ज़्यदा देर नहीं लगी रागिनी की साडी उठा कर अपनी उंगलियों से चूत खोजने में ]
ऋषभ : "विक्की ने बोला था , पहले साली को थोड़ा गरम कर देना फिर मस्त मजा देगी "
[ ऋषभ की बाते सुनके रागिनी को अचरज नहीं लगा , उसे पता था वो यहाँ क्यों आया है , वो बस बेजान डॉल के तरह ऋषभ को अपनी मनमानी करने दे रही थी ]
"बेब क्यों ना हम अपनी सेक्स लाइफ थोड़ी एक्ससिटिंग बनाये "।
रागिनी भी भरी बैठी थी , उसने तुरंत पुछा "कैसे ??"
जवाब में किशोर ने बोला "क्यों ना अपने बड़े वाले को इस खेल में शामिल कर ले , वो वैसे भी अब बीस का हो गया है "
सुनकर रागिनी पीछे मुड़ी और आँख फाड़ कर किशोर की बात सुनने लगी
किशोर ने कहा "मुझे ऐसे घूर के मत देखो , मैंने तुम दोनों के खेल किचन में बहुत देखे हैं "
रागिनी थोड़ी थी सेहम गयी !?
किशोर अब सब बताता चला गया...
किशोर : "मैंने कई बार देखा है तुम किचन में जब खाना बनती हो , विक्की वह कुछ सामान लेने के बहाने पीछे से खूब घिसता है "
" और तुम अनजान बानी वही अपनी गांड उठा कर खड़ी रहती हो "
" पूरा खेल काफी देर चलता है , जब तक विक्की का लुंड तुम्हारे गांड के बीच समां नहीं जाता "
रागिनी : "बस बस ...क्या क्या बोले जा रहे हो आप "
किशोर : "और उस दिन तो हद ही हो गयी , जब विक्की मासूम बन के बोला"
"विक्की : मम्मी बचपन में कैसे में आपका दूध पिता था , अब मुझे कोई पानी को नहीं पूछता "
" और तुमने झट उसके सर को सहलाते हुए , खुद ही दूध पिलाने की बात की "
" विक्की ने तुरंत तुम्हारे ब्लाउज को सहलाते हुए , स्तन बहार खींच लिया और चूसने लगा "
रागिनी : "उफ्फ्फ्फ़ हे भगवन आज आप कैसे पागलो जैसे बाते कर रहे हैं "
किशोर : "देखो रागिनी मैंने सब देख लिया है अब नाटक करने का कोई फायदा नहीं "
"मैंने अलग से विक्की से बात की है , वो तो तैयार है हमारे साथ जुड़ने में "
रागिनी : "उह अच्छा में तो बस उसे माँ बनकर थोड़े ममता दिखा रही थी "
किशोर : "वो रेडी है , कमरे के बहार ही खड़ा है , पर शर्मा रहा है तो मैंने बोला तू आँख पर पट्टी बाँध ले "
" में उसे अंदर लेके आता हु , तुम उसे एक मर्द की तरह ही ट्रीट करना "
किशोर : "डरो मत रागिनी , आगे भाड़ो "
" देखो तुम्हारा बेटा कितना बड़ा हो गया है "
रागिनी : " उम्म्म कितना मोटा है ये , आपसे भी बड़ा है इसका उफ्फ्फ्फ़ "
किशोर : "हाँ रागिनी आजतक तो बस पीछे से सेहला कर इच्छा दबा ली , आज तुम इसके साथ खेलने का मौका मिला है "
किशोर : "शाबाश रागिनी अपने बेटे के लौड़े को फील करो "
" हाथ में लेके सेहलाओ , देखो विक्की अभी से कराहने लगा "
रागिनी : " उफ्फ्फ्फ़ किशोर मुझसे नहीं होगा , इसके लिंग का साइज मुझे मदहोश कर रहा है "
किशोर : "हाहाहा अभी कैसे मदहोशी , अब तो तुम इसे घंटे भर तक प्यार करना है "
" अपने होठो और जीभ से , निचे बैठो रागिनी , और अपने बेटे का लौड़ा मुँह में लो "
[ किशोर रागिनी को फाॅर्स करके निचे बिठाता है और जबरदस्ती उसका मुँह लुंड की और मोड़ता है ]
रागिनी : " उम्म्म नहीं नहीं ये सब गलत है "
[ कहते कहते रागिनी खुद ही लुंड सहलाते हुए उसे मू में भर लेती है और आँखे मूँद कर एक भूखी माँ की तरह उस तंदुरुस्त लौड़े पर टूट पड़ती
है ]
[ अपना मू पूरा बड़ा करके लुंड पूरा गले तक उतार लेती है ]
रागिनी : "ऊऊऊ गप्प्प सलूरररप सलूररररप्प "
[कभी उसे बहार निकलकर अपनी मोती लम्बी जीभ से लुंड के हर भाग को चाट चाट कर उसका स्वाद लेती है ]
रागिनी : "उम्म्म पुच्च पुच्च चाट चाट चाट !"
[ रागिनी ने विक्की के लुंड का स्वाद बोहोत देर तक चखा और अंत में विक्की ने अपनी गाढ़ी मलाई अपनी माँ के मुँह में ही छोड़ दी]
विक्की : "आआआ आआ आ मम्मी आआ "
[ रागिनी जरा भी नहीं झिझकी उसके वीर्य को स्वाद लेकर निगलने में और आँख मूँद कर अपनी पंद्रह मिनिट की मेहनत का फल पी गयी ]
[ माल खली करते झटके खाते हुए लुंड को अपने मुँह में दबोचे रागिनी ऊपर विक्की की आँखों में देखते हुए उसका लुंड अभी भी चाटने में जुटी थी ]
किशोर : " शाबश रागिनी तुमने अपने बेटे को मस्त कर दिया ! "
" विक्की आज से ये तेरी भी बीवी है , तुजे जब जो करना हो बेझिझक कर लेना "
विक्की : "थैंक यू पापा "
[अब तो विक्की का रागिनी पर हक़ सा हो गया था , वो जब चाहता उसे अपने कमरे में बुला लेता ]
रागिनी : "ओह्ह कॉलेज से आगया बेटा !"
विक्की : "चल ना बैडरूम में कुत्तिया !!"
[और हाथ खींचते हुए बैडरूम में ले जाकर उसे बेड पर धक्का देता है और खुद ऊपर चढ़ कर उसे कुत्ते की तरह चोधने लगता है ]
[रागिनी भी बस सिसकारियां लेती हुई अपने नए पति का साथ देती है ]
[ ऋषभ को ज़्यदा देर नहीं लगी रागिनी की साडी उठा कर अपनी उंगलियों से चूत खोजने में ]
ऋषभ : "विक्की ने बोला था , पहले साली को थोड़ा गरम कर देना फिर मस्त मजा देगी "
[ ऋषभ की बाते सुनके रागिनी को अचरज नहीं लगा , उसे पता था वो यहाँ क्यों आया है , वो बस बेजान डॉल के तरह ऋषभ को अपनी मनमानी करने दे रही थी ]


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