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Adultery लफ़्ज़ों से कहाँ बयां हो पाता है हाले दिल...
#21
तड़प है,कसक है,खलिश है,और सजा है...

कौन कमबख्त कहता है,इश्क बे-मजा है...

[Image: FB-IMG-1766299880221.jpg]
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#22
अगली सुबह सरिता ने मुस्कुराते हुए उससे पूछा- रात को तेरे कमरे से कुछ आवाज आ रही थी! शायद तूने टीवी पर कोई पोर्न लगा ली थी … तो पगली आवाज थोड़ी धीमी कर लिया किया कर!


रिशा ने भी कह दिया- मैं नीचे पानी लेने आई थी तो आपका कमरा हिल रहा था.

सरिता हंस दी और बोली- लाला जी चढ़ाई की कोशिश कर रहे थे … पर बार बार फिसल जा रहे थे, तो मैंने ही चढ़ाई कर ली थी. पर लालाजी से प्यास बुझाई तो जाती नहीं है, उलटे भड़का और देते हैं. मैं सोच रही थी तेरे पास आ जाऊं … पर लालाजी ने कमरे की चिटकनी कसके बंद कर दी थी, जो मुझसे खुली ही नहीं.

रिशा की तो यह सुन कर जान निकलते निकलते बची. वह सोच रही थी कि दीदी अगर ऊपर आ जातीं तो क्या होता!

रिशा ने सरिता से कहा- मेरे से तो अब बर्दाश्त नहीं होता. मैं सोचती हूँ कि भाग जाऊं या अजय को तलाक दे दूं.

सरिता सुन कर सन्न रह गयी.

वह रिशा का हाथ पकड़ कर कमरे में ले गयी और कमरा बंद करके उससे चिपट गयी.


दोनों रोने लगीं.

सरिता ने उससे कहा- कहां जाएगी पगली. दुनिया तुझे नोंच खसोट लेगी. यहां जब हम दोनों रानियों की तरह रह रही हैं. बस शरीर की आग नहीं बुझ रही है, तो हमें बर्दाश्त करना होगा … और यहीं रहकर कोई रास्ता निकालेंगी.
दोनों आपस में लिपट कर एक दूसरे को संभालने लगीं. रिशा ने सरिता के होठों को चूमना शुरू किया.

सरिता ने उससे कहा- अभी शांत हो, आज रात को दोनों साथ सोयेंगी. गर्मी मिटाने को मैं कुछ लाऊंगी अपने साथ! रिशा हंस पड़ी.

दिन में राजू रिशा के सामने आने से बचता रहा.

दोपहर को जब खाना खाने आया तो रिशा ने उसकी खाने में मिर्च ज्यादा ही तेज कर दी.

राजू ने जैसे ही निवाला मुँह में रखा तो उसकी आह निकल गयी.


पास खड़ी सरिता बोली- क्या हुआ?

राजू धीरे से बोला- शायद सब्जी कुछ तीखी ज्यादा है

रिशा हँसती हुई बोली- अभी लालाजी खा कर गए हैं, उन्होंने तो कुछ नहीं कहा. तूने कुछ गर्म ले लिया होगा मुँह में, तो तेरा मुँह कट गया है.

यह कह कर उसने सरिता से नजर बचाकर राजू को आंख मार दी.

राजू ने जैसे तैसे खाना खाया.

फिर रिशा ने उससे कहा- ऊपर मेरे कमरे में आ जाना, ग्लिसरीन दे दूँगी. वह मुँह में लगा लेना, आराम मिल जाएगा.

यह कहकर वह ऊपर कमरे में चली गयी.
पीछे पीछे सरिता ने राजू को जबरदस्ती भेज दिया- जा, भाभी से ग्लिसरीन ले आ, नहीं तो परेशान रहेगा.


ऊपर कमरे में उसके पहुंचते ही रिशा उससे चिपट गयी और ताबड़तोड़ चूमने लगी. रिशा ने उसके पजामे के ऊपर से ही उसका लंड कसके पकड़ लिया और मसलने लगी.
राजू गिड़गिड़ाया- भाभी ज़ी अभी जाने दो. लालाजी राह देख रहे होंगे. राजू के लन को हाथो में पकड़ रिशा बोली कल रात से जब से इसको चूत में लिया है इसने मेरा सारा चैन लूट लिया है। और कुछ ना सही कम से कम दो मिनट चूस तो लेने दे. राजू का पायजामा नीचे सरका रिशा ने झट से राजू के तन्ने लौड़े को मूंह में भर लिया और खूब मजे से चूसने लगी। राजू की तो जैसी जान की हलक में फंसी पड़ी थी लेकिन रिशा के मुंह की गर्मी के आगे वो ज्यादा देर तक रुक नहीं पाया और पांच मिनट में ही अपनी ढेर सारी मलाई से रिशा का मुंह भर दिया जिसे रिशा भी पूरे चटकारे लेते हुए पी गई. उसके बाद वो दोनों नीचे आ गए.
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#23
रात को खाने से निबटकर सरिता ने लालाजी को कह दिया- आज रात मैं रिशा के पास सोऊंगी, मेरा जी खराब हो रहा है.


लालाजी भी समझते थे.

वे सरिता से बोले- अबकी बार जब अजय आए, तो उसे समझाओ कि वह नौकरी छोड़ दे. यहां क्या कमी है!

सरिता ऊपर चली गयी. रिशा उसका इंतज़ार कर रही थी. उसने किवाड़ बंद कर लिया और रिशा के साथ बिस्तर पर बैठ गयी. सरिता के हाथ में थैले में कुछ था.

रिशा ने जानना चाहा, तो सरिता हंस दी और बोली- अभी दिखा दूंगी. तब रिशा ने अपनी अल्मारी से दो नाइटी निकालीं जो उसने नीचे से कटवा ली थीं.

मतलब वह बहुत शॉर्ट नाइटी बन गयी थीं. रिशा सरिता से बोली- आप फ्रेश होकर इसे पहन लेना.

सरिता हंस पड़ी और बोली- इसकी भी क्या जरूरत है हमें! पर रिशा ने जिद की तो दोनों ने पहन ली. अब दोनों किसी सहेलियों की तरह नजर आ रही थीं. हँसते खिलखिलाते दोनों बेड पर पसर गईं और टीवी देखने लगीं.


रिशा की चूत सुलग रही थी.

उसने धीरे धीरे अपने पैरों को सरिता के ऊपर रगड़ना शुरू कर दिया. सरिता असहज हुई और बोली- थोड़ा सब्र तो रख!

इस पर रिशा ने उसका मुँह अपनी ओर किया और लगी चूमने!
इसके बाद जो होना था, वही हुआ.

दोनों की नाइटी उतर गईं और दोनों एक दूसरे के जिस्म से खेलने लगीं. सरिता के मम्मे भारी थे. रिशा उसके निप्पल चूसने लगी और दांतों से काटने लगी. अब सरिता की चूत भी फुंफकार मारने लगी. उसने रिशा को अपने ऊपर कर लिया.

रिशा अपनी चूत से उसकी चूत रगड़ने लगी. दोनों कसमसा रही थीं. सरिता ने पास रखे थैले से एक बहुत मोटी मोमबत्ती निकाली जिसके दोनों सिरे उसने लंड के सुपारे की तरह घिस रखे थे. सरिता ने थूक लगा कर उसका एक सिरा रिशा की चूत में कर दिया और अन्दर बाहर करने लगी.

रिशा तो पागल जैसी हो गयी. मोमबत्ती उसे राजू के लंड जैसा मजा दे रही थी. वह हांफने लगी.

अब सरिता ने दूसरा सिरा अपनी चूत में किया और दोनों बगल बगल लेटकर एक दूसरे को धक्के लगाने लगीं. दोनों के होंठ मिले हुए थे.


मोमबत्ती तो मोमबत्ती ही होती है, उससे लंड सा मजा कहां.

तब भी दोनों तड़पती हुई मोमबत्ती से मजा लेती रहीं.


रिशा बोली- दीदी, तुम तो लालाजी के औज़ार से खेल लेती हो, मैं क्या करूँ. कब तक अपने दाने को हाथ और खीरे से मसलती रहूँ. अपन दोनों को तो एक असल का मर्द चाहिए.

सरिता चुप रही. तो आखिर में रिशा ने उसे कल रात की पूरी बात बता दी.
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#24
[Image: IMG-5621.jpg]
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#25
रिशा सरिता से चिपट गयी और बोली- दीदी, मेरी गलती है, पर क्या करूँ. मैं तो शादी से पहले भी बहुत चुदासी थी, सहेलियों की बात सुन सुन कर चूत भड़क जाती थी, पर फिर भी ब्याह होने का इंतज़ार किया. ब्याह हुआ पर आदमी भी केवल नोच खसोट कर चला जाता है. कुछ प्यार-व्यार नहीं हैं हम दोनों में. वह कहता है, बच्चा कर लो. मैंने शर्त रखी है कि जब तुम साथ रहोगे, तभी करूँगी. इन मर्दों का भरोसा नहीं कि कब इल्जाम लगा दें कि बच्चा हमारा नहीं है.
कल रात पहली बार राजू से चुद कर मुझे एक मर्द से चुदने का सही एहसास हुआ है। पहली बार ये एहसास हुआ कि ऑर्गेज्म क्या होता है। हाय दीदी क्या बताऊ तुम्हें कितना तगड़ा लंड है उसका। पहाड़ी आलू के जैसा मोटा सुपाड़ा और मेरी कलाई जितना लंबा और मोटा काला लंड।

उफ्फ मेरी तो सोच के ही पूरे बदन में फिर से सिरहन हो रही है. कल रात सिर्फ एक बार चोद के ही उसने मुझे ठंडा कर दिया और मेरी प्यास बुझा दी। मेरी कितनी बार चुदी बुर भी उसका लौड़ा सहन ना कर पाई और मेरी चीखे निकलवा दी हरामी ने. हमें ठंडा करना हमारे मर्दों के बस की बात नहीं है। मेरी मानो तो एक बार तुम भी उसके लौड़े की सवारी कर लो और अपनी प्यासी चूत को ठंडा करवा लो सरिता की चूत भी राजू के लंड की बात सुनकर गीली हो गयी थी. असल में उसने भी कई बार राजू के लंड के उभार को महसूस किया था.
उसने रिशा से राजू और उसकी चुदाई की सारी बातें पूछी और आखिर में वह रिशा से चिपटती हुई बोली- तूने तो कमाल का काम किया है. अब अकेली तू ही नहीं, मैं भी अपनी चूत रगड़वाउंगी उससे! मैं तेरी बात से पूरी तरह सहमत हूं हमारे मर्दो को भी समझना होगा की आप जितना मर्जी चारा डालो लेकिन अगर आपके डंडे में दम नहीं है तो आपकी भैंस का दूध कोई और ही निकलेगा. सरिता की बात सुन रिशा खुश हो गई

इस पर दोनों ने एक प्लान बनाया.
अगले दिन रिशा ने राजू को पैसे दिए और एक कागज़ पर लिखकर बाज़ार से हेयर रेमूविंग क्रीम मंगवाई.

राजू चुपके से वह क्रीम ले आया.

राजू ने पूछा भाभी ये क्रीम किसके लिए है तो रिशा ने हंसकर जवाब दिया कि मेरे राजा आज इस क्रीम से अपनी चूत से सारे बाल हटकर उसे पूरी तरह से चिकना और मुलायम कर दूंगी ताकि तूजे मेरी चूत चाटने में कोई दिक्कत ना हो .रिशा ने एक क्रीम की शीशी उसे भी देकर अपनी झांटे साफ करने को कहा। रिशा ने उसे समझाया कि इस्तेमाल कैसे होती है और कह दिया कि रात को दस बजे के बाद सबके सोने के बाद नहा धोकर उसके कमरे में आ जाए.
रात को रिशा खाने से जल्दी फारिग होकर अपने कमरे में आ गयी और नहाकर एक हल्की सी फ्रॉक डालकर लेट गयी. उस पारदर्शी फ्रॉक में वो गजब ढा रही थी और उसके बदन का हर एक अंग पूरा नुमाया हो रहा था

आते समय उसने आंखों ही आंखों में सरिता को इशारा कर दिया.

[Image: IMG-5719.jpg]

किचन से निबटकर सरिता कमरे में आई तो लालाजी शराब का गिलास लिए बैठे थे.

आज सरिता ने लालाजी से शराब को लेकर कुछ नहीं कहा, बल्कि पैग ख़त्म होने पर एक बड़ा पैग खुद ही बना कर दे दिया. लालाजी हैरान थे कि आज सूरज पश्चिम से कैसे उग गया!

सरिता बोली- पीकर तुम अच्छे से करते हो इसलिए!

लालाजी तो निहाल हो गए.

[Image: IMG-5755.jpg]
दो पैग चढ़ा कर लाला ने सरिता के ऊपर चढ़ने की कोशिश तो की लेकिन चूत के मुँह पर लौड़ा लगाते ही लालाजी के लौड़े ने दम तोड़ दिया और अपनी झेंप मिटाने के लिए एक और फिसल गए और जल्दी ही खर्राटे लेने लगे.
सरिता का दिल तो किया कि साले का गला दबा कर काम ख़त्म कर दे। बुड्ढा हमेशा गरम करके बीच में ही टपक जाता है . लेकिन राजू और रिशा का ख्याल आते ही उसके चेहरे में एक मुस्कान आई और वो आगे की तैयारी करने लगी। उधर राजू ने जब सरिता को किचन से बाहर जाते देखा तो वह चुपके से रिशा के कमरे में पहुंच गया. जवान रिशा की कसी हुई रसीली चूत ने उसके लंड का बुरा हाल कर रखा था और वो सुबह से तन गया था
रिशा ने उसे अन्दर करके दरवाजा भेड़ लिया.

तभी रिशा ने कमरे की लाइट बंद की और दोनों चूमाचाटी करने लगे. आज कोई जल्दी नहीं थी. पर राजू घबरा रहा था.
रिशा ने उसे उकसाया- तेरी क्यों फट रही है भोसड़ी के … आराम से कर न! थोड़ी देर में राजू सामान्य हो गया. वो अब इत्मिनान से रिशा के हर अंग का नाप अपनी हथेली से लेने लगा. रिशा की सुडोल चूचियो के अपने दोनों हाथों से मसल रहा था और बीच बीच में फ्रॉक के ऊपर से ही रिशा की गोल और चौड़ी गांड का भी मर्दन कर रहा था. राजू का लंड भी पजामे के अंदर से ही पूरा खड़ा उसकी चूत पे दस्तक दे रहा था जिसकी वजह से रिशा की चूत भी अब पूरी गिल्ली हो रही थी



रिशा ने राजू के पजामे में हाथ डाला तो पाया कि राजू ने अच्छे से सफाई कर ली है; उसका लंड चिकना हो गया था और इस समय तना हुआ था.

तब रिशा ने राजू का पजामा उतार दिया और उसका लंड अंडरवियर से बाहर निकल लिया फिर वो नीचे घुटनों पर बैठ कर लंड का मुयाना करने लगी. झांटे साफ करने के कारण आज लंड काफी बड़ा लग रहा था . चमड़ी पीछे कर के उसने लंड का टोपा बाहर निकाल लिया। लंड का टोपा आज कल से भी मोटा लग रहा था और प्रीकम से चमक रहा था। रिशा खुद को रोक ना पाई और लंड मुँह मैं लेकर चूसने लगी. होठों का स्पर्श होते ही राजू की सिसकियाँ निकल गयीं. आह उफ़ आह करता हुआ वो पूरा लंड आह उफ़ आह करता हुआ वो पूरा लंड रिशा के मुँह में घुसाने की कोशिश कर रहा था। रिशा ने भी उसे निराश नहीं किया और टट्टो के साथ उसके पूरे लंड पर अपनी जीभ चलाने लगी

रिशा के हाथों में राजू का औज़ार मचल रहा था.

उसने उसे थूक से भिगो दिया था और वह उसे मसल रही थी
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#26
अब राजू भी बेधड़क हो गया था. अब पूरे इत्मिनान से रिशा का सिर पकड़ कर उसके मुँह को चोद रहा था और लंड के धक्के उसके गले तक मार रहा था। रिशा गू गू करती हुई राजू के लंड के धक्के को झेल रही थी. उसके मुँह से बह रही लार से लंड पूरा भीग चुका था.


कुछ देर बाद उसने रिशा को खड़ा किया और उसकी फ्रॉक उतार दी और रिशा को पूरा नंगा कर दिया.

साथ ही अपनी कमीज भी. उतार दी अब दोनों एकदम नंगे थे.


कमरे में बाहर से हल्की सी रोशनी आ रही थी.

खड़ा खड़ा ही राजू रिशा के मम्मे चूमने चूसने लगा. इतने गोरे और सुडोल मम्मे आज तक उसने कभी नहीं देखे थे. वो पागलों की तरह उन्हें निचोड़ने और काटने लगा। रिशा को थोड़ा दर्द का एहसास हुआ लेकिन साथ में एक अजीब से मजा और नशा उस पर हावी होने लगा

रिशा के इशारे पर उसने रिशा की चूत में उंगली भी कर रखी थी.

अब रिशा अपनी चूत चुसवाना चाह रही थी तो वह बेड पर टांगें फैला कर लेट गयी.


उसने राजू को भी अपने पास घसीट कर उसका सर अपनी टांगों के बीच कर दिया.

राजू समझ गया कि रिशा उससे क्या चाहती है.

उसने अपनी जीभ रिशा की चूत की फाँकों के बीच में कर दी. रिशा की आहें निकलनी शुरू हो गयीं. उसकी फुद्दी लगतर पानी बहाने लगी

चूत चूसते चूसते राजू ने उसकी चूत थूक से भर दी.

अब राजू का मूसल भी टन टना रहा था और अन्दर आने को बेताब था.
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#27
उसने बेड के नीचे खड़े होकर रिशा को अपनी ओर खींचा और उसकी टांगें फैला कर अपना सुपाड़ा चूत के मुँह पर रख दिया। रिशा की आँखों में देखते हुए उसने अपने लौड़े को हल्का सा धक्का देकर अपने लंड का सुपाड़ा चूत के अंदर कर दिया. रिशा की हल्की सी चीख निकल गई . रिशा को ना जाने क्यों उसका लंड कल रात से ज्यादा मोटा लग रहा था. उसने राजू को पीछे ढकेलने की कोशिश की, लेकिन राजू ने मजबूती से उसकी बाजू पकड़ कर अपना मूसल एक ही धक्के में पेल दिया. रिशा के मुंह से दुबारा जोर की चीख निकल गई जो सरिता ने तो सुनी..अगर लाला जी जाग रहे होते तो वो भी अवश्या सुन लेते. मादरचोद अपने बाप का माल समझ रखा है या कोई रंडी समझ लिया है जो एक ही धक्के में ये मूसल मेरी चूत में घुसेड़ दिया है तूने…रिशा गुस्से से राजू को ढकेलते हुए बोली.


क्या करूं भाभी...आपको देख कर खुद को रोक नहीं पाया लेकिन अब आराम से करूंगा. पांच दस मिनट की चुदाई में रिशा की चूत ने अपना रस छोड़ना चालू कर दिया और अब रिशा को भी राजू के जोरदार धक्के से मजा आने लगा था

राजू अब रिशा के होठों को अपने होठों पर दबा कर दनादन अपना लंड पूरी ताकत के साथ चूत में पेल रहा था

राजू के अब दमदार धक्के लगने से चूत ने भी पानी छोड़ दिया था और अब चीखो की जगह सिसकियो ने ले ली.

राजू का मजबूत लंड रिशा की चूत की गहराइयां नाप रहा था. राजू बोला भाभी तुम्हारी चूत तो अभी भी बहुत टाइट है। लगता है भैया ने ठीक से ठुकाई नहीं करी। रिशा झट से बोल पड़ी..अगर तुम्हारे भैया ने ठीक से ठुकाई करी होती तो आज ऐसे तेरे नीचे नंगी नहीं पड़ी होती.
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#28
[Image: 89723234-123-cf8d.jpg]

रिशा पीछे को खिसकी और उसने राजू को बेड पर अपने ऊपर खींच लिया. अब रिशा ऊपर आना चाह रही थी पर राजू की मजबूत पकड़ के आगे उसकी एक न चली.

राजू ने उसकी टांगें ऊपर कर अपने कंधों पर रख दीं और रेलम पेल करने लगा.

दमदार धक्कों और स्पीड से रिशा की चुदाई एक्सप्रेस फुल स्पीड पर थी. उसकी पाजेब छनछन की तेज आवाज कर रही थी. राजू अब अपना दमदार चुदाई से चूत की धज्जियाँ उड़ा रहा था। उसके पति ने भी इतनी तेज कभी चुदाई नही की थी , राजू रिशा की चूत को इतनी तेज चोद रहा था की चूत के होठ खुल और बंद हो रही थी, और रिशा अपनी चूत को मसलते हुए उंह,उंह,उंहहूँहूँहूँ,,,,हमममम,,,,,अहह्ह्ह्हह,,,,,अईअईअ और जोर से चोदो मुझे और कसकर चोदो मुझे.. बड़बड़ा रही थी.

राजू बीच बीच में उसके मम्मे मसल देता. रिशा मस्ती के सागर में गोते खा रही थी। चुदाई का ऐसा सुख उसे पहले कभी नहीं मिला था

राजू. बस ऐसे ही चोद अपनी भाभी को....क्या मस्त लंड है तेरा और क्या जबरदस्त चुदाई करता है तू। ऐसी चुदाई करना कहाँ से सिखा तूने. उफ्फ... मेरी जान ऐसी ऐसी पोजिशन कहा से सीखते हो, एकदम चूत की दीवार को रगड़ता हुआ चूत के आखिरी छोर से टकरा रहा है तेरा लन उफ्फ.. मेरा सोना, कितनी दर्द भरी चौदाई करते हो …मजा आ जाता है उफ्फ इतने तेज तेज शॉट मारते हो कि पूरा बदन हिल जाता है. रिशा जानभूज़ के ऐसी बातें कर राजू को उक्सा रही थी ताकि वो और दमदार तरीके से उसकी चुदाई कर उसे तृप्त कर सके.[b]. तभी अचानक से किवाड़ खुला. सरिता कमरे के भीतर आ गयी थी.[/b]
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#29
तुम आओ ,
क्रिसमस हो !

शाम सुहानी ,
दिलकश हो !!

#

[Image: FB-IMG-1766647159122.jpg]
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#30
कौन कहता है हुज़ूर
इश्क़ का ख़ुमार
दिसंबर, जनवरी या फ़रवरी में चढ़ता है
उसकी एक नज़र ही काफ़ी है
मौसम मोहब्बत का लाने के लिए…

[Image: FB-IMG-1766799237996.jpg]
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#31
अब आगे…..
उसने लाईट जलाई तो रिशा और राजू नंग-धड़ंग थे और चुदाई में लगे थे. वहाँ पास ही बिस्तर पर रिशा की ब्रा और पैंटी पड़े हुए थे. राजू का लंड रिशा की चूत में पूरा घुसा हुआ था और रिशा की चूत की धुनाई कर रहा था . रिशा मस्ती में कराहती हुई चुदाई का आनंद उठा रही थी .



सरिता को आपने सामने यूं देख राजू की तो सिटी पिट्टी गुम हो गई राजू एक झटके से उतरा और अपना पजामा उठा कर अपने लंड को छिपा लिया. इधर रिशा ने भी अपना नंगा जिस्म चादर से ढक लिया. राजू तो डर के मारे कांप रहा था.

सरिता ने उसे एक झापड़ लगाया. …कमीने जिस थाली में खाता है उसमें छेद करता है और रिशा क्या है सब और कब से चल रहा है ये खेल तुम दोनों के बीच .

राजू नंगा ही अपनी कमीज उठा कर अपने कमरे में भाग गया.

सरिता ने किवाड़ बंद कर लिया, लाईट बंद कर दी.
बेड पर सरिता रिशा से चिपट गयी.

रिशा खिलखिलाती हुई बोली- मेरा होने वाला था. आप और पांच मिनट बाद आतीं, तो काम पूरा हो जाता.

सरिता ने अपने होंठ रिशा के होंठों से भिड़ा दिए और पूछा- कैसा है राजू का औज़ार?

रिशा बोली- बहुत दमदार है. ख़ूब लंबा और मोटा. चूत के अंदर तक जाकर चोट करता है

यह कहकर रिशा ने सरिता की चूत में उंगली घुसा दी और बोली- चुद मैं रही थी और पानी आपकी मुनिया बहा रही है.

सरिता बोली...क्या करती. तुम दोनों को खिड़की से देख गरम हो गई थी और अपने हाथों से अपनी चूत रगड़ रही थी

रिशा बोली ..अब क्या करना है?

सरिता बोली- मैं राजू को नीचे लेकर जाती हूँ और उससे अपनी मुनिया को शांत कराती हूँ. अब तू चुपचाप उंगली करके सो जा, मैं चली! रिशा बोली दीदी ऐसा जुल्म तो ना करो. इतने दमदार लंड के होते हुए मैं उंगली से खुद को ठंडा करू?

रिशा बोली- यहीं बुला लेते हैं. दोनों एक साथ कर लेंगी.

सरिता बोली- कुछ तो शर्म कर, तेरी सास हूँ मैं!

दोनों हंस पड़ीं.

सरिता बोली- मैं जाती हूँ, तू राजू को नीचे भेज और उससे कहना कि मुझसे माफ़ी मांगे वरना सुबह उसकी छुट्टी हो जायगी.

कह कर सरिता कमरे से चली गयी.
रिशा ने राजू को फोन करके बुलाया.

राजू आया तो रिशा उससे चिपट गयी.

वह दिखावटी घबराहट दिखाते हुए बोली- दीदी बहुत गुस्सा हैं. अब तू एक काम कर. नीचे जा और कैसे भी उन्हें मना ले. उन्होंने हमारी वीडियो बना ली है, इसलिए उनसे पंगा मत लेना. वो जो भी कहे चुप चाप मान लेना

डरा और सहमा हुआ राजू नीचे पहुंचा.

कमरे से तो लालाजी के खर्राटों की आवाज आ रही थी.

सरिता बराबर में बैठक पर सोफे पर अधलेटी थी.
राजू कमरे में घुसा और सरिता के पैर पकड़ लिए.

सरिता ने उसे धक्का दिया और कहा- तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे घर की इज्जत से खेलने की… सुबह तू अपना सामान बाँध लेना, मुझे सुबह दिखाई नहीं देना चाहिए!

राजू वहीं नीचे बैठ गया और बोला- ऐसा जुल्म नहीं करें, मैं आपकी गुलामी करूंगा. आप जैसा कहेंगी, वैसा ही करूंगा! इसमें मेरा कोई कसूर नहीं है. भाभी ने ही मुझे ऐसा करने को कहा और मैं बहक गया. सरिता झूठ मूठ का नाटक करते हुए बिफ़र पड़ी.

कमीने मेरी बहू पर इल्ज़ाम लगाने की तेरी हिम्मत कैसी हुई। सुबह ही लाला जी को बोल तुझे सिक्युरिटी के हवाले करवाती हूं

राजू ने पैर पकड़ लिए और बोला- मुझे माफ़ कर दो मालिकिन जैसा आप कहेंगी, वैसा ही होगा! मैंने इस घर का नमक खाया है। आप लोगो के सिवा मेरा और कोई नहीं.
नमक खाया है तो नमक हरामी करने की तेरी हिम्मत कैसी हुई। अपनी आँखों से देखा है मैंने कैसे तू बहू को ऊपर चढ़ा था और कितनी बेरहम से उसे चोद रहा था
मैं तो नौकर हूं मालिकन। भाभी ने मुझे धमकाया और वो सब करने के लिए मजबूर किया..अब आप बोलिए मैं मारता क्या ना करता.

सरिता कुटिल मुस्कान मुस्कुरा दी और बोली- फिर आज से तू वही करेगा जैसा मैं कहूंगी और आज से तू लालाजी से ज्यादा मेरा वफादार रहेगा … बोल मंजूर है?

कुछ सोचे समझे बिना ही राजू झट से बोल पड़ा हां मालिकन सब मंजूर है

सरिता बोली- चल अब किवाड़ बंद कर और मेरे जिस्म की तेल के साथ मालिश कर!

राजू उठ खड़ा हुआ और डरते हुए राजू ने किवाड़ बंद किए.

सरिता बोली- लाईट भी बंद कर और खूब अच्छे से मालिश कर . राजू सरसो के तेल की शीशी ले फर्श पर सरिता की टांगों के पास बैठ गया। सरिता उस वक्त एक लाल रंग की नाइटी डाल कर बैठी हुई थी। नाइटी दोनों छोर से एक पतली सी डोरी से बंधी हुई थी जिसमें से सरिता के उन्नत उरोज आधे से ज्यादा दिख रहे थे नीचे उसने ब्रा पहले ही निकाल दी थी.

[Image: Gebr-Qf-OWUAAi3jd.jpg]

पनी मालिकन को इस स्थिति में देख राजू की सिटी पिटी गायब हो चुकी थी लेकिन फिर भी वो डरते हुए सरिता की टांगों के पास ज़मीन पर बैठ गया.

राजू हाथो में तेल ले धीरे-धीरे सरिता की टांगो की मालिश करने लगा. सरिता ने उसे जोर से झिडकते हुए बोला... हाथों में दम नहीं है क्या... ऊपर तो रिशा के साथ खूब जोर दिखा रहा था. वैसे कब से चल रहा है तुम दोनो के बीच ये सब। राजू डरता हुआ बोला मालकिन कसम से आज दूसरी बार ही था। भाभी ने ही मुझे मजबूर किया ये सबके लिए.

हां जानती हूं जैसे तू बहुत दूध का धुला है। मैंने कई बार तुझे बहू और मुझे घूरते हुए देखा है. चल अब बातें कम कर और मेरी कमर तक मालिश कर। राजू का हाथ धीरे-धीरे मालिश करता हुआ सरिता की कमर की तरफ बढ़ने लगा.
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#32
❤️
......
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#33
ठहर न सका ,
ये भी साल !

तो तेरे ,
न ठहरने का क्या मलाल !!

[Image: G9-ZM9m-Ga-YAEOF1-W.jpg]
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#34
नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!
ईश्वर से कामना है कि यह वर्ष आपके और आपके परिवार के लिए खुशहाली, प्रगति लेकर आए।

[Image: fcb6c025-abb1-42fa-8038-144175cd05e9.jpg]
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#35
अब आगे…..
राजू ने हाथों में ढेर सारा तेल लिया और सरिता की मखमली गुंदाज जांघों को आराम आराम से मस्त सहलाने लगा. सरिता को भी बहुत अच्छा अहसास होने लगा. वो अपनी दोनों आंखें बंद करके मजा ले रही थीं. सरिता का इस तरह का मादक जिस्म देखकर राजू का लंड अपने पूरे आकार में आ गया था.सरिता आंखें बंद करके राजू के हाथ से मालिश का मस्त आनन्द लेने में लग गईं. सरिता की गोरी सुडोल जाँघे देख राजू के मुँह में पानी आ गया और वो सोचने लगा की उफ्फ ये गोरा बदन, ये कामुक अदाएं, ये बड़े कोमल रसीले स्तन, क्या जवानी है मालकिन की …ऐसी कामुक महिला मिल जाए तो पूरी रात रंगीन हो जाए, पूरा बदन मसल मसल के चूसने चाटने में मजा आ जाएगा .



इसी बीच सरिता की नाइटी जांघों से कूल्हे तक ऊपर चढ़ गई थी. नाइटी के कमर तक सरकते ही राजू को नंगी फुली हुई चूत दिखायी दी ..राजू को पता नहीं था की मालकिन ने पैंटी जानभुझ निकाल रखी थी या पहनती ही नहीं थीं. नीचे राजू का लंड अपना फन उठाने लगा. सरिता की चूत देख राजू घबरा गया और उसके हाथ कांपने लगे।

क्या हुआ..तू ऐसा कांप क्यों रहा है। तू तो ऐसा कांप रह रहा है जैसे तूने सांप का बिल देख लिया हो...सरिता के मुँह से ये सुन राजू झेंप गया और कुछ नहीं बोला. वैसे सच सच बोल तुझे पसंद आयी या नहीं …वैसे ये सच में सांप का बिल है.... तेरे काले लम्बे और मोटे सांप के लिए बिल. जानता है तू जब से मैंने तुझे रिशा को ठोकते हुए देखा है… तब से तेरी मर्दानगी मेरे ज़हन से निकल ही नहीं रही। सरिता की आँखें सीधे पजामे में तंबू बना रहे लंड की ओर झाँक रही

धीरे से वो राजू के कान के पास आकर बोली —

“इतना सख़्त और तगड़ा नज़ारा मैंने कभी नहीं देखा… ये किसी और औरत के लिए नहीं, सिर्फ़ मेरे लिए बना है।”इतना कह कर उसने राजू का लंड पजामे के ऊपर से ही पकड़ कर मसल दिया. राजू के मुँह से आह .. निकल गई

राजू का मजबूत जिस्म और पजामे के ऊपर बने लंड के उभार देख कर सरिता का जिस्म सुलगने लगा ..उसके होंठ काँप रहे थे, हाथ धीरे-धीरे राजू के सीने से नीचे तक सरक रहे थे। वो खुद पर क़ाबू नहीं रख पा रही थी।


“ तेरे जैसे मर्द को छूने का ख्वाब मैंने बहुत बार देखा है… आज वो ख्वाब पूरा करना है।” इतना कह सरिता की उँगलियाँ राजू की कमर के पास टिक गईं, मानो वहीं से उसकी साँसें बंध गई हों। उसने जल्दी से राजू के पजामे का नाडा खोल नीचे खिसका दिया. राजू अब केवल अंडरवियर में था और लंड का उभार अब पहले से भयानक लग रहा था। ऐसा लग रहा था मानो लंड अंडरवियर फाड़
कर बाहर निकल आएगा



सरिता की आँखों में अब कोई हिचकिचाहट नहीं थी, बस भूख थी जो पूरी तरह राजू की मर्दानगी पर टिकी थीं। वो धीरे से बोली

तेरे अंदर जो ताक़त है, वो मैंने किसी और में कभी महसूस नहीं की। जितने जोश और बेरहमी से तू रिशा को पेल रहा था वही जोश और मर्दंगी मैं भी महसूस करना चाहती हूं

आज मैं इसे पूरी तरह अपना बनाकर ही चैन लूँगी।” इतना कहकर सरिता ने अपने नर्म होंठ राजू के होठों पर रख दिए और अपना हाथ नीचे राजू के अंडरवियर में घुसा उसका लंड पकड़ लिया। उसकी गर्म साँसें राजू को उत्तेजीत कर रही थी. वो राजू के लंड पर हाथ फेरते हुए फुसफुसाई —“तुम्हारा यह जोश… यही तो मुझे चाहिए था। आज रात मैं खुद को पूरी तरह तुम्हारे हवाले कर दूँगी।”

उसकी बातें सुनकर राजू का भी लहू खौल उठा।


वासना के वशीभूत होकर सरिता अपने हाथों से खुद अपने ही मम्मे मसलने लगी. फिर सरिता ने राजू का एक हाथ पकड़ कर अपनी चूची पर रख दिया और बोली...राजू इन्हें अपने हाथों से मसल के देख।

सरिता दो दो मर्दों से चुदी हुई थी. उसके मम्मे रिशा के मुकाबले मांसल थे.



राजू ने झट से सरिता के नरम गोल चूचो को अपने हाथों में दबा लिया और उन्हें बेदर्दी से मसलने लगा। इतने नरम मुलायम चूचे उसने आज तक नहीं देखे थे। धीरे से उसने अपने मुँह में नीचे लिया और सरिता की एक चुची को अपने मुँह में भर लिया और दूसरे हाथ से दूसरी चुची की घुंडी मसलने लगा. उफ्फ्फ..राजू बस ऐसे ही चूस। बड़ा तंग करती है ये कमिनी चुचिया मुझे। आज इनकी सारी अक्कड़ ख़तम कर दे. राजू को भी सरिता की गोलाईया चूसने में बड़ा मजा आ रहा था। कभी वो एक मम्मे को चूसता और कभी दूसरा.

धीरे-धीरे वो मम्मो को चूसता हुआ नीचे की तरफ जाने लगा। सरिता की कमर से होते हुए वो सरिता की नंगी चूत तक जा पाहुंचा.


राजू का एक हाथ पकड़ सरिता ने अपनी चूत के ऊपर रख दिया और बोली देख कैसी गीली हुई पड़ी है तेरी मालिकिन की चूत. एक बार अपनी जीभ से चाट कर इस निगोड़ी चूत का भी रस चख कर देख। देख कैसे पानी बह रही है तेरी मर्दानगी देख कर. सरिता आज खुल कर सेक्स का मजा लेना चाहती थी

राजू का डर भी अब ख़तम हो चूका था। वो समझ चुका था कि रिशा की तरह सरिता भी जवानी की आग में जल रही है और चुदने को बेकरार है . उसने भी और देर ना करते हुए सरिता की टांगों को खोल सरिता की टपकती हुई चूत को अपनी मुट्ठी में भर कर दबा लिया.


सरिता की चूत का मुंह रिशा की चूत से हल्का ज्यादा खुला था लेकिन सरिता की चूत रिशा से ज्यादा फूली हुई और मजेदार लग रही थी. ज्यादा देर ना करते हुए उसने अपने होठों को सरिता की तपती हुई चूत के ऊपर रख दिया... होठों का स्पर्श पाते ही सरिता तड़प उठी। तपती हुई चूत पर राजू की गरम सांसें जैसे आग में घी का काम कर रही थी. राजू की जीभ सरिता की चूत के कामरस से भीगी फाँको पे चलने लगी. कमरे का सन्नाटा अब सिर्फ़ सरिता की कराहों और उन दोनों की तेज चलती हुई साँसों से भर चुका था। सरिता मस्ती से करहाती हुई राजू का सर अपनी चूत पर दबाने लगी.....चाट राजू. चाट …आज इस चूत का सारा रस पी जा.

 
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#36
क़रार दिल को सदा जिस के नाम से आया,

वो आया भी तो किसी और काम से आया....

[Image: FB-IMG-1767918850612.jpg]
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#37
किन शब्दों में लिखूं तेरी कमी को....!
बस तेरे बिन हर दिन अधूरा सा लगता है...https://ibb.co/4ZT9J5kS
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#38
राजू ने हाथों में ढेर सारा तेल लिया और सरिता की मखमली गुंदाज जांघों को आराम आराम से मस्त सहलाने लगा. सरिता को भी बहुत अच्छा अहसास होने लगा. वो अपनी दोनों आंखें बंद करके मजा ले रही थीं. सरिता का इस तरह का मादक जिस्म देखकर राजू का लंड अपने पूरे आकार में आ गया था.सरिता आंखें बंद करके राजू के हाथ से मालिश का मस्त आनन्द लेने में लग गईं. सरिता की गोरी सुडोल जाँघे देख राजू के मुँह में पानी आ गया और वो सोचने लगा की उफ्फ ये गोरा बदन, ये कामुक अदाएं, ये बड़े कोमल रसीले स्तन, क्या जवानी है मालकिन की …ऐसी कामुक महिला मिल जाए तो पूरी रात रंगीन हो जाए, पूरा बदन मसल मसल के चूसने चाटने में मजा आ जाएगा .

[Image: FB-IMG-1591717193652.jpg]
इसी बीच सरिता की नाइटी जांघों से कूल्हे तक ऊपर चढ़ गई थी. नाइटी के कमर तक सरकते ही राजू को नंगी फुली हुई चूत दिखायी दी ..राजू को पता नहीं था की मालकिन ने पैंटी जानभुझ निकाल रखी थी या पहनती ही नहीं थीं. नीचे राजू का लंड अपना फन उठाने लगा. सरिता की चूत देख राजू घबरा गया और उसके हाथ कांपने लगे।
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#39
क्या हुआ..तू ऐसा कांप क्यों रहा है। तू तो ऐसा कांप रह रहा है जैसे तूने सांप का बिल देख लिया हो...सरिता के मुँह से ये सुन राजू झेंप गया और कुछ नहीं बोला. वैसे सच सच बोल तुझे पसंद आयी या नहीं …वैसे ये सच में सांप का बिल है.... तेरे काले लम्बे और मोटे सांप के लिए बिल. जानता है तू जब से मैंने तुझे रिशा को ठोकते हुए देखा है… तब से तेरी मर्दानगी मेरे ज़हन से निकल ही नहीं रही। सरिता की आँखें सीधे पजामे में तंबू बना रहे लंड की ओर झाँक रही [b]थी[/b]

धीरे से वो राजू के कान के पास आकर बोली —

“इतना सख़्त और तगड़ा नज़ारा मैंने कभी नहीं देखा… ये किसी और औरत के लिए नहीं, सिर्फ़ मेरे लिए बना है।”इतना कह कर उसने राजू का लंड पजामे के ऊपर से ही पकड़ कर मसल दिया. राजू के मुँह से आह .. निकल गई

राजू का मजबूत जिस्म और पजामे के ऊपर बने लंड के उभार देख कर सरिता का जिस्म सुलगने लगा ..उसके होंठ काँप रहे थे, हाथ धीरे-धीरे राजू के सीने से नीचे तक सरक रहे थे। वो खुद पर क़ाबू नहीं रख पा रही थी।

“ तेरे जैसे मर्द को छूने का ख्वाब मैंने बहुत बार देखा है… आज वो ख्वाब पूरा करना है।” इतना कह सरिता की उँगलियाँ राजू की कमर के पास टिक गईं, मानो वहीं से उसकी साँसें बंध गई हों। उसने जल्दी से राजू के पजामे का नाडा खोल नीचे खिसका दिया. राजू अब केवल अंडरवियर में था और लंड का उभार अब पहले से भयानक लग रहा था। ऐसा लग रहा था मानो लंड अंडरवियर फाड़
कर बाहर निकल आएगा
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#40
स्त्री परिभाषा है प्रेम की।
तुमने स्त्री को जान लिया
समझ लो प्रेम को जान लिया,
प्रेम को पा लिया।।

[Image: d5974acff22f028eed4501427376a58f.jpg]
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