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Adultery मेरी खूबसूरत पत्नी खुशबू भोला भाला बुद्धू सा में और बहुत सारे ,., मर्द
#81
Nice update
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Do not mention / post any under age /rape content. If found Please use REPORT button.
#82
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#83
(14-02-2025, 07:12 AM)Namard pati Wrote: Ji sir....thx for checking.....sorry for make you waiting.....lekin as u said 15 20 days to lag hi jayenge sorry....ple hold the fort

khusboo ko aise honeymoon per nangi ghumao ek dum seducin lagega mast uske pati ka dost bhi dekhe bilkul nangi
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#84
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#85
koi aisa plot bhi bnao ki khusboo lesbiann kre oruske baad khusbu ka pati us lesbian se sex kare ad doosri taraf uske dost khushbuu ko ragad rhe ho achhe se

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#86
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#87
Amazing update yaara.

Incredible.. Hot..

You a great writer.

Keep it more & more..

Eagerly waiting for next..
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#88
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WAITING FOR GOA TRIP.
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#89
Be ready guys....aj sham tak....hold the fort....
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#90
अब जैसे-जैसे हर हनीमून के दिन नजदीक कहां रहे थे .......मेरी एक्साइटमेंट बढ़ रही थी......


बहुत सारी बातों को लेकर ......एक तो पहली बार मुझे सेक्स करने का मौका मिलेगा .....अपनी ही बीवी के साथ ......या किसी भी लड़की के साथ .......


जो बचपन से मेरी इच्छा थी .....


दूसरा ....खुशबू ने जिस तरह की सेक्सी बिकनी ली थी .....उसकी उसमें पहन कर देखने की इच्छा ......तो मुझे वैसे ही टाइट कर कर पागल कर रही थी ........



तीसरा असलम भी हमारे साथ आने वाला है...... इसलिए सिक्योरिटी की भी कोई चिंता था नहीं.......ऊपर से वह ढेर सारी तस्वीर लेने वाला था .....मेरी और खुशबू की हनीमून की .......जो भी मुझे बहुत हेल्पफुल रहने वाला था .......आगे जाकर अपने छोटी सी लंड हिला कर ......अपने आप अपने आप को संतुष्टि देने में....... क्योंकि मुझे इस तरह से खुशबू की छोटे-छोटे कपड़ों में तस्वीर देखकर हिलाने में बड़ा मजा आता था....








आने जाने की टिकट का तो मैं असलम को बोल दिया था .....तो वह तो होने ही जाने वाली थी .......मैं गोवा में रहने के लिए एक भी होटल की बुकिंग नहीं करवाई थी .....क्योंकि मैं चाह रहा था कि वहां पर रूबरू जाकर अगर मैं नेगोशिएट करके रूम बुक करवाऊंगा.....तो फायदा होगा तो पैसे भी बच जाएंगे........




दूसरी तरफ खुशबू भी बहुत एक्साइटेड थीं इस हनीमून को लेकर ......वहां भी उसे बॉडी लैंग्वेज से खास जाहिर हो रहा था मुझे ....

इमरान के पार्लर में जाकर उसने फुल बॉडी वैक्सिंग करवाई थी ......और जिस तरह से हमारी सुहागरात पर उसने मेहंदी करवाई थी मुझे खुश करने के लिए .......वापस उसने हाथ और पैरों में मेहंदी भी अच्छे से लगवा दी थी.....


उसने अच्छे से अपना वह लाल कलर का जुड़ा भी तैयार करवा दिया था .......जो ज्यादातर औरतें हनीमून पर पति के साथ पहनती है ....


हाथ में डार्क रंग की नेल पॉलिश...... वगैरह करके उसने अपने आप को बहुत खूबसूरत बना दिया था.....




वह भी बहुत अच्छे से अपनी प्रिपरेशन में जुड़ गई थी ......सामान वगैरा पैकिंग के लिए ......

मैंने पैकिंग के दौरान खुशबू के ऐसे नए-नए और छोटे-छोटे ड्रेस देखे थे ......जो मैंने पहले कभी नहीं देखे थे ... ......

एक से एक छोटे-छोटे शॉट मिनी स्कर्ट.... वन पीस ड्रेस .....और ढेर सारी रात में पहनने वाली हनीमून पर पहने जाने वाली नाइट्स ......

तो बहुत देखकर भी मैं बहुत एक्साइटिड था... क्योंकि गोवा जाकर मुझे ऐसे ही सब कपड़ों में खुशबू देखने को मिलेगी ......और असलम जो साथ में थे इसलिए दूसरी कोई परेशानी की तो बात ही नहीं होने वाली थी.....




खुशबू भी इतने अच्छे मौके को हाथ से कोना देना नहीं चाहती थी .......वह पूरी शिद्दत शिद्दत से चाह रही थी कि...... हनीमून के दरमियान वह और असलम हो सके उतना अच्छा और करीबी समय बिताए एक दूसरे के साथ......


इसके लिए उसे क्या करना है वह सोचने में उसने अपना शातिर दिमाग चलाना चालू कर दिया ......


एक दो बार खुशबू ने मेरे सामने है असलम के साथ फोन पर इधर-उधर की बात की थी..... गोवा में क्या करेंगे.. वगैरा-वगैरा ......


ट्रेन की टिकट के बारे में पूछा था और यह भी बता दिया था कि अमित ने वहां पर बुकिंग नहीं करवाई थी .......तो तुम सब संभाल लेना.....!!!!


फिर मैं भी कि मैं चैन की सांस ली थी ......कि सब आने-जाने का प्लानिंग और रहने वगैरा का प्लानिंग खुशबू और असलम संभाल रहे हैं .....तो मुझे कुछ करने को ज्यादा होगा नहीं.....!!!!






अब हम आज शाम को निकालने वाले थे हनीमून के लिए शाम को 6:00 बजे कि हमारी ट्रेन थी
मैं अपने सीधे-साधे नॉर्मल से पेंट शर्ट में तैयार हो चुका था. ..   और खुशबू एक बेहद ही खूबसूरत कपड़े पहन कर मेरे सामने आई .....!!!!



साथ ही साथ उसने वह जो नॉर्मल घर पर जी साइज का मंगलसूत्र पहनती थी उससे थोड़ा लंबा और बड़ी साइज का मंगलसूत्र पहना हुआ था.....

जो देखकर मुझे बड़ा मजा और और अभिमान bhi महसूस हुआ कि..... मेरी प्यारी खूबसूरत पत्नी कितनी अच्छी तरह से दिख रही है कि वह शादीशुदा है.....!!!!

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खुशबू इस तरह के कपड़े ......मेरे साथ...... शादी से पहले अपने यारों दोस्तों के साथ घूमते जाते वक्त ही पहनती थी .....!!!! यह पहली बार था की खुशबू मेरे साथ बाहर आते वक्त इतने छोटे कपड़े पहन कर आ रही थी .......वह वन पीस ड्रेस इतना छोटा सा था कि ......वह आगे से थोड़ी भी झुक जाए तो पीछे वाले किसी भी बंदे को आसानी से पता लग जाएगा की खुशबू ने कौन से रंग की पैंटी पहनी है!!!!! खुशबू ने ऊपर भी जो टॉप पहना था उसके अंदर एक वाइट रंग की हल्की सी शर्ट पहनी थी...... क्योंकि ऊपर का टॉप थोड़ा ट्रांसपेरेंट था इस तरह के कपड़े में खुशबू का फिगर एकदम कमाल लग रहा था......!!!



खुशबू को इस तरह से तैयार होते देखकर एक्साइटमेंट और नर्वसनेस के मारे मेरी तो हालत बिगड़ रही थी .....हल्के से डरते हुए मैं खुशबू  ji से पूछा....




"अरे खुशबू जी..... यह इस तरह के कपड़े ......कुछ ज्यादा ही छोटे नहीं हैं.....!??


वह प्यार से मेरे पास आई .....और मेरे गाल पर हल्के से अपना हाथ घुमाया .....


"क्या डियर !??? हम हनीमून पर जा रहे हैं .......वहां "आपको" खुश करने के लिए मैं ऐसे कपड़े नहीं पहनूंगी..... तो फिर क्या मजा....!???

और आप चिंता क्यों कर रहे हो .....!!!! अब तो असलम जी भी है ना .....मेरे साथ ....."मेरी रक्षा" करने के लिए ......!!!!


(वह जानबूझकर "रक्षा" शब्द के ऊपर भर देकर.....जैसे मुझे कुछ एहसास दिलवाने चाह रही है .......ऐसा बोल रही है ......)



"तो आप तो बस अच्छे से एंजॉय करो ना हमारा हनीमून .....!!!"


(कहकर मुझे आंख मारती है)


" और वैसे भी ट्रैवलिंग के दरमियान इस तरह के कंफर्टेबल कपड़े पहनेगी...... तो ही ज्यादा अच्छा रहेगा ना...!???




(खुशबू के बात करने के बाद मुझे थोड़ी चैन की सांस आई .....वैसे उसकी बात तो सही ही थी .......अगर ट्रैवलिंग के दर में कंफर्टेबल कपड़े पहनेगी तो .....इतनी लंबी सफर में उसे परेशानी नहीं होगी ......और वैसे भी असलम जी हमारे साथ है .....इसलिए मुझे तो चिंता करने की कोई बात ही नहीं थी.......)


खुशबू ने बिकनी वन पीस ड्रेस वगैरा इतने लिए थे गोवा में पहनने के लिए कि .....उसकी दो बैग पूरी भर गई थी .....जबकि मेरा सामान एक ही बैग में आ गया था......

मैं बहुत मुश्किल से हमारी तीन बैग उठाकर घर के नीचे खड़ा था .....जबकि खुशबू ने अपने पास सिर्फ एक छोटा सा हैंडबैग अपनी जरूरत के समान का रखा हुआ था........

रहीम मुझे खुशबू और असलम को अपनी ही गाड़ी में स्टेशन तक छोड़ने आने वाला था........ जैसे ही हम नीचे पहुंचे ......रहीम असलम इमरान सलीम वगैरा ऑलरेडी गाड़ी में नीचे पहुंच गए थे ......


उन चारों की तो आंखें फटी की फटी रह गई खुशबू को ऐसे कपड़ों में देखकर..... और मैं अभिmaन से भर गया था .....कि उन लोगों की एक गर्लफ्रेंड से बहुत ज्यादा खूबसूरत है मेरी यह पत्नी .......उन लोगों के चेहरे से जलन साफ-साफ मुझे महसूस हो रही थी .......यह देखकर मुझे बड़ा मजा आ रहा था कि ....इतनी खूबसूरत और सेक्सी लड़की के साथ में हनीमून मनाने जा रहा हूं........




जबकि अपने मन में वह लोग यह सोच रहे थे कि असलम की तो निकल padne वाली है..... इतनी बढ़िया गुजराती ફટાકડી की के साथ गोवा पर हनीमून के लिए........


असलम एक महंगा सा थ्री पार्ट पहना था..... और ऊपर एक ब्रांडेड teeशर्ट डाली थी...... वह वैसे भी दिखने में काफी अट्रैक्टिव था लेकिन इस तरह के कैजुअल ड्रेसिंग में और हैंडसम लग रहा था......


असलम ने एक ही सेकंड में बहुत सारी बातें गौर कर ली...... जो खुशबू ने आगे एक बार और असलम ने जिक्र किया था कि ..उसे कितनी पसंद है ......नई नवेली शादीशुदा दुल्हन..... हाथों में मेहंदी ....लाल रंग के जुड़े में .....खुशबू बिल्कुल उसी तरह से सज धज कर तैयार होकर आई थी...... असलम मन ही मन मुस्कुराने लगा के...... यह पूरी मेहनत कर रहे हैं .....उसे रिझाने के लिए.... वह भी उसको पूरा मजा दिलवाएगा ......



असलम को देखकर ही खुशबू तीन-चार कदम दौड़कर उसको हग करने लगी ......असलम ने भी एकदम रोमांटिक अंदाज से..... अपने दोनों हाथ हल्का सा खुशबू की गांड से सहलाते हुए कमर पर रखा.......



मेरे दोस्तों और मेरी पत्नी के बीच में इस तरह के बिहेवियर से अब मुझे कुछ भी अजीब नहीं लगता था ........बल्कि अब यह बहुत सामान्य हो गया था.......




" आप तैयार है ना असलम जी......!!!!???  

खुशबू एकदम धीरे से प्यार से मुस्कुराते हुए असलम से कहती है .....


"मैं तो तैयार ही हूं भाभी जी ......लेकिन आपको देखकर लगता है .....आप ज्यादा ही उतावली है....!!!!  हनीमून के लिए .....हा हा हा हा ....."





"कोई भी शादीशुदा लड़की चाहेगी ......कि अपने प्रेमी के साथ वह शादी के बाद तुरंत ही अच्छे से हनीमून मनाई ......"


(खुशबू ने बड़ी चालाकी से "पति" की वजह "प्रेमी" शब्द का इस्तेमाल किया था )

खुशबू भी मुस्कुरा कर जैसे हल्का-हल्का अभी भी असलम की बाहों में ही है ........मेरी और देखकर कहती है .....


"चलिए ना..... सब सामान रख दीजिए ना गाड़ी में...... देर हो रही है हमें.....!!!!"


( मैं भी खुशबू के कहे मुताबिक मुश्किल से तीन भारी बैग उठाकर डिक्की में रख दे रहा हूं....)

रहीम गाड़ी की चाबी मेरी तरफ डालकर कहता है "ले .....आज भी गाड़ी चलाएगा तू ही ना...!???

मैं थोड़ा असमंजस जिसमें था कि आज तो मैं हनीमून पर जाने वाला हूं .....तो कम से कम आज तो मेरे दोस्त लोग मुझे गाड़ी चलाने के लिए नहीं कहेंगे कि......


तुरंत ही खुशबू मेरे पास आयीं प्यार से सहला कर मुझे कहने लगी ......


"अमित ....आप ही गाड़ी चला लो ना आज भी..... वैसे भी मेरे बिचारे सब देवर लोग अब 8-10 दिन तक मेरे बिना अकेले यहां बोर हो जाएंगे तो...... इतनी देर में उन लोगों को पीछे कंपनी दे देती हूं ....!!!!


(और मैं सोचने लगा बेचारी मेरी पत्नी खुशबू..... कितनी अच्छी है .....मेरे दोस्तों का कितना ध्यान... रखती है.....)


मेरा दोस्त सलीम .....ड्राइवर की बाजू बाजू वाली सीट पर आगे बैठने  आ रहा था कि .....


तुरंत उसे खुशबू रोक देती थी


"अरे सलीम जी ....आप वहां आगे क्यों बैठ रहे हो..... आप भी आ जाइए ना .....हम सबके साथ..... पीछे ....."



सलीम -"अरे भाभी जी ....आपको परेशानी होगी...... एक साथ इतने सारे लोगों को संभालने में...... पीछे ....."


(कह मुस्कुराता है )



"अरे नहीं ना सलीम जी ....आप आ जाइए......मैं आराम से सबको ले लूंगी..... मेरा मतलब संभाल लूंगी....!!!!!"



और मैं मन ही मन खुश हो रहा हूं बेचारी मेरी पत्नी खुशबू ......कितना ध्यान और ख्याल रख रही है मेरे दोस्तों को कंपनी देने के लिए......


सलीम भी अब बाकी के तीन दोस्तों और मेरी पत्नी के साथ पीछे चला जाता है......

और हम सब स्टेशन की तरफ चलने लगते हैं .....


पीछे वही सब ......मेरे मेरे सभी दोस्तों और खुशबू के बीच मजा ....मस्ती.... हंसी..... मजाक चल रहा था .......खुशबू एकदम रिफ्रेश लग रही थी ......उसका मूड भी काफी अच्छा लग रहा था....... जो देखकर मुझे भी बड़ा अच्छा लग रहा था ......कि हनीमून के लिए वह इतने एक्साइटेड है..... तो मुझे भी वहां पर बहुत मजा आएगा...




स्टेशन आते ही .....मैं वापस गाड़ी से सामान निकलने लगता हूं .......मेरे सब दोस्त लोग भी नीचे उतरते हैं .....!!!!!

जाने अनजाने में भी मैं उन लोगों से एक दो कदम पीछे चल रहा हूं


जबकि असलम और खुशबू जैसे एक साथ आगे आगे चल रहे हो


मैं तिरछी आंखों से गौर कर रहा हूं कि  स्टेशन पर बहुत सारे यात्री हमारे ग्रुप की तरफ ही देख रहे हैं.....!!!!! एक तो खुशबू ने इतना खूबसूरत लाल जुड़ा पहना हुआ था.....!!!!!

ऊपर से इतनी छोटी स्कर्ट .....!!!!!ना चाहते हुए भी किसी का ध्यान हमारी तरफ ही जाएगा.....!!!!!




हमारे स्टेशन पर पहुंचकर ही मैं सारा सामान रख कर हम सब ग्रुप साथ में खड़े हैं कि.....!!!!! मैंने यह भी गौर किया कि स्टेशन पर नॉर्मल से कुछ ज्यादा ही भीड़ थी.....!!!!! अच्छा किया हम लोगों ने पहले से ही कंफर्म टिकट करवा दिया था वरना इतनी पब्लिक में तो टिकट मिलती भी नहीं.....!!!!! असलम मुझे एक्सक्यूज करता है कि मैं 5 मिनट में आता हूं जरा tc से मिलकर.........!!!!!

की तभी imran खुशबू से बातचीत करता है........!!!!!

"सब बढ़िया ना भाभी जी ......सब तैयारी हो गई ना .....अच्छे से..... पार्लर में भी ......आपका जो कुछ भी रिक्वायरमेंट थी .....उसे हिसाब से ......सब काम हो गया ना ....!??



खुशबू बाल ठीक करते हुए ....मुस्कुरा कर.... इमरान से कहती है ....


"हां जी ...हां जी.... सलम जी.... बहुत अच्छी सर्विस दी गई ....आपके पार्लर में मुझे .....आपके दोस्त को तो हनीमून पर मजा ही आ जाएगा.....!!!!


( कहकर खुशबू आंख मार कर जैसे असलम का जिक्र कर रही हो .....वैसे जाता रही है .....जबकि मैं मन ही मन यह सोचकर खुश हो रहा हूं की खुशबू ने मेरे लिए सब कुछ करवाया होगा....)




"हां भाभी जी ......हमारे दोस्त को मजा तो आना ही चाहिए ना...... आखिरकार आप लोगों को ट्रिप पर जाने के लिए पैसे भी हमने ही दिए हैं ना.....!!!!!



( खुशबू तुरंत ही एक्साइटमेंट में बोलने लगती है)


" अरे आप चिंता क्यों कर रहे हो इमरान जी.....!!!!! आपके खर्च किए हुए एक-एक पैसे अच्छे से वसूल ना हो.....!!!!! तो अपने दोस्त को पूछ लेना



(और मुस्कुराने लगती है....)

और सब दोस्त लोक thahake के लगाकर हंसने लगता है....


Train का समय हो रहा था इसलिए फिर खुशबू ने मेरे सभी दोस्तों को एक-एक करके प्यार से हग करके अलविदा कहां मैं भी उन लोगों की ब्लेसिंग की और अलविदा कहां.......

कुछ ही देर में हमारी ट्रेन आ गई कि.....
तुरंत ही असलम जी ने मुझसे कहा



"भाई तू जरा सामान का ध्यान रख लेना...... इतनी भीड़ भाड़ में कहीं आगे पीछे ना हो जाए ......और मैं भाभी को अच्छे से ट्रेन में चढ़ा दूंगा......."




(मुझे थोड़ी शांति महसूस हुई असलम के यहां होने के कारण कि वह सामने से इतनी सारी बात संभाल रहा है ......मैं हम हमारे बैग लेकर उन लोगों के पीछे-पीछे हमारे सेकंड टायर एसी के कंपार्टमेंट में चढ़ने के लिए आगे चलने लगा ......थोड़ी-थोड़ी भीड़ थी..... ट्रेन में खुशबू और असलम एक दूसरे के करीब चल रहे थे एकदम...... इस तरह से उछल-उछल कर चलने की वजह से खुशबू की mini skirt थोड़ी-थोड़ी देर में ऊपर हो रही थी....... उसका पति होने के बावजूद भी ना चाहते हुए भी मेरा ध्यान उसकी बड़ी सी चूतड़ की तरफ जा रहा था....)

ट्रेन का दरवाजा आते ही असलम में हल्के से अपने दोनों हाथ खुशबू की कमर पर रखें और अपने लंड के हिस्से को खुशबू के mink skirt  के हिस्से पर रगड़ लेकर हल्का सा झटका दिया और कहने लगा

" चलिए भाभी जान अब चढ़ भी चाहिए....!!!"

खुशबू मुस्कुरा कर ......असलम का सारा खेल समझने लगी .....

"यह क्या असलम जी ....आप तो यही से शुरू हो गए.... ..अभी से धक्का देने लगे!!!!""



"और नहीं तो क्या भाभी जान .....अब तो हनीमून शुरू ही हो गया है ना हमारा .....!!!


khusbu भी मुस्कुरा कर उसके आगे आगे हमारे ट्रेन के कंपार्टमेंट में दाखिल हो जाती है...... उसे बात की परवाह किए बिना कि मैं कितना पीछे हूं और इतने सारे सामान के साथ हूं.......



मैं भी बड़े मुश्किल से अपने तीन बैग के साथ कंपार्टमेंट में दाखिल हो चुका हूं..... हमारा बढ़िया सा टू टायर एसी का कंपार्टमेंट है .....कंपार्टमेंट में दाखिल होते ही पहले तरफ वाली दोनों ऊपर नीचे के सीट हमारी थी ......जहां ऑलरेडी खुशबू और असलम जी आकर बैठ गए थे.......

खुशबू मुझे देखकर प्यार और दया की ટોન बोलती है ....

"अरे .....लगता है..... आपको तो बहुत परेशानी हो गई .....इतना सामान उठाकर अंदर तक लाने में.....!!!??? वैसे आपने देखा ....असलम जी ने कितनी आराम से मुझे चढ़ा दिया....!???



( खुशबू जैसे इनडायरेक्ट ही असलम के मर्दानगी की तारीफ कर रहे थे.....)

मैं भी मुस्कुरा कर असलम को "थैंक थैंक यू ....."


(कहां और असलम के बाजू में जाकर बैठ ने लगा सब सामान को सेट करते.....)

यह ट्रेन के कंपार्टमेंटऊपर नीचे की जिस सीट के आगे की तरफ प्रॉपर परदे लगे थे .....और पूरे कंपार्टमेंट को भी अगर बंद करना हो तो..... प्रॉपर पर्दों से बंद किया जा सकता था .......अभी मैं बस पूछ ही रहा था असलम जी को कि..... उनकी सीट नंबर यह कहां है की.....!!!! की TC हमारे पास आकर खड़ा हो गया.....


देखना मैं वो खडूस और गुस्सैल किस्म का लग रहा था ......आकर ही ....मुझे इग्नोर करके.... उसने थोड़े एटीट्यूड वाले टोन से असलम के पास आकर कहा


"टिकट ...!???"



साथ ही साथ उसने  खुशबू को ऊपर से नीचे पूरी पूरी बॉडी का मुआयना किया .....खुशबू के हाथों में लगी हुई लाल मेहंदी ....और जुड़े से यह साफ जाहिर हो रहा था कि वह हनीमून के लिए जा रही थी.......






असलम ने अपना मोबाइल निकाला और उसे टिकट दिखाने के लिए दिया .......वहां अपना चश्मा नीचे करते हुए बोला


"मिस्टर एंड मिसेज खान!!!!"  यह दोनों आप है...... और यह कौन है भला.... इनकी तो कोई टिकट नहीं और ना है इनका कोई जिक्र है.....!!!"







(पहले तो मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया ......कि यह क्या बोला..... यह क्या चल रहा था....... मैं असमंजस की स्थिति में था ......
लेकिन न जाने क्यों जब उसे TC के मुंह से


" मिस्टर एंड मिसेज खान "

सुना मुझे एक अलग तरह का रोमांच हुआ...... यह शब्द सुनकर... ...मैं समझ नहीं पा रहा था कि यह "मिस्टर एंड मिसेज खान " क्यों कहां टिकट कलेक्टर ने.... क्या हुआ..... क्या चल रहा था.... यह सब......)

तुरंत खुशबू ने सारी बात का मर्म समझ लिया वह बस मुस्कुरा कर चुपचाप वहीं बैठे रहे....






असलम तुरंत खड़ा हुआ .....उसने TC से कहां


" ARE 1 मिनट रुकिए साहब ......लगता है कुछ गलतफहमी हुई है ....."


(कहकर अपना मोबाइल उसके पास से ले लिया और मुझे आंखों का इशारा करके एक्सक्यूज करके बाहर की तरफ आने के लिए बोला मैं भी कंफ्यूजन की स्थिति में असलम के पीछे-पीछे laga....)

(जैसे उसे कोई गलती हो गई हो उसे तरह से असलम मुझे अपना पक्ष रखने लगा...)


"अरे यार अमित ......लगता है मेरे टिकट एजेंट ने गलती से अलग तरीके से टिकट करवा दी है....... इसमें क्या है .......मैंने सिर्फ गलती से भाभी जी का नाम भेज दिया था .....मेरा ट्रैवल एजेंट को..... और वैसे भाभी जी और मेरी बहुत सारी फोटोस इंस्टा पर थी ना .......तो शायद उसने गलती से "मिस्टर एंड मिसेज खान " के नाम की टिकट करवा दी....  उसे ऐसा लगा होगा कि मैं और खुशबू भाभी जी पति पत्नी है....... इसलिए  ...  यार अब तेरी तो टिकट करवानी ही रह गई........ और यहां पर आने की सब जल्दबाजी में और तैयारी में मैं ठीक से टिकट चेक भी नहीं किया था.....!!!!??




(मैं सोच और confusion में पड़ गया .....)


"अरे यार असलम जी ....यह तो बहुत बड़ी मिस्टेक हो गई ......अब क्या करें .....अब इसका रास्ता हम कैसे निकालेंगे .....!!?? मुजे लगा honeymoon की शुरुआत से ही इस तरह की गलती हो गई और इस तरह एप shugan हो गया .... जाने आगे क्या-क्या होगा......


"अरे यार असलम जी ऐसा हो तो आप बात करो ना उसे टिकट कलेक्टर से ......एक एक्स्ट्रा टिकट के लिए.....!!!!



(असलम  जानबूझकर अपने चेहरे पर चिंता का भाव लाते हुए कहता है )



"अरे यार मैं कोशिश तो कर लेता हूं ....लेकिन मुझे लगतरह से पुरी ट्रेन पैक है....... तो कोई टिकट अवेलेबल होगी या..... वह हमें देगा.... !!!  फिर भी मेरे भाई अब "तेरी" टिकट कंफर्म नहीं है...... तो मैं इतनी कोशिश तो कर ही लेता हूं .....!!!"




और असलम जी वापस टिकट कलेक्टर के पास आए ... टिकट कलेक्टर से बात शुरू की .....



"जी सर वह हमारे एजेंट से कुछ गलती हो गई थी बुकिंग करवाने में .....तो हम दोनों "मियां बीवी" की टिकट तो कंफर्म है ....लेकिन ये हमारे हेल्पर के टिकट कंफर्म नहीं हुई ...!!!!!"




(मुजे अपने कान पर यकीन नहीं आ रहा .....असलम किस तरह से बात कर रहा था...... असलम इस तरह से जिक्र कर रहा था जैसे खुशबू और वह मियां बीवी है .....और मैं कोई तीसरा व्यक्ति ......न जाने क्यों यह सुनकर मुझे अजीब लगा चाहिए .....थोड़ा गुस्सा आना चाहिए...... या कम से कम बुरा तो लगा ही चाहिए....... लेकिन असलम के मुंह से यह शब्द सुनकर के वह दोनों "मियां बीवी" है मेरे रोंगटे खड़े हो गए ......और साथ ही साथ में अलग तरह का अनुभव करने लगा...)





(खुशबू को भी कहीं ना कहीं यही हालत थी जब असल में जिक्र किया कि वह दोनों पति-पत्नी है....... और मैं तुम लोगों का कोई हेल्पर......
उसे भी बड़ा मजा आ रहा था .......मन ही मन वह भी खुश हो रही थी .....और आगे क्या होगा..... या जो कुछ भी होगा .....वह देखने जाने के लिए उतावली हो रही थी...)

(असलम जी जब tc से बात कर रहे थे तब मैं चालू बात से ही उनको वापस खींच कर साइड पर एक्सक्यूज करके ले जाने लगा )

"अरे यह क्या बोल रहे हो आप असलम जी ....."मियां बीवी"!???  और "हेल्पर".....
यह सब क्या है ....!!!!



असलm मुझे शांत करते हुए समझता ह


" देख भाई .....वैसे भी मेरी और भाभी जी की कपल के नाम की टिकट कंफर्म हुई है ......तेरा तो कोई जिक्र है भी नहीं .....अब मैं उनसे यह सब कहूंगा कि ......हम दोनों "मियां बीवी" नहीं है.....
अलग-अलग है.......तो वापस उसको और डाउट होगा ......तो शायद हमारी इस ऑलरेडी कंफर्म टिकट में भी वह कोई नुकस ના  निकाल दे...... खामखा पूरा जाने का प्रोग्राम बिगड़ जाएगा .....!!!!! और रही बात तुझे हेल्पर तरीके बोलने की ......तो और तो क्या बोलूं यार ....!!!! अब तुझे खुशबू भाभी का भाई बोलूं !!!??? या दोस्त बोलूं !???? दोस्त बोलूंगा तो कैसा लगेगा.....!????  उन्हें क्लीयरली लग रहा है की भाभी जी हनीमून पर है....... तो कोई भी आदमी सोचेगा ना...... की कोई अपने दोस्त को साथ लेकर क्यों आएगा.....!???




( वैसे असलम जी की बात का तर्क मुझे सही लगा चलो ......इतना कंसीडरेशन करके अगर वह टिकट दे भी रहा हो तो इसमें क्या फर्क पड़ जाएगा तो हम वापस tc के पास आते हैं .....)



"जी सर तो मैं कह रहा था अगर टिकट का हो पाए तो ....!????



असलम की बात पूरी हो उससे पहले ही टिकट कलेक्टर gusse  se



"अरे कहां ....शाहाब  जगह ही नहीं है .....मेरे सिर पर बैठा ल्यू क्या ...!???? और जब आप मियां बीवी हनीमून के लिए निकल रहे थे तो आपको हेल्पर को लेकर आने की क्या जरूरत थी क्या!????





(वह थोड़ा गुस्से और एटीट्यूड में बोलने लगा


"और आप भी क्या साहब इतनी लंबी सफर के लिए निकलने वाले थे तो प्रॉपर टिकट करवा देते ना!???




असलम बोला


" समझ ये ना साहब .....अब शादी के बाद पहली बार "मियां बीवी" इस तरह से घूमने निकलेंगे .....
तो कोई हेल्प पर रहेगा तो छोटे-बड़े काम कर सके गा ना ....हमारा..... सामान उठाना..... खाने का आर्डर देना .....वगैरा इसलिए लेकर आए थे ......!!!"
अब लेकिन इसकी टिकट कंफर्म नहीं हुई....... तो ऐसे ही ले आए ......सोचा आप जैसा कोई tc एडजस्ट करके दे देगा.....!!!!"





(खुशबू यह सारी बात बहुत गौर से सुन रही है और मन ही मन बेहद रोमन रोमांचित महसूस कर रही है....... उसे बड़ा मजा आ रहा है इस तरह से असलम के मुंह से मेरे बारे में बेइज्जती वाली बातें सुनकर.....)

"करिए na आप तो कुछ कर सकोगे..... थोड़ा ले देखकर ......टिकट सीट जैसी कुछ सुविधा कर दीजिए ......"



(कहकर असलम 500 की नोट बाहर निकलता है वह tc बिना कुछ बोले 500 के नोट ले लेता है ......और सिर्फ इतना कहता है......)



" सीट तो नहीं मिल सकेगी.... लेकिन अगर आप चाहो तो यह आपका हेल्पर यहां नीचे ફર્શ  के ऊपर सो सकता है ......."



(मैंने राहत की सांस ली और असलम और खुशबू ने एक दूसरे के साथ और सामने देखकर एक शैतानी स्माइल एक्सचेंज की )



वापस tc बोला


"देखिए साहब मैं अपने रिस्क पर इसको यहां पर रख रहा ......मैं चेक करने आता रहूंगा ......कि आप लोग कुछ उलट फिर तो नहीं कर रहे हो ....... फिर मेरे को कुछ प्रॉब्लम हो आप ऐसा कुछ मत करना ......!!!"



असलम -"अरे नहीं नहीं साहब..... थैंक यू .....कम से कम आपने इसे यहां रहने तो दिया.....!!!"



मैंने राहत की सांस लेने के काम से कम मुझे 2 टायर कंपार्टमेंट में जगह तो मिल गई ..... मैं खुशबू के बाजू में ही खड़ा था ......और असलम खुशबू के साथ नीचे वाली બર્થ के ऊपर बैठा हुआ था ......



"अरे असलम जी यह तो आपने बड़ी गलती कर दी...... अब बेचारे मेरे प्यारे पतिदेव को हनीमून पर ही कंपार्टमेंट में नीचे सोना पड़ेगा यार......??



असलम जी भी झूठा-mutha का दुखी होने का नाटक करता है


"अभी यार मैं इसमें क्या कर सकता हूं मेरे एजेंट ने गलती कर दी तो इसमें मेरी कहां भूल है...."




मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मैं क्या बोलूं .....


"हां जी .....आपकी बात तो ठीक है लेकिन अब क्या करूं......!


(मुझे मन ही मन बड़ा गंदा लग रहा था कि.... इस तरह से मेरी टिकट कंफर्म नहीं हुई..... जबकि मेरे दोस्त और मेरी पत्नी की टिकट कंफर्म हो गई....)





"वैसे असलम जी मैं यहां नीचे ही सो जाऊंगी .....आप ऊपर चढ़ने में काफी स्फुर्तीले होंगे ......तो आप ऊपर वाली सीट पर ही चढ़ जाएगा ....!!!



(खुशबू प्यार से रात में बैठकर होने वाली व्यवस्था कर रही है.... और जैसे इनडायरेक्ट उसने यह फिक्स ही कर दिया है कि मैं उसकी सीट के पास नीचे जमीन  पर सोऊंगा.....)




"जी ठीक है भाभी जी...... जैसा आपको कंफर्टेबल लगे...... मैं ऊपर ही चढ़ जाऊंगा ....!!!



(का कर असलम एक शैतानी मुस्कुराहट देखकर खुशबू को आंख मारता है.....)




(मैं बैग उठाकर ट्रेन में चढ़ने की यह सारी थकान और इस टिकट की सारी मगज मेरी के बाद मैं बैठकर थोड़ा रेस्ट करना चाह रहा था..... मैं खुशबू और असलम के बाजू में बैठने जा रहा था कि तुरंत ही खुशबू बोल पड़ी)





"अरे ......यह आप क्या कर रहे हो ......यहां हमारे साथ कहां बैठोगे.....!???  अभी वह tc आएगा
......तो वापस गुस्सा करेगा.... कहेगा कि एक हेल्पर को अपने अपने साथ बिठा रखा है.....!!! समझिए ના aap जरा .....ऐसा हो तो आप नीचे ही बैठ जाओ ना...... हमारे पैर के पास......!!!!  खामखा अगर tc आकर आपको हमारे साथ.....
यहां हमारे दर्जे पर बैठा हुआ देखेगा...... तो गुस्सा करेगा .......कहीं आपको ट्रेन से नीचे ના उतार देने की धमकी ना दे दे ........!!!!




(वैसे खुशबू जी की बात तो सही थी वह tc थोड़ा उल्टी खोपड़ी का और गुस्सैल ही लग रहा था....... और मैं नहीं चाहता था कि ऑलरेडी जो एक अपशुकन हो गया है वापस ऐसी कुछ भी दूसरी मगजमारी हो.... ...तू ज्यादा कुछ सोचे बिना मैं खुशबू जी के पैर के पास नीचे जमीन पर ही बैठ गया जबकि वहां और असलम दोनों नीचे वाली बर्थ के ऊपर बैठे थे)

(वैसे इस तरह से बैठने का मुझे तो फायदा ही हुआ.... खुशबू जी ने जो छोटी सी स्कर्ट पहनी थी मैं जहां बैठा था वहां से उनकी दोनों सुडौल जांघें और जांघों का अंदरूनी हिस्सा बहुत खूबसूरती से मुझे दिख रहा था.....)

[Image: 1000201455.jpg]


[Image: 1000201453.jpg]

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(मुझे तो मजा ही आ रहा था जबकि खुशबू और असलम जी एक दूसरे के साथ बातचीत में व्यस्त हो गए थे गोवा जाकर क्या करेंगे कैसे करेंगे इन सारी बातों को लेकर....)

धीरे-धीरे शाम भी होती रही थी और बाहर अंधेरा भी होता रहा था अभी भी खुशबू और असलम जी एक दूसरे के साथ ही बातचीत और मजा मस्ती में मशगूल थे ......थोड़ी देर में ट्रेन के स्टाफ में से कोई बंदा खाने का ऑर्डर लेने आया....

जाहिर सी बात है वह बंदा हम तीनों में से देख कर असलम को ही कंसर्ट करेगा ......क्योंकि वही लीडर या मुख्य बांदा जैसा लग रहा था ......


असलम ने कहां के



"मेरे लिए नॉनवेज थाली..... और मोहतरमा के लिए......



.( कह कर उसने खुशबू को बोलने के लिए जगह छोड़ दी)



" जी मेरे लिए भी नॉनवेज ही ......!"""

खुशबू ने बस मुस्कुरा कर इतना ही कहा और फिर असलम ने वापस मेरी और देखकर कहा और "इसके लिए एक veg थाली लेकर आना..."



यह पहली बार था जब खुशबू ने शादी से बाद नॉनवेज खाना मंगवाया था ......मैं थोड़ा कंफ्यूजन में था ......मैंने हल्के से खुशबू जी से पूछा


" खुशबू जी.....यहां आप ........इस तरह से.... नॉनवेज.....!!???


" तो और नहीं तो क्या अमित ......हनीमून है हमारा....... वहां पर आपके साथ मजा mस्ती करने में मुझे थोड़ी प्रोटीन की जरूरत भी तो पड़ेगी ना .....!!!!



(कह कर मुस्कुरा कर हंसने लगी )



"और वैसे भी अगर यहां में अभी नॉनवेज की वजह वेज ऑर्डर करूंगी .....और वह tc आएगा और देखेगा कि...... मेरे यह "पतिदेव"


( कहकर असलम की और इशारा करके हंसती है)



" नॉनवेज खा रहे हैं ....और मैं वेज तो कितना अजीब और गंदा लगेगा ना उनको...!!!"





(वैसे खुशबू जी की बात तो एकदम सही ही थी मैं भी इस बारे में फिर ज्यादा बातचीत या चर्चा करना ठीक नहीं समझा .......थोड़ी देर बाद हमारा डिनर भी आ गया .....खुशबू जी और असलम जी एक ही नीचे वाली बर्थ पर बैठकर अपने dish में से खाना खा रहे थे....... जबकि मैं नीचे जमीन पर बैठकर अपनी डिनर ले रहा था ......न जाने क्यों मेरे दिलों दिमाग में अलग तरह का भावना चल रही थी....... कुछ अजीब महसूस हो रहा था ......कुछ छोटा महसूस हो रहा था .....लेकिन साथ ही साथ कुछ समर्पण भाव जैसा भी महसूस हो रहा था..... कैसे मेरी पत्नी ......मेरी पास वाली सीट पर ......मेरे दोस्त के साथ बैठकर .....उसी के थाली में से खाना खा रही है ......वह दोनों एक दूसरे के साथ हंस रहे हैं .....कभी असलम भी अपने हाथों से उसको खाना खिला रहा है .....यह सब एक अलग तरह का अनुभव और रोमांच था.......)



थोड़ी देर बाद हमारा डिनर भी हो गया और बाहर शाम भी आगे बढ़ती जा रही थी......

असलम अभी भी नीचे वाली बर्थ पर खुशबू के साथ ही बैठा था....... और खुशबू ने अब मेरी तरफ पैर करके बैठने की वजह थकान के कारण अपने पैर लंबे करके वह वही लेटी हुई थी.....





मैं खुशबू के पैर के पास ही बैठा हुआ था और तू टायर एसी के कारण थोड़ी ठंड भी लग रही थी.......
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#91
थोड़ी देर बाद हमारा डिनर भी हो गया और बाहर शाम भी आगे बढ़ती जा रही थी......

असलम अभी भी नीचे वाली बर्थ पर खुशबू के साथ ही बैठा था....... और खुशबू ने अब मेरी तरफ पैर करके बैठने की वजह थकान के कारण अपने पैर लंबे करके वह वही लेटी हुई थी.....





मैं खुशबू के पैर के पास ही बैठा हुआ था और तू टायर एसी के कारण थोड़ी ठंड भी लग रही थी.......


खुशबू ने एक उबासी लेते हुए असलम से कहा



" चलिए मैं तो बहुत थक गई हूं...... मैं सो जाती हूं....... आप भी ऊपर चढ़कर सो जाइए.....!!"



असलम भी मुस्कुरा कर कहां की


"भाभी जान आप सो जाइए.... मैं भी ऊपर जाकर आराम कर लेता हूं........"




असलम अपने ऊपर वाली બર્થ पर चला गया ....


और खुशबू नीचे वाली बस पर प्रॉपर लेट गई ......इस तरह से बर्थ पर लेटने की वजह से उसकी मिनी स्कर्ट ऊपर हो गई थी .......तो उसकी मांसल जांघें बाहर की रोशनी में मुझे और खूबसूरती से और अच्छी तरह से दिखाई दे रही थी...... उसकी स्किन इतनी गोरी चिकनी सॉफ्ट और साफ लग रही थी कि साफ जाहिर हो रहा था कि सलीम के पार्लर के लोगों ने बहुत अच्छा काम किया था उसको वैक्स करवाने में.....

मैं खुशबू के नीचे वाली बर्थ के साइड में नीचे फर्श पर ही सो गया था ठंड की वजह से थोड़ा शहर भी रहा था........

की तभी खुशबू की ने दिमाग में एक और बड़ा प्लान आया....


वह खड़ी हुई और हल्के से मेरे पास आकर बोली



" सुनिए अमित जी .....लगता है आप बहुत ज्यादा अनकंफरटेबल हो .....आपको को यहां नींद भी नहीं आएगी...!!!!

(मुझे बड़ा अच्छा लगा कि..... कितना प्यार और चिंता के स्वर से खुशबू मेरे साथ बातचीत कर रही है .....उसे मेरी कितनी फिक्र है....)


" हां जी खुशबू जी ....लेकिन अब क्या करूं...... हमारे पास कोई सीट भी तो नहीं है....!!!




"अरे आप चिंता मत करिए अमित ......ऐसा हो तो मैं असलम को नीचे बुला देती हूं .......यहां सोने के लिए ........



(कहकर वह अपनी ही बर्थ के ऊपर इशारा करती है...)


(मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था...)



" अरे लेकिन खुशबू जी असलम जी अगर नीचे आपकी बर्थ पर सोएंगे तो आप कहां सोएंगे .....!???




"क्या मैं और आप ऊपर की बर्थ पर जाकर सोएंगे!!???


की तुरंत ही खुशबू झटके से बोलता है कि.....



" नहीं .......नहीं .....मैं और आप ऊपर थोड़ी जाकर सो सकते हैं..... अगर वह tc आएगा तो क्या सोचेगा .....कि मैं किसी हेल्पर के साथ एक બર્થ पर सो रही हूं...... अपने पति के अलावा....!????
"मैं तो यह कह रही हूं कि...... आप ऊपर जाकर सो जाना .....और मैं और असलम जी यहां नीचे वाली birth पर एक साथ सो जाएंगे .....उनके साथ एडजस्ट कर लूंगी .....मैं इतना आपके लिए.....!!!





(पहले to कुछ समझ नहीं की खुशबू क्या बोलना चाह रही है ......वह असलम के साथ सोएगी....!???  एक ही बर्थ पर!???  वह भी तब जब उसने इतने छोटे से कपड़े पहने हुए थे!???)




"अरे नहीं नहीं खुशबू जी..... आप भला इतनी परेशानी क्यों लेंगे .....!??? और यह मुझे कुछ ठीक भी नहीं लग रहा है ....!???



"अरे अमित इसमें नहीं ठीक लगने वाली क्या बात है ......अब देखिए ना वैसे भी हम इतने सारे दिन साथ रहने ही वाले हैं ना हनीमून पर .....तो यहां अगर असलम जी के साथ में बर्थ शेयर कर लूंगी तो इसमें कहां दिक्कत होगी !!!!??? इस तरह से अगर आप नीचे सोकर पूरा सफर काटेंगे तो आप भी थक जाएंगे .     और फिर हनीमून पर हमें मजा भी नहीं आएगा......!!!""



( ओ माय गॉड बेचारी मेरी पत्नी कितनी अच्छी है...... कितना सोच रही है हनीमून पर हमारे मजा के लिए और मेरे कंफर्ट के लिए.....)



" अच्छा ऐसा हो तो ......अगर और आपको परेशानी ना हो तो .....आप अगर इस तरह से एडजस्ट कर पाए तो......!!!


( मैं टूटी-फूटी आवाज में खुशबू से बोलता हूं)



" अरे परेशानी वाली क्या बात है..... ऐसा हो तो मैं सारी रात जागती रहूंगी.... यहां बर्थ पर.... असलम जी के साथ ......आपकी कंफर्ट भी तो देखना पड़ेगा ना मुझे ......!!!


(का कर वह खड़ी होती है और असलम को हल्का सा हाथ लगाकर जागती है )



"चलिए असलम जी .....आ जाइए मेरी बर्थ पर सोने के लिए.....!!!!


( वह लिटरेरी एक तरह से डबल मीनिंग में ही असलम को जैसे बुलावा दे रही है )



"अरे क्यों क्या हुआ भाभी जी.....!!!!!



" अरे देखी ना असलम जी ....!!!!! बेचारे मेरे पतिदेव ....!!!!!नीचे बहुत अनकंफरटेबल है...... और ऊपर से उन्हें ठंड भी लग रही है ....!!!!! तो मैं ही उन्हें सजेस्ट किया कि हम दोनों साथ में सो जाते हैं ....!!!!!नीचे मेरी बर्थ पर और वह ऊपर सो जाएंगे.......!!!!!

(असलम तुरंत ही समझ जाता है की खुशबू क्या करना चाह रही है....!!!!! वह भी इस प्लान में तुरंत जुड़ जाता है....!!!!!)




" अरे ठीक है भाभी जान जैसा आपको और अमित को ठीक लगे इतना एडजस्ट कर लूंगा मैं...."


( साथ ही साथ वह मुझे ऐसा जाता रहा है कि जैसे वह बहुत एडजस्ट करके सोएगा खुशबू के साथ एक ही बर्थ पर बहुत परेशानी में....)

(असलम ऊपर से नीचे आ जाता है की खुशबू  तुरंत मुझे वापस रहती है )



"आप अच्छे से चढ़ पाएंगे ना ....!??? या असलम जी को बोल दूं !??? आपकी हेल्प करने के लिए ऊपर चढ़ ने mai....!???"





(ऊपर चढ़ने के रेफरेंस को असलम बहुत अच्छे से समझ लेता है और मन ही मन मुस्कराने लगता है कि यह साली तो लिटरेरी अपने पति को बेइज्जत कर रही है मेरे सामने...)




"अरे नहीं नहीं खुशबू जी....!!!!! मैं चढ़ जाऊंगा....!!!!! ऊपर कोई परेशानी नहीं है....!!!!! थैंक यू यार असलम जी आप इतना एडजस्ट कर रहे हो ....!!!!!




"अरे कोई बात नहीं भाई....!!!!! अब तेरे लिए तो इतना कर ही सकता हूं ना



( कह कर वहां प्लीज असलम जैसे अपना एहसान जाता रहा है....)


(अब मैं ऊपर जाकर लेट गया हूं और थकान और परेशानियों के बाद हल्का-हल्का आराम करने लगता हूं अब मेरी पत्नी खुशबू और मेरा दोस्त असलम नीचे वाली birth पर एक दूसरे के पास बैठे हैं ...)

असलम एक शैतानी स्माइल लेकर खुशबू से कहता है

"तो शुरू करें क्या भाभी जी हनीमून"


खुशबू मस्ती में उसके हाथ को हल्का सा मार कर कहती है



" dhaattt......यहां भला कोई हनीमून थोड़ी ना मनाएगा.........!!!!!

कहकर खुशबू सीट और केबिन की तरफ लगे हुए दोनों पर्दे की तरफ इशारा करती है ....!!!!!

की तुरंत असलम खड़ा होकर दोनों बंद कर देता है....!!!!!


वापस खुशबू बात शुरू करती है ....!!!!!



"वैसे अच्छा सेट किया आपने tc को ......क्या कीमत देनी पड़ी थी आपको इसके लिए....!!!!!


असलम की शैतानी मुस्कुराहट देखकर कहता है



" वह तो अपनी कीमत लेने अभी थोड़ी देर बाद आ ही जाएगा वसूल करने के लिए....!!!!!



( और मुस्कराने लगता है खुशबू भी वापस बोलकर असलम की जांघों पर हल्का सा मार देती है....)




"सच में भाभी जान क्या छोटे mini skirt में तो आप पलंग तोड़ लग रही..."




खुशबू थोड़ा चढ़ते हुए कहती है



"यह क्या "भाभी जान " "भाभी जान" लगाए रखा है .......एक तरफ तो मेरे साथ हनीमून शुरू करने का बोल रहे हो .....तो यह "भाभी जान"   "भाभी जान" क्या होता है .....!!!! सिर्फ जान कहिए ना.....!!!!!


( कह कर खुशबू इनडायरेक्ट उसे उत्साहित करती है...)



(खुशबू की तरफ से इस तरह का आमंत्रण पाकर असलम भी खुश हो जाता है ....और अपने दोनों हाथ उसकी कमर में डालकर अपने पास खींच लेता है खुशबू भी मचल उठाती है.....)

(उसका पति जो उसे सिर्फ एक ही birth ऊपर सोया हुआ है और वह नीचे इस तरह से दूसरे मर्द की बाहों में अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रही है.....)





"अच्छा तो जान....... खुशबू जान ......


(कहकर असलम अपनी बात शुरू करता है )


और अपने दोनों हाथ खुशबू की कमर से होते हुए हल्के हल्के उसके ट्रांसपेरेंट टॉप के ऊपर पहने हुए टॉप की तरफ ले जाता है .....


"सच में  सच मैं जान..... तुम लोगों में यह जो दूध की थैलियां होती है ना..... क्या बताऊं...... हम लोग इसके कितने दीवाने होते हैं....".

कहते हुए हल्का-हल्का असलम खुशबू की दोनों दूध से भरी हुई गोरी चिकनी सॉफ्ट छाती दबाने लगता है....

[Image: 1000190357.jpg]


[Image: 1000190356.jpg]


"हां जी असलम जी .....हमारा यह दूध पीकर ही तो आप लोग इतने ताकतवर और साढं जैसे बन जाते हो ....."



खुशबू भी उसकी बात का मस्ती से जवाब देती है.....




"आपको नहीं लगता जान ......अब से थोड़ा आजाद कर देना चाहिए ......!"???


(और एक ही झटके से .....खुशबू की हां के बिना....... असलम खुशबू का टॉप ....इस तरह से चलती हुई ट्रेन में ऊपर कर देता है....... और उसके दोनों छतिया बिना ब्रा के आजाद कर देता है....)


[Image: 1000190354.jpg]


[Image: 1000190348.jpg]

और जैसे कोई सालों से प्यास हो उसे तरह से अपने दोनों मर्दाना हाथों से जंगली की तरह असलम खुशबू की दोनों छतिया दबाने लगता है...


एक्साइटमेंट के मारे खुशबू


"ahhh.... ummm..... uiiii.......!!!"


. बोल बोल कर हल्का-हल्का कराह रही ह...... खुशबू के लिए यह पहली बार का अनुभव था ........शादी से पहले चाहे उतने कितने भी रंगरलिया या गुरुछाले उड़ाया हो अपने यारों दोस्तों के साथ..    .. लेकिन अब वह एक शादीशुदा औरत थी ..... किसी की अमानत थी...... किसी की पत्नी थी ......उसके बावजूद भी इस तरह से  वह एक गैर मर्द की बाहों में थी .....और उसे अपनी छाती दबा रही थी ......खुशबू को इसमें एक अलग तरह की kick मिल रही थी........




"थोड़ा धीरे-धीरे ....हल्का-हल्का .....असलम जी ......मैं कहीं भाग नहीं जा रही हूं.....!!



( खुशबू प्यार से असलम को कहती है....)

"हम तो आपको भाग कर कभी ही जान भी नहीं देंगे भाभी जी ...लेकिन अब इतना बढ़िया माल हमारे सामने.... रहेगा तो हम थोड़ी आसानी से छोड़ देंग.......





खुशबू-" वापस भाभी जी ......!!??? यह क्या !??



"पता नहीं क्यों खुशबू..... लेकिन जब तक आपको भाभी जी कह नहीं बुलाता था मुझे feel नहीं आता .....उसमें वह एक अलग रोमांच और feel मिलता है .....कि तुम किसी दूसरे की पत्नी हो और उसके बावजूद भी हमारी बाहों में.......हो हा हा हा...:





"अच्छा जी .....ऐसा है .....अभी थोड़ी देर पहले तो मुझे अपनी बीवी बनाकर इंट्रोड्यूस किया था ......उसमें भी नहीं मजा आया था क्या!????   (खुशबू एकदम अदा से पूछता है... खुशबु बड़ी खूबसूरती से "पत्नी" शब्द के बजह "बीवी" शब्द का इस्तेमाल करती है)

"उसमें भी मजा तो आया ही था खुशबू जान ....!!!!!लेकिन यह दूसरे की प्रॉपर्टी को अपना बनाने की जो फीलिंग है ना ....!!!!!वह कुछ अलग है ....!!!!!





कहकर असलम अपने दोनों मर्दाना हाथ का दबाव खुशबू की गोरी चिकनी सॉफ्ट सुडौल दूध से भरी हुई छाती पर और बढ़ा देता है...

[Image: 1000190351.jpg]


[Image: 1000197400.gif]


खुशबू को भी बड़ा मजा आ रहा है वहां जैसे अपने आप को आजाद महसूस कर रही है साथ ही साथ वह अपने दोनों टांगें भी हल्की-हल्की खोल रही है.....


खुशबू असलम को पूरा मजा करवाना चाह रही थी अभी से ही ..... न सिर्फ उसके दूध से भरी हुई छाती का लेकिन उसकी गोरी चिकनी और सुडौल बॉडी का भी ...इसलिए उसने अपने आप को असलम से दूर किया और जानबूझकर एकदम अदा से जाकर असलम के सामने ही birth पर पूरी लेट गई.....


[Image: 1000190346.jpg]


इस तरह से लेटने के कारण खुशबू की chutad और ऊपर की तरफ हो गए थे ......जो असलम को देखने में बहुत ही मजेदार और सेक्सी लग रहे थे....... वापस कुछ देर बाद खुशबू ने जानबूझकर अंगड़ाई लेती हुई ......असलम की तरफ मुंह करके लेट गई .....और अपने डार्क रेड रंग की नेल पॉलिश वाले पर से हल्का-हल्का असलम के पेट के दो पैरों के बीच में दबाव बनाने लगी......


[Image: 1000190343.jpg]




असलम एक भूखे शेर की तरह खुशबू को ऐसे देख रहा था ....!!!!!जैसे वह किसी भी पर उसके ऊपर टूट पड़ेगा ....!!!!!इस बात की परवाह किए बिना कि ....!!!!!वह लोग अभी एक चलती हुई ट्रेन में है और खुशबू का पति उनसे इतना करीब है....!!!!! खुशबू भी असलम को पूरा चिढ़ाने के मूड में थी....!!!!! उसे एकदम कामुकता से पूछता है....!!!!!



" देखना नहीं चाहोगे असलम मियां .....!?? आपके लिए मैंने कितनी तैयारी की है!????




( कहकर खुशबू अपने दोनों गोरे चिकने सॉफ्ट पर हल्के हल्के खोलती है ......और अपनी पहनी हुई छोटी सी फैंसी पैंटी असलम को दिखाती है. ..... खुशबू ने अपने पैरों के हिस्से पर भी मेहंदी लगा रखी है .......इस तरह से गोरे बदन के ऊपर डार्क ब्राउन रंग की मेहंदी का कलर खूब निखर कर बाहर आया है.....)

असलम पागल हो गया खुशबू की गोरी चिकनी पेटी लाइन और अंदरूनी जांघों हिस्सा देखकर....

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अपनी पैंटी हल्की सी साइड करके..... एकदम सीधी लाइन दिखती है .....खुशबू अपनी चुत की असलम को .....



यह पहली बार था जब मेरे दोस्तों में से किसी ने मेरी खूबसूरत पत्नी की च** देखी थी ....!!!!!असलम को यह बहुत अच्छे से पता था की खुशबू ऑलरेडी बहुत सारे मर्दों के साथ हम बिस्तर हो चुकी थी ....!!!!!लेकिन उसके बावजूद भी खुशबू की टाइट साफ च** देखकर असलम को यकीन नहीं हो रहा था ....!!!!!वह बिल्कुल एक कॉलेज गर्ल जितनी जवान लग रही थी..........!!!!!
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#92
असलम से तो कंट्रोल हो ही नहीं रहा था....!!!!! वह तुरंत ही अपना हाथ खुशबू के chut के आसपास घूमने लगता था और उसे महसूस करने लगा ....!!!!!खुशबू भी पूरी मदहोश हो गई थी....!!!!! असलम अपने हाथों का जादू दिखा कर उसकी पेंटिं को उसके छोटे से स्कर्ट से अलग कर दे असलम को भी इतना ही इशारा काफी था कि उसने तुरंत ही मेरी प्यारी पत्नी खुशबू की पैंटी उसकी बॉडी से अलग कर दी अब असलम अपने उंगली जो साइज में मेरे लैंड जितनी थी खुशबू की च** के आसपास घूमने लगा....

[Image: 1000190339.jpg]

"अरे भाभी जान ......तुम तो जान ले लोगी....... इसमें तो बड़े-बड़े कुतुब मीनार चले जाएंगे ......."


(असलम खुशबू की तारीफ करता हुआ कहता है )


"कुतुब मीनार का तो पता नहीं लेकिन असलम मीनार तो मुझे चाहिए ही ......"(और खुशबू हंस देती है.....]



"मैं पागल हो जाऊंगा यार ....खुशबू .....(कहकर असलम यह अछे जाहिर कर रहा है कि ......उसे एक्साइटमेंट रोक नहीं जा रही है.....)


" जरा अच्छे से दिखाओ तो .....एक काम करो..... प्रॉपर घोड़ी बन जाओ .....!!!"


(खुशबू भी एक प्यारी लड़की की तरह जो..... अपने से सुपीरियर मर्द ....बोले .....वह कहेंने में मानने वाली औरत की तरह .......तुरंत ही बर्थ के ऊपर अपने दोनों घुटनों के ऊपर बैठकर घोड़ी जैसी हालत में आ जाती है....... जिसकी वजह से उसके गोरे चिकने सॉफ्ट सोडल और फैल जाते है....!!!!


[Image: 1000190342.jpg]


(बाहर के आते हुए हल्के से प्रकाश में भी असलम खास अच्छे से देख रहा था की...... खुशबू की गांड कितनी बड़ी सॉफ्ट ....सुडौल ....और पूरी shaped में है....... यह हकीकत जानने के बावजूद भी की खुशबू बहुत बार अपनी गांड मरवा चुकी है ......वह काफी खूबसूरत दिख रही थी.....)




"Ahhh..... भाभी जी..... आपकी यह गांड......!!!!

( खुलकर अपने मर्दाना हाथ असलम मेरी पत्नी की सॉफ्ट चूतड़ पर यहां वहां लग रहा है.....)

खुशबू भी असलम को मजा आए उसे तरह से उसे करने दे रही है .......किसी भी बात के लिए नहीं रोक रही है .......मन ही मन उसे डर के बावजूद की.....  उसका पति उससे बहुत करीब है .....अगर वह इस हालत में पकड़ी गई .....फिर वह क्या जवाब देगी.......

असलम अपना तगड़ा सा लंड अपने पेंट के ऊपर से ही रगड़ रहा है .......और वापस खुशबू को उल्टी होकर लेट जाने के लिए कहता है....... ताकि वह उसकी गांड से और अच्छे से मस्ती कर सके........

जैसे ही खुशबू लेट जाती है..... वह अपने दोनों चूतड़ एक साइड रखते है .......इसलिए वह दोनों एक ताजा फ्रेश मैंदे से बने हुए आटे की ब्रेड जैसे लग रहे हैं.........

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असलम भी अब बिना किसी ड़र या झिझक के अपने ही दोस्त की पत्नी की soft chutad इस तरह से चालू ट्रेन दबा रहा है .....उसे भी आने वाली किसी भी तरह की स्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ता...... उसे पता है वह एक सच्चा मर्द है..... वह किसी भी प्रॉब्लम से आराम से निकल जाएगा......



असलम ऐसे ही खुशबू की जवानी और उसकी चूतड़ के मजे ले रहा था कि...... तुरंत ही बंध की वह पर्दों के बीच में से एक मर्दाना हाथ जाकर खुशबू के chutad सहलाने लगता है....


[Image: 1000197401.gif]


एक सेकंड के लिए तो खुशबू की जान हलाक में अटक जाती है .....यह क्या !??? ऑलरेडी दो हाथ तो उसके चूतड़ मसल रहे थे ......यह दोनों दूसरे हाथ किसके हैं ....!??? असलम भी एक सेकंड के लिए डर जाता है .....लेकिन वह तुरंत संभल जाता है ......उसे पता था कि यहां हाथ किसके है...... यह इस टिकट कलेक्टर के थे..... जिसने अमित की टिकट सेट करके दी थी.......



खुशबू और असलम की आंख मिलती है ......aslam उसे इशारों से ही शांत रहने को कहता है ......और जैसे कहता है कि उसे थोड़ा इंजॉय कर लेने दो .....तो बाकी का सफर अच्छे से कट जाएगा .....असलम साथ में था इसलिए सिक्योरिटी की या किसी भी तरह की चिंता खुशबू को करने की जरूरत नहीं थी .....वह अपने आप को बहुत सुरक्षित महसूस कर रही थी...... इसलिए वापस वह उल्टा होकर लेट गई .......और उसे अनजान टिकट कलेक्टर को जगह दे दी उसके चूतड़ के साथ खेलने में...........

खुशबू ने यहां अपेक्षा नहीं खींची के ऐसा कुछ होगा लेकिन साथ था असलम करीब था इसलिए उसने ज्यादा कोई सूचना सही नहीं समझा....

उसे टिकट कलेक्टर को बड़ा मजा आ रहा था मेरी पत्नी के इस तरह के चूतड़ को हल्का-हल्का दबाकर दबाने में उसे महसूस करने में उसकी सॉफ्टनेस को फुल करने में....

[Image: 1000197402.gif]


वह बहुत बार उसकी सॉफ्ट ब्रेड जैसी दोनों चूतड़ को एक दूसरे से अलग करके असलम को जैसे दिख रहा था कि .....यही इसी.चीज को तुम उसे सफर  में अच्छे से एंजॉय करने वाले हो..... असलम को भी उसका यह जेस्चर पसंद आ रहा था........

थोड़ी देर बाद मेरी पत्नी के चूतड़ से अपना हाथ shake कर वह tc चला गया...... खुशबू ने भी अपने आप को ठीक किया.... संभाल....... लेकिन साथ ही साथ  यह भी गौर किया कि अगर इस वक्त असलम को यह सब करने से नहीं रोका...... तो न जाने वह यही मुझे ट्रेन में ही chod दे....!!!!  वह असलम के पास आई और बोली .....5 मिनट में जरा वॉशरूम में फ्रेश होकर और चेंज करके आती हूं........

असलम भी जैसे अपनी खुद की पत्नी का इंतजार कर रहा हूं .....ऐसे इंतजार करने लगा ......और खुशबू वॉशरूम की तरफ चली गई और उसने कुछ इस तरह के ऊपर से नीचे प्रॉपर ढके हुए कपड़े पहने....


[Image: 1000201629.jpg]

वह कुछ इस तरह का ऊपर से नीचे एक साथ पहने जाने वाला नाइट ड्रेस था .....लेकिन काफी फैसिलिटी के साथ .....कि  अगर किसी भी औरत को बाथरूम या टॉयलेट वगैरा use करना पड़े...... तो पीछे से इस तरह से एक्सेसिबल बटंस थे...

[Image: 1000201628.jpg]

[Image: 1000201631.jpg]


वापस आकर खुशबू अदा से असलम के साथ बैठ गई ........असलम तो खुशबू को ऐसी ड्रेस में देखकर ही पूरा मूड ऑफ गया ऑफ हो गया ...



"अरे यह क्या खुशबू .....यह तो तुम पूरी बंद होकर आ गई .....अब मुझे क्या मजा आएगा ....!???



"अच्छा जी ....तो आपकी मजा के लिए यहा चलती हुई ट्रेन में आपके साथ कर लूं क्या ....!???? और वह भी तब ....जब मेरे प्यारे पतिदेव बेचारे मेरे से इतने करीब है .........हां ....!!!???



(कह कर खुशबू मस्ती करती है )


"चलिए .....आपने वैसे भी जितना मजा करना था वह अच्छे से कर लिया है..... चुपचाप सो जाइए.....!!!!


( का कर वह जैसे उसकी बाहों में डालकर उसे बर्थ पर लिटा देती है...)


छोटी सी ट्रेन की बर्थ पर..... खुशबू अंदर की तरफ थी .....जबकि असलम बाहर की तरफ सोया हुआ था .......दोनों का चेहरा एक दूसरे के सामने था..... इतनी सारी एक्साइटमेंट वाली घटनाओं के बाद खुशबू और असलम दोनों बहुत ही उत्साहित महसूस कर रहे थे ......खुशबू की सांस असलम की सांस से मिल रही थी ......और दोनों की बॉडी एकदम चिपकी हुई हालत में थी.....

"Tc का सेटिंग करने के लिए शुक्रिया असलम जी....!!!"


( कहकर मुस्कुरा कर खुशबू आंख मारती है...)



"शुक्रिया तो आपका खुशबू जी .....के आपने उसे "छोटू" को ऊपर सुला दिया.... और यहां मेरे साथ सोने के लिए आ गई हा हा हा.......!!!!




खुशबू का चेहरा असलम की छाती के ऊपर था और न जाने क्यों लेकिन इस वक्त सेक्स के साथ-साथ खुशबू और रोमांस और प्यार जैसी भावना भी महसूस कर रही थी ....उसे बड़ा अच्छा लग रहा था ......बड़ा मजा आ रहा था ......इस तरह से एक मर्द की बाहों में पड़े ....पड़े.... लेटे...... लेटे....उसे वह feeling कभी भी मेरे साथ नहीं आई थी.......

वह जैसे अपने आप को पूरी आजादी के साथ-साथ सुरक्षित भी महसूस कर रहे थे......... इस तरह अपना सर असलम की चौड़ी  छाती पर रख कर.....

aslam भी हो सके उतना उसे अपने करीब रखना चाह रहा था..... जैसे कि वह दोनों कोई प्रेमी कपल ही ना हो ......!!!असलम को भी खुशबू का साथ..... उसकी कंपनी .....उसकी बॉडी ......हर चीज आकर्षित कर ही रहा था....


एक्साइटमेंट और रोमांस के मारे असलम और खुशबू कब एक दूसरे को एक प्रेमी और प्रेमिका की तरह लिप किस करने लगे उन्हें पता ही नहीं चला..
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#93
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वह दोनों बिल्कुल नई नवेली गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह एक दूसरे को लिप किस कर रहे थे .......दोनों के सलाइवा एक दूसरे के मुंह में अच्छे से आ जा रहे थे ......साथ ही साथ किस करते वक्त दोनों के हाथ भी एक दूसरे की बॉडी को अच्छे से महसूस कर रहे हैं......एक दूसरे के और करीब आने की कोशिश कर रहे थे......


जब खुशबू अपने प्यारे सॉफ्ट हाथ असलम की छाती का नाप लेने के लिए और उसकी बॉडी में यहां वहां घूम रही थी ......तब उसने पहने हुए हाथ के जुड़े में हल्की-हल्की खन....खन .......बज रही थी वह चलती हुई ट्रेन में भी साफ-साफ सुनाई दे रही थी.........


खुशबू वापस अपने आप को स्वस्थ करती है वह यहां इस वक्त जो हो रहा है उसे रोकना चाहती है....... लेकिन उसकी बॉडी उसका साथ नहीं दे रही है ......लेकिन उसके बावजूद भी खुशबू हिम्मत करके असलम को कहती है ....


"ब.स असलम जी ....अब सो जाते हैं यार.....!!!"


( और वह उल्टा होकर अपनी गांड के हिस्से से असलम को एकदम चिपक कर जैसे कि वह दोनों पति-पत्नी हो उसे तरह से सोनी लगती है...)





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जाहिर सी बात है .....इन सारी हरकतों की वजह से असलम का बड़ा सा लंड तो ऑलरेडी बहुत टाइट हो ही चुका था ........जो बार-बार खुशबू की चूतड़ की दरार में टकरा रहा था और उसे महसूस हो रहा था.........!!!!



खुशबू वापस प्यार से कहती है


" बस ना असलम जी .....अब सो भी जाहिए ના......यह मुझे क्या चुभा रहे है आप....!!???



"अब भाभी जान कुतुब मीनार खड़ा हो गया है .....तो चुभेंगे तो सही ......जब तक वहां बैठेगा नहीं तब तक.......!!!"




और अपना तगड़ा सा लंड खुशबू ने पहने हुए नाइट ड्रेस और जोर से टकरा रहा है असलम....

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(असलम इतना  एक्साइटेड था और उसका ल** इतना तना हुआ था कि...... अगर नाइट्र ડ્રેસ के कपड़ा बीच मैं नहीं होता तो वह आराम से खुशबू के चूतड़ के दरार के अंदर बाहर हो गया होता....)



"अब इसको अगर आपको  बिठाना हो तो आप ही कुछ रास्ता निकालिए..... भाभी जी.... वरना तो सारी रात यह आपको सोने नहीं देगा.....!""""




"हां जी .....मेरे प्यारे असलम जी.....रास्ता तो मुझे ही निकालना पड़ेगा .......वरना यह तो मेरे दरवाजे पर दस्तक रहता रहे देता रहेगा......!!!!  एक काम करती हूं .....मैं इसको सुला देती हूं .....तभी यह मेरे को सोने देगा......



( कहकर खुशबु मुस्कुराती है....).



"लेकिन याद रखना भाभी जी..... आपको मेहनत बहुत पड़ेगी .....यह इतनी आसानी से नहीं सोता है...... "



"हां ....हां.. ..आप उसकी चिंता मत करिए"


"यह क्या भाभी जी .....हनीमून पर भी ભલા कोई सोता है ......यह सफर है .....इसलिए मैं कुछ नहीं बोल रहा हूं .....लेकिन याद रखिएगा ......गोवा जाकर आपको एक भी रात सोने को नहीं मिलेगा....!!!!




"हा हा हा हा हा..... जी मुझे पक्का पता है..... क्या आप मुझे नहीं सोने देने वाले हो...... लेकिन सफर है इसलिए मैं भी कह रही हूं....."


(कहकर हल्के हल्के असलम को किस करते हुए खुशबू अपने कोमल हाथ ......उसके पेट के ऊपर सहला रही है ......और वह तुरंत ही महसूस कर देती है कि असलम का लड कितना बड़ा तगड़ा और खड़ा हुआ है.....)

असलम ने नीचे पहने हुए कपड़े के अंदर खुशबू हाथ डालते हैं....... उसे पता लग जाता है कि असलम ने अपना हथियार को संभालने के लिए अंडरवियर नहीं पहना है .......बहुत सारे घुंघराले बालों से होते हुए .......वह रोड जितना तना हुआ...... असलम का लड अपने हाथ में पकड़ लेती है ......यह पहली बार था जब शादी के बाद खुशबू किसी रियल मर्द का लैड छू रही थी ........उसे पकड़ रही थी ......उसे महसूस कर रही थी....... वह सातवे आसमान पर थी........ असलम के साइज का अंदाजा लगाकर  ........उसे बड़ा मजा आने लगा ........और उसका मन बहुत चंचल होने लगा के....... हनीमून पर तो उसे मजा ही आ जाएगा.....

असलम के कान और होंठ के ऊपर किस करते हुए वह हल्का-हल्का उसका तगादा सा लंड आगे पीछे करने लगती है........

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(साथ ही साथ वह उसे कल्पना से थोड़ी सहर भी जाती है कि...... जब यह उसकी बॉडी में .....आगे.... पीछे ....या उसके मुंह में ......जाएगा..... तब उसकी क्या हालत होगी...... वह तो ठीक से चल भी नहीं पाएगी...)

असलम के कान में वह हल्के-हल्के कराहती  मादक आवाज करती .....उसे और एक्साइड कर रही है......

"Ahhh...oh....aslamm....ji....... यह तो कितना बड़ा है..... यह तो मेरे हाथ में भी नहीं आ रहा है......!!!!"




(कहते हुए एक गैर मर्द के बड़े से लंड की तारीफ करती है....)


खुशबू हाथ आगे पीछे कर रही है इसलिए उसने हाथ में जो जुड़े और कंगन पहने हैं उसकी खनक भी और बढ़ने लगती है....!!!!

जो असलम को और एक्साइड कर रही है...


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अंधेरा होने के बावजूद भी खुशबू असलम के ल** की साइज आराम से महसूस कर रही है और अंदाजा लगा रही है कि यह तो लगभग अमित के एक हाथ जितना बड़ा था......

असलम की गल और गले के ऊपर किस करते हुए खुशबू अपने हाथों के तेजी बढ़ा रही है....



वह खुशबू को एक तगड़े से लोहे की रोड जितना बड़ा और तन हुआ लग रहा था.....



खुशबू ने भी बहुत दिनों बाद एक तगड़े और सच्चे मर्द का लंड हाथ में लिया था ...

तो वह भी बहुत एक्साइटेड थी वह भी उसको पूरा खेल लेना चाहती थी ....उसे पुरा निचोड़ देना चाहती थी..... और उसको पूरा इस्तेमाल कर देना चाहती थी.......

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बहुत तेज झटका लग रही थी ....और साथ ही साथ गौर कर रही थी कि .....उसके साथ-साथ असलम की सांस भी तेज हो रही है.......

एक्साइटमेंट के मारे अब असलम भी किसी भी पल ढेर हो जाने वाला था.....


असलम को पता था कि वह एक चलती ट्रेन में है और इस लड़की का पति ऊपर ही सोया हुआ है इसलिए अपनी भावनाओं के ऊपर काबू करते हल्का सा कराहने की आवाज से ......चिल्ला कर असलम अपना ढेर सारा गाथा चिकन वीर्य छोड़ने लगा..



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वीर्य निकलने का चालू हो जाने के बावजूद भी खुशबू असलम का तगड़ा लंड छोड़ नहीं रही थी
.... बल्कि और उसे अच्छे से आगे पीछे कर कर प्रॉपर निचोड़ देना चाह रही थी...

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लेकिन साथ ही साथ खुशबू यह भी ध्यान रख रही थी कि इतनी कीमती घाटे चिकनी वीर्य का एक भी बूंद नीचे ना गिर जाए...
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#94
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"और भाभी जान..... मजा आ गया ...क्या मस्त काम करते हैं .....आपके हाथ ......यार ......वरना मैं तो जिंदगी में कभी भी इतनी जल्दी ढेर नहीं हो गया......."


( अपनी टूटी हुई आवाज में असलम खुशबू की तारीफ करता है.....)

"योर वेलकम असलम जी ......लेकिन अभी तो अपने यहां सिर्फ मेरे हाथ का कमाल देखा है ......बाकी की चीजों के कमाल के बारे में तो आपको पता ही नहीं है .......(कहकर खुशबू आंख मारती है...)

"अरे अब इसका क्या करोगी भाभी जी...... आप.....!!!???"


( खुशबू के हाथ में खुद का ढेर सारा वीर्य देखकर सहज तौर पर असलम को सवाल होता है....)




तकरीबन 15 20 सेकंड तक खुशबू कुछ नहीं बोलता है .......



"जी सोचती हूं इसका एक प्रॉपर इस्तेमाल ही किया जाए .......!!!




(खुशबू यह बोलती है तो .....असम को ऐसा लगता है कि..... शायद वासना से भरी हुई खुशबू ......उसका सारा वीर्य अच्छे से चाट चाट कर पी जाएगी . ......लेकिन खुशबू के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था .......उसने अपने और असलम के ऊपर का कंबल हटाया..... और वह खड़ी हो गई .....अब उसका मुंह ऊपर लेते हुए मेरी बर्थ के एकदम करीब था....... वह हल्की सी ऊपर हुई और उसने असलम का ढेर सारा चिकन घाट वीर्य धीरे-धीरे मेरे चेहरे पर लगाना चालू कर दिया....)

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(थकान की मारे मैं तो गहरी नींद में था....... लेकिन खुशबू की सुकोमल हाथ किसी चिपचिपी क्रीम के साथ .....मेरे चेहरे पर लगाते हुए मैंने महसूस किए....... के तुरंत ही मेरी  हल्की-हल्की नींद खुली थी लेकिन अभी भी मैं थोड़ी गहरी नींद वाली हालत में ही हूं ....)




"अरे खुशबू जी ....यह क्या है ....!??? यह आप क्या कर रहे हो !???



"अरे कुछ नहीं जान .....ठंड बहुत है ....वैसे भी और ठंड की वजह से तुम्हारी स्किन फट न जाए ना....... इसलिए यह एक खास लोशन जैसी क्रीम है .......तुम्हारी चिंता हुई ......तो सोची तुम्हारी चेहरे पर अप्लाई कर दूं .....!!!




जवाब देते देते भी खुशबू असलम का ढेर सारा वीर्य मेरे चेहरे पर गाल पर सब जगह लग रही थी ......


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"अरे थैंक यू खुशबू जी ....आप इतना सोचती है मेरे बारे में .....लेकिन थोड़ा ध्यान से अप्लाई करिए....... यह मेरे मुंह में भी जा रहा है......!!!"



" अरे कोई बात नहीं अमित..... यह एडिबल टाइप की क्रीम है...... काफी महंगी है .....बहुत मुश्किल से ही मिलती है ....... और बहुत मेहनत करके उत्पादन होती है ......असलम जी लाए थे ......मेरे लिए .....खास....... अगर यह.आपके मुंह में चली जाएगी .....तो भी कोई दिक्कत नहीं है ......!!"



"अच्छा ऐसा है क्या.... खुशबू जी .....मुंह में गई थी...... थोड़ी खट्टा मीठा सा टेस्ट है......



" हां जी अमित जी कोई दिक्कत नहीं है .....आप अच्छे और आराम से सो जाइए .....यह लीजिए कंबल ......और proper aondh के सो जाना .......ठंड बहुत है ......!!!




"अरे लेकिन फिर खुशबू जी .....आपके लिए कंबल!??




" अरे कोई बात नहीं ना .....मैं और असलम एक दूसरे के साथ चिपक कर सोए हुए हैं .....एक ही कंबल में .......तो हमें ज्यादा ठंड नहीं लग रही है!!!!


( नींद में होने की वजह से मुझे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था खुशबू जी क्या बोल रही थी...... लेकिन मैंने उन्हें बस गुड नाईट कहा .......)


असलम इतने आश्चर्य भरी नजरों से खुशबू को देख रहा था कि ......तुरंत ही खुशबू में कहां



" क्यों !???? मैं यहां पर आपकी बीवी बनाकर इस तरह से मजे ले रही हूं ......तो आपकी पुरानी हाफ गर्लफ्रेंड को भी तो मजा आना चाहिए ना!???


(और जैसे वह यह हिंट दे रही हो की नजर ने अब आगे तो और क्या-क्या होगा हनीमून पर)



खुशबू नीचे आई असलम को तो यकीन नहीं आ रहा था कि...... कोई एक लड़की किस हद तक जा सकती है..... कैसे खुशबू ने अपने ही यार का गाढ़ा सा वीर्य अपना ही पति के चेहरे पर लगा दिया........ असलम तो यह कल्पना करके ही एक्साइटेड हो जाता है की ......अब आगे गोवा में और क्या-क्या रंग देखने के मिलेंगे खुशबू के .....वह खुशबू को अपनी बाहों में बुलाता है........ खुशबू उसके बाजू में लेट जाती है ......एक प्रॉपर पति-पत्नी की तरह असलम कंबल ऊपर करता है और वह दोनों गहरी नींद में सो जाते हैं......)
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#95
Behatreen update bhai ek train ke safar ko bhi itna romanchit banaya ja sakta hai kabhi socha nhi tha par bhabhi ke chalak dimag me na jane aur kya kya plan kar rkha hai uff apne hi pati ke dost ki gadhi mardana malai pati ko khilakar khushbu me sabit kr diya usko sirf M mardo se attraction nahi puri tarah khush krne ka samarpan bhi hai. Maza hi aa gaya ab intezar nhi ho rha honeymoon me kya kya hoga
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#96
माफ करिएगा दोस्तों छोटी सी अपडेट दे पाया हूं अगली कब आएगी नहीं बता सकता लेकिन आशा रखता हूं यह आपको अच्छे से समझ और पसंद में आएगी
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#97
(19-02-2025, 01:25 PM)Kabir.mkk Wrote: Behatreen update bhai ek train ke safar ko bhi itna romanchit banaya ja sakta hai kabhi socha nhi tha par bhabhi ke chalak dimag me na jane aur kya kya plan kar rkha hai uff apne hi pati ke dost ki gadhi mardana malai pati ko khilakar khushbu me sabit kr diya usko sirf M mardo se attraction nahi puri tarah khush krne ka samarpan bhi hai. Maza hi aa gaya ab intezar nhi ho rha honeymoon me kya kya hoga

हा हा हा हा हा तारीफ के लिए शुक्रिया लेकिन शायद मैं अभी इस अपडेट से उतना संतुष्ट नहीं था लेकिन कुछ लोग बहुत जल्दबाजी कर रहे थे इसलिए अपनी प्रॉपर भावना इसमें नहीं दिखा पा रहा कुछ मुद्दे मुझसे छूट गए थे ऐसा मुझे लग रह लेकिन आप सबको पसंद आ रही है इसलिए शुक्रिया
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#98
TBH... abhi tak mene yeh wala new updates nahi padha... mujhe laga 15–20 din toh lag hi jayenge (as u said) to wait kar lete h...fir mene kya dekha ...taza–taza updates aye h...yeh dekh ka dil bag–bag ho gaya...
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#99
Jabardast
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(15-02-2025, 10:20 AM)sameer.gupta2030 Wrote: khusboo ko aise honeymoon per nangi ghumao ek dum seducin lagega mast uske pati ka dost bhi dekhe bilkul nangi

थोड़ी धीरज रखिए दोस्त अभी तो कहानी शुरू भी नहीं हुई है पहले शांति से खुशबू और असलम को गा तो पहुंच जाने दीजिए लगता है आप बहुत जल्दबाजी में है पेशेंस के साथ कहानी का मजा लीजिए
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