31-03-2024, 04:50 PM
Absolutely hot and erotic update!
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Adultery MOM NAUKAR KE SATH SUPER HOT
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31-03-2024, 04:50 PM
Absolutely hot and erotic update!
31-03-2024, 05:00 PM
कुछ देर बाद ....
कल्लू- आआआह्ह्ह्हह्ह मालकिन मेरा निकलने वाला है ह्म्मम्म्म्म आअह्हह्ह्ह्ह माँ- आआअह्ह्ह्हह कल्लू बाहर निकलना अपना मक्खन मेरी बहना को चखना है हम्म्म आअह्ह्ह्ह और कल्लू ने अपना लंड माँ के गांड से निकला और मौसी कल्लू के लंड को हिलाने लगी और ढेर सारा वीर्य निकलने लगा जिसे मौसी चाटने लगी आअह्ह्ह्हह और अपने हाथ पे लगा वीर्य माँ को भी चटवाने लगी हम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह माँ- तू चाट बहना मैं तो रोज़ चाटती हु हम्म्म आआअह्ह्ह्हह फिर मौसी कल्लू के लंड को अपने मुँह में लेके सारा वीर्य पीने लगी आआअह्ह्ह्हह और तीनो थक के नंगे ही एक दूसरे से लिपट के सोगये आआह्ह्हह्ह्ह्ह ![]() ![]() ![]() ![]() ![]()
31-03-2024, 09:15 PM
bahut badhiya hi yaar,ekdom bahut badhiya update.bahut khoob,bahut achcha.
16-01-2025, 07:38 AM
Bahut badiya ab kahani ko jaldi jaldi aage barhaiye
07-03-2025, 09:51 AM
25-08-2025, 11:59 PM
(This post was last modified: 06-09-2026, 10:21 PM by rajusethzee. Edited 3 times in total. Edited 3 times in total.)
फिर मौसी चली गई उनको कुछ अर्जेंट काम आगया उन्होंने ने माँ को अपने घर आपने का न्योता दिया और माँ ने भी कहा की हां जरूर आउंगी और फिर माँ और कल्लू भी थक चुके थे तो दोनों नंगे ही सोगये चिपक के और सुबह कल्लू अपने काम से चला गया और तभी पापा घर पे आगये और उसके बाद काफी दिनों तक पापा घर पे थे इस बार करीब एक महीने तक ......पापा के रहते हुए भी रामू मौका पाते ही कभी माँ के गांड दबा देता कभी माँ के चूचियां दबा देता था माँ उसे मना करती थे और आखें भी दिखती थी की पापा घर पे ही हैं .........
रामू- क्या मालकिन साहब तो काफी लम्बा रुक गए है माँ- हां रामू कल शायद उन्हें जाना पड़े ...... रामू - खुश होते हुए अरे वाह फिर तो कल मज़ा आजायेगा मालकिन ह्म्मम्म्म्म कल कल्लू को भी बुला लू फिर ..... माँ- मुस्कुराते हुए ह्म्म्मम्म्म्म बुला लेना बाबा लेकिन पहले अपने मालिक को तो जाने दो ... रामू - ठीक है मालकिन इसी बात में रामू ने माँ को अपने बाँहों में भर लिए और माँ के रसीले होठ को अपने मुँह में में लेके चूसने लगा तभी माँ ने उसे मना किया लेकिन जोश में वो कहा मानने वाला था उसने माँ के गर्दन में किश करना शुरू कर दिया माँ उसे बार बार मना कर रही थी की रुक जाओ लेकिन वो मान नहीं रहा था फिर उसने माँ के बूब्स को दबाना शुरू कर दिया जिससे माँ के आआआह्ह्ह्ह निकल गई और फिर अपना हाथ माँ के सेक्सी चूतरों पे लगाया और जोरो से दबाने लगा ....... माँ- रामू प्लीज रुको अभी मेरी बात मानो तुम्हारे मालिक घर पे ही है समझा करो कल जो करना है कर लेना रामू माँ की बात को मान लिया और माँ को अपने कब्ज़े से छोड़ दिया और माँ फिर वहाँ से चली गयी .......... ![]() फिर जैसे ही अगले दिन पापा घर से बाहर गए वैसे ही रामू ने माँ को अपने बाँहों में भर लिया और माँ के रसीले होठ से अपने होठ को सटा दिया और किश करने लगा उउउउउफफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ माँ भी रामू का पूरा साथ दे रही थी फिर रामू का हाथ माँ के चूचियों पे आगया और वो उन्हें दबाने लगा ......... रामू- कितने दिनों बाद आप को प्यार कर रहा हु मालकिन ह्म्मम्म्म्म माँ- ह्म्मम्म्म्म रामू इतने दिन तुमने कैसे बर्दाश किया ह्म्मम्म्म्म रामू- अरे मत पूछिए मालकिन बस आपके सेक्सी हुस्न को निहार के अपने हाथ से लण्ड को सहलाता रहा और क्या ....... माँ- क्यों कल्लू ने तुम्हारा साथ नहीं दिया क्या हम्मम्मम्मम्म रामू- हां कभी कभी देता था लेकिन आपके साथ जो मज़ा आता है वो कल्लू के साथ थोड़ी आता है ह्म्म्मम्म आआह्ह्ह आपके हुस्न की खुसबू कितने दिनों बाद मिल रही है ह्म्म्मम्म्म्म ![]() रामू माँ की चूचियां दबाते हुए उन्हें किश कर रहा था और माँ भी अपने आखें बंद करके उसका पूरा साथ दे रही थी जैसे वो भी रामू के लिए तड़प रही थी इतने दिनों से हम्मम्मम्मम्म रामू - आआअह्ह्ह्हह कितनी मुलायम चूचियां है आपकी मालकिन लगता है मालिक इनके साथ नहीं खेलते हैं ह्म्मम्म्म्म माँ- शरमाते हुए .........क्या रामू तुम खेलो न इनको बीच में क्यों लाते हो जानते हो मुझसे शर्म आती है न ह्म्मम्म्म्म रामू- आप की शर्म का ही तो मैं दीवाना हु मैं मालकिन ह्म्मम्म्म्म अब रामू ब्लाउज़ के ऊपर से ही माँ की चूचियां दोनों हाथो से दबाये जा रहा था और माँ के चूचियों को ब्लाउज़ के ऊपर से ही चूम रहा था ह्म्म्मम्म्म्म माँ भी काफी कामुक हो रही थी रामू की हरकत से हम्मम्मम्मम्म अब रामू माँ के ब्लाउज़ के बटन को खोल दिया और अब रामू के सामने माँ आधी नंगी गोरी गोरी चूचियां सामने थी जो की ब्रा में कैद थी अब रामू अपना मुँह माँ के दोनों चूचियों के बीच लगाया और उन्हें चूमने लगा माँ के मुँह से भी आहें निकल रही थी और माँ रामू के सर को सेहला रही थी फिर रामू ने बिना समय गवाए माँ के ब्रा को नीचे किया तो उसके सामने माँ की गोरी चमकती हुई चूचियां सामने थी जिनके निप्पल जोश से टाइट थे![]() उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ अब रामू ने अपने मुँह माँ के नंगी चूचियों पे लगाया और और उन्हें पीने लगा आआअह्हह्ह्ह्हह माँ को भी जोश चढ़ने लगा था और वो उसका पूरा साथ दे रही थी हममममममममम फिर रामू माँ के पीछे चला गया और अपना लण्ड माँ की गांड से चिपका दिया और घिसने लगा और पीछे से माँ के दोनों बूब्स को दबाने लगा ........![]() माँ- आआअह्हह्ह्ह्ह रामू तुम्हारा लण्ड तो पहले से भी बड़ा लग रहा है ह्म्मम्म्म्म रामू- आआह्ह्ह्हह मालकिन काफी दिने से मेरा लण्ड भी आपकी चूत ले लिए तड़प रहा है और आज आप मिली है तो कुछ ज्यादा ही टाइट हो गया है हम्मम्मम्मम्म फिर रामू माँ के सामने आगया और अपना लोअर निकाल दिया और चड्ढी में उसका लण्ड काफी बड़ा लग रहा था जिसे माँ ने पकड़ लिया और चड्ढी के ऊपर से ही सहलाने लगी उउउउउउफफ्फ्फ्फ़ ![]() माँ - लगता है इसको काफी दिनों से खुराक नहीं मिली है ..............हसने लगी हां हां हां रामू- आअह्ह्ह्हह मालकिन देखिये न आपके हाथ में आते ही कितना खुश हो गया है ह्म्म्मम्म्म्म अब माँ नीचे घुटनो के बल बैठ गई और रामू के चड्ढी को नीचे किया तो रामू का लण्ड फुल टाइट माँ के सामने था जिसे माँ ने अपने मुँह में लेली और चूसने लगी उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ चूसते हुए माँ की लार ज़मीन पे गिर रही थी रामू का तो ख़ुशी का ठिकाना ही नहीं था कितने दिनों बाद उसके लण्ड की चुसाई हो रही है ह्म्म्मम्म्म्म ![]() रामू- आआअह्हह्ह्ह्हह मालकिन आप गज़ब का लण्ड चुस्ती है मुझे तो कभी कभी यकीं नहीं होता की आप मेरा लण्ड चूसती है ह्म्म्मम्म्म्म आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माँ- तुम्हारा लण्ड चूसने में मुझे मज़ा आता है रामू हम्मम्मम्मम्म आआअह्हह्ह्ह्हह रामू माँ के सर को सहलाते हुए अपने लण्ड को चुसवा रहा था ह्म्म्मम्म्म्म
26-08-2025, 01:32 AM
Excellent and amazing update
22-09-2025, 02:30 PM
Ye kya kar rahe ho hmmmm
Kuch nahi story ki maa chod raha hun hmmm Achcha fir to jaldi chodo hmmm Aaaah hmmmmm hmmmm hmmmm
06-02-2026, 09:19 AM
next update bro... kuch sex kam karke story lust and seduce old other man
15-04-2026, 01:39 AM
So wonderfull sex story ??❤️❤️❤️
16-04-2026, 09:54 PM
please update ,waiting
06-09-2026, 11:21 PM
फिर अचानक डोरबेल बजी ...मम्मी और रामु घबरा गए की कौन आगया ...फिर दोनों ने कपडे पहने और रामु ने देखा तो कोरियर वाला था फिर पार्सल लेके रामु ने दरवाजा बंद कर दिया और सीधा मम्मी के पास आगया ......और मम्मी की चूचियां ब्लाउज़ के ऊपर से दबाते हुए पुछा ......क्या लगा आपको की साहब आगये ......मम्मी बोली नहीं मैं जानती थी की तुम्हारे साहब नहीं होंगे क्यों की वो तो कई दिनों के लिए बाहर गए है .....रामु ने कहा .....अगर साहब होते भी तभी मैं आपकी चुदाई करता उनके सामने ........मम्मी उसकी बात से शर्मा गई .......बोली......तेरा दिमाग ख़राब हो गया है क्या ........फिर रामु ने बोला.....अरे मालकिन मैं तो मज़ाक कर रहा था ......मैं जानती हु तुम मज़ाक कर रहे हो ........
रामू ने माँ की शर्माती हुई बात सुनकर और भी जोश में आकर उनकी चूचियों को और जोर से दबाया। "अरे मालकिन, शर्माने की क्या बात है। ये चूचियां तो मेरे लिए ही हैं।" उसने माँ के ब्लाउज के बटन खोलकर अंदर हाथ डाला और उनकी नंगी चूचियों को सीधे छूने लगा। माँ ने आँखें बंद करके सांस ली, "रामू... प्लीज... अभी पापा जा ही चुके हैं, थोड़ा इंतजार कर लेते।" लेकिन रामू का जोश बढ़ चुका था। उसने माँ को दीवार से सटाया और उनके होंठों पर अपना मुँह चिपका दिया। दोनों की जीभें एक-दूसरे के मुँह में घुस रही थीं। रामू ने माँ की साड़ी को ऊपर उठाकर उनकी जांघों को सहलाना शुरू कर दिया।
07-09-2026, 12:04 AM
"मालकिन... आपकी जांघें भी कितनी मुलायम हैं..." रामू ने माँ की पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया और उनकी गीली चूत को छू लिया।
माँ का शरीर काँप उठा, "आआह्ह्ह... रामू... वहाँ मत छुओ..." "क्यों मालकिन? ये तो पूरी तरह गीली हो गई है।" रामू ने अपनी उंगली माँ की चूत में घुसा दी और अंदर-बाहर करने लगा। माँ की सांसें तेज हो गईं। ![]() "हम्म्म्म... रामू... और जोर से..." माँ ने खुद रामू की कमर को पकड़ लिया। रामू ने माँ की साड़ी और पेटीकोट दोनों को कमर तक उठा दिया और उनकी नंगी गांड को दोनों हाथों से दबाने लगा। "मालकिन आपकी गांड भी कितनी बड़ी और मुलायम है।" उसने माँ की गांड के चीर में उंगली घुसाने की कोशिश की। ![]() माँ ने रामू को थोड़ा पीछे धकेला, "रुक जा... पहले कमरे में चलते हैं। कोई देख लेगा तो..." रामू ने माँ को गोद में उठा लिया और सीधे बेडरूम में ले गया। वहाँ पहुँचकर उसने माँ को बिस्तर पर लिटाया और उनकी साड़ी पूरी तरह खोल दी। माँ अब सिर्फ ब्लाउज और पैंटी में थीं। रामू ने माँ के ब्लाउज के हुक खोले और उनकी दोनों चूचियां बाहर निकाल लीं। फिर वह उन पर झुक गया और एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा। "आआह्ह्ह... रामू... धीरे..." माँ ने रामू के बालों में हाथ फेरा।
07-09-2026, 12:22 AM
रामू ने माँ की दूसरी चूची को हाथ से दबाते हुए चूसना जारी रखा। फिर उसने माँ की पैंटी को नीचे उतारा और उनकी चूत को चाटने लगा।
माँ के शरीर में सिहरन दौड़ गई, "रामू... तू क्या कर रहा है... आआह्ह्ह..." रामू ने माँ की चूत के होठों को चाटते हुए उनकी चूत के अंदर जीभ डाली। माँ की चूत से पानी निकल रहा था। रामू ने माँ की चूत को चूसते हुए उनकी गांड को भी हाथ से दबाया। ![]() "मालकिन... आपका स्वाद कितना मीठा है..." रामू ने माँ की चूत को चाटते हुए उनकी गांड में उंगली डाल दी। माँ का शरीर अकड़ गया, "आआह्ह्ह... रामू... वहाँ नहीं..." लेकिन रामू ने माँ की गांड में उंगली आगे-पीछे करना शुरू कर दिया जबकि उनकी चूत को चूस रहा था। माँ के मुँह से लगातार moans निकल रहे थे। ![]() "रामू... अब और नहीं... मुझे अपना लंड दे दो..." माँ ने रामू की कमर को पकड़ लिया। रामू ने माँ की चूत से मुँह हटाया और अपना लंड निकालकर माँ की चूत पर रगड़ने लगा। "मालकिन... कहाँ लगाऊँ? चूत में या गांड में?" माँ ने शरमाते हुए कहा, "जैसे तुझे अच्छा लगे..."
07-09-2026, 12:36 AM
रामू ने माँ की चूत में अपना लंड घुसा दिया और जोर-जोर से चोदने लगा। माँ के दोनों चूचियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। रामू ने माँ की चूचियों को हाथों से दबाते हुए उनकी चूत को चोदना जारी रखा।
"आआह्ह्ह... रामू... और जोर से..." माँ ने रामू की कमर को दोनों पैरों से जकड़ लिया ![]() रामू ने माँ को पलटकर उनकी गांड ऊपर कर दी और पीछे से उनकी चूत में लंड घुसा दिया। एक हाथ से माँ की गांड दबा रहा था और दूसरे हाथ से उनकी चूत को सहला रहा था। "मालकिन... आपकी गांड कितनी सुंदर है..." रामू ने माँ की गांड पर थप्पड़ मारा। माँ का शरीर काँप उठा, "आआह्ह्ह... रामू... फिर से मार..." रामू ने माँ की गांड पर और थप्पड़ मारे और उनकी चूत को जोर-जोर से चोदता रहा। माँ के मुँह से लगातार चीखें निकल रही थीं। "रामू... मैं झड़ने वाली हूँ..." माँ ने बिस्तर को दोनों हाथों से पकड़ लिया। ![]() रामू ने माँ की चूत में और जोर से लंड घुसाया और माँ का orgasm आ गया। माँ का शरीर काँपने लगा और उनकी चूत से पानी निकलने लगा। रामू ने माँ को फिर से पलटकर उनकी चूचियों पर मुँह लगाया और अपना लंड माँ की चूत में घुसा दिया। अब वह धीरे-धीरे चोद रहा था। "मालकिन... आपका मालिक आपको ऐसे चोदता है?" रामू ने माँ की चूची को काट लिया। माँ ने शरमाते हुए सिर हिलाया, "नहीं... वो कभी ऐसे नहीं करते..." रामू ने माँ की चूची को चूसते हुए उनकी चूत को चोदना जारी रखा। माँ के दोनों हाथ रामू की पीठ पर थे और वे रामू को और अंदर खींच रही थीं। ![]() "रामू... अपना पानी निकाल दो..." माँ ने रामू की कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया। रामू ने माँ की चूत में और जोर से लंड घुसाया और अपना पानी निकाल दिया। माँ की चूत रामू के गर्म पानी से भर गई। दोनों थककर एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। रामू ने माँ को अपनी बाहों में लिया और उनकी चूचियों को सहलाता रहा। "मालकिन... कल्लू को भी बुलाऊँ?" रामू ने माँ के कान में फुसफुसाया। माँ ने मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ... बुला लेना..."
07-09-2026, 07:32 AM
aage ki story aap log kaisi padhna pasanad karenge coments me bata sakte hai agar mujhe sahi laga to main usi hisab se likhunga thanks
07-09-2026, 08:27 AM
अगले दिन सुबह होते ही कल्लू भी घर आ गया। रामू ने उसे पहले ही बता दिया था कि आज साहब घर से बाहर गए हैं, इसलिए कल्लू का चेहरा खुशी से चमक रहा था। दोनों नौकर माँ के कमरे में घुसे और माँ को बिस्तर पर लेटी देखकर दोनों की आँखें चमक उठीं।
"अरे वाह मालकिन, आज तो दोनों मालिक तैयार हैं," कल्लू ने माँ की साड़ी के नीचे हाथ डालते हुए कहा। माँ ने शरमाते हुए दोनों को देखा, "कल्लू... रामू... अभी सुबह ही हो रही है..." "सुबह ही तो मज़ा ज्यादा आता है मालकिन," रामू ने माँ का ब्लाउज खोलते हुए कहा। "और आज तो साहब भी नहीं हैं, पूरा दिन और पूरी रात मालकिन सिर्फ हमारी हैं।" कल्लू ने माँ की साड़ी ऊपर उठाई और उनकी जांघों को चूमने लगा, "हाँ मालकिन, आज हम दोनों मिलकर आपको इतना मज़ा देंगे कि आप भूल ही जाएंगी कि साहब भी कभी आपको छूते थे।" माँ ने शरमाते हुए मुस्कुराया, "शर्म करो दोनों... पापा का नाम मत लो..." "क्यों मालकिन?" रामू ने माँ की चूची मुँह में लेकर चूसते हुए पूछा, "क्या साहब आपको ऐसे चूसते हैं? बताओ न, हमसे बेहतर चूसते हैं क्या?" ![]() माँ ने आँखें बंद करके सांस ली, "आआह्ह्ह... रामू... मत पूछो ऐसे सवाल..." कल्लू ने माँ की पैंटी उतारकर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया, "मालकिन आपकी चूत तो इतनी गीली हो गई है... लगता है साहब आपको इतना गीला नहीं करते होंगे।" माँ ने आँखें बंद करके सांस ली, "आआह्ह्ह... रामू... मत पूछो ऐसे सवाल..." कल्लू ने माँ की पैंटी उतारकर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया, "मालकिन आपकी चूत तो इतनी गीली हो गई है... लगता है साहब आपको इतना गीला नहीं करते होंगे।" "हाँ-हाँ," रामू ने माँ की दूसरी चूची दबाते हुए कहा, "साहब तो महीने भर घर में थे लेकिन मालकिन की चूत तो हमेशा हमारे लिए ही तरसती रहती है।" ![]() माँ ने दोनों को थोड़ा पीछे धकेलने की कोशिश की, "बस करो... शर्म आती है मुझे... पापा के बारे में मत बोलो..." "अरे मालकिन शर्माने की क्या बात," कल्लू ने माँ की चूत में उंगली घुसाते हुए कहा, "आप तो जानती हैं कि साहब आपको ऐसे नहीं चोदते जैसे हम चोदते हैं। हम तो आपकी चूत और गांड दोनों का मज़ा लेते हैं।" रामू ने माँ को पलटकर उनकी गांड ऊपर कर दी, "देखो कल्लू, मालकिन की गांड कितनी सुंदर है... साहब कभी इस गांड को चोदते हैं क्या?" माँ ने मुंह में हाथ रखकर शरमाते हुए कहा, "रामू... प्लीज... मत बोलो..." "क्यों मालकिन?" कल्लू ने माँ की गांड पर थप्पड़ मारते हुए पूछा, "शर्मा क्यों रही हैं? आप भी तो जानती हैं कि साहब आपको कभी इतना मज़ा नहीं देते जितना हम देते हैं।" ![]() रामू ने अपना लंड माँ की चूत में घुसा दिया और जोर-जोर से चोदने लगा, "हाँ मालकिन... आज हम दोनों आपको इतना चोदेंगे कि आप भूल जाएंगी कि साहब भी कभी आपके साथ सोते थे।" "आआह्ह्ह... रामू... धीरे..." माँ ने बिस्तर को दोनों हाथों से पकड़ लिया। कल्लू ने माँ के मुँह में अपना लंड डाल दिया, "चूसो मालकिन... साहब का लंड भी इतना मोटा है क्या?" ![]() माँ ने कल्लू का लंड चूसते हुए शरमाते हुए सिर हिलाया। "देखो रामू, मालकिन शर्मा के मुस्कुरा रही हैं," कल्लू ने माँ के बालों में हाथ फेरा, "लगता है उन्हें भी पता है कि साहब उनका लंड उनके मुकाबले कुछ भी नहीं।" रामू ने माँ की चूत में और जोर से लंड घुसाया, "हाँ... मालकिन की चूत तो अब हमारे लंड की आदी हो गई है... साहब का लंड तो उन्हें सूखा ही लगता होगा।" माँ ने कल्लू का लंड मुँह से निकालकर कहा, "तुम दोनों बहुत शरारती हो... पापा के बारे में ऐसे मत बोलो..." ![]() "अरे मालकिन," कल्लू ने माँ को पीछे से पकड़कर उनकी गांड में उंगली डाली, "आप भी तो जानती हैं कि हम दोनों आपको कितना मज़ा देते हैं... साहब तो कभी आपकी गांड में उंगली भी नहीं डालते होंगे।" रामू ने माँ को गोद में उठाकर अपनी गोद में बैठा लिया और उनकी चूत में लंड घुसा दिया, "आज पूरी रात मालकिन... हम दोनों बारी-बारी से आपको चोदेंगे... साहब कभी आपको इतनी रात तक नहीं चोदते होंगे।" ![]() ![]() "आआह्ह्ह... रामू... कल्लू..." माँ ने दोनों को अपनी बाहों में भर लिया। कल्लू ने माँ की चूची चूसते हुए कहा, "मालकिन... आपकी चूचियां भी साहब कभी ऐसे नहीं चूसते होंगे... देखो कैसे लाल हो गई हैं।" रामू ने माँ की गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोदना जारी रखा, "हाँ... और मालकिन की गांड भी... साहब कभी इस पर थप्पड़ नहीं मारते होंगे।" माँ ने शरमाते हुए मुस्कुराया, "तुम दोनों... बहुत नटखट हो..." "नटखट नहीं मालकिन," कल्लू ने माँ की चूत को चाटते हुए कहा, "हम तो सच्ची बात कह रहे हैं... साहब आपको कभी इतना मज़ा नहीं देते जितना हम देते हैं।" रामू ने माँ को पलटकर उनकी गांड ऊपर कर दी और पीछे से उनकी चूत में लंड घुसा दिया, "आज रात भर मालकिन... हम दोनों आपको चोदते रहेंगे... साहब कभी आपको इतना नहीं चोदते होंगे।" ![]() आआह्ह्ह... और जोर से..." माँ ने दोनों को और पास खींच लिया। कल्लू ने माँ के मुँह में अपना लंड डाल दिया, "चूसो मालकिन... आज रात आपकी चूत और मुंह दोनों में हमारा लंड घूमेगा... साहब कभी आपको ऐसे नहीं चोदते होंगे।" रामू ने माँ की गांड में उंगली डालते हुए चोदना जारी रखा, "हाँ... और मालकिन की गांड भी... आज हम दोनों मिलकर इस गांड का मज़ा लेंगे... साहब कभी इस गांड को नहीं छूते होंगे।" माँ ने दोनों को शरमाते हुए देखा, "तुम दोनों... मुझे शर्मा रहे हो..."
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