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जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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17-01-2024, 07:00 PM
(This post was last modified: 26-02-2024, 09:28 AM by neerathemall. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
वैसे तो वो मयूरी से बहुत ही खुली हुई थी. ननद भाभी के रिश्ते की वजह से दोनों के बीच बहुत प्यार और मजाक भी चलता रहता था. पर इस समय बात अलग थी. एक तो वो बिल्कुल नंगी थी, ऊपर से वो अपने बड़े भाई का लंड चूस रही थी और अपने दूसरे भाई से अपनी चूत चटवा रही थी. उसे इस समय अपने आप के लिए किसी रंडी होने जैसे एहसास होने लगा था. वो शर्म से गड़ गई और अपनी भाभी से आँखें नहीं मिला पा रही थी.
इधर रमेश भी अभी तक अपनी आँखें बंद करके अपनी छोटी सगी बहन से लंड चुसवाने का असीम आनन्द ले रहा था, पर उसकी भी तन्द्रा टूट चुकी थी और वो भी मयूरी की तरफ देखने लगा. हालाँकि सामने उसकी अपनी पत्नी खड़ी थी, जिसके सामने वो कई बार नंगा हुआ था, उसको अपना लंड चुसवाया था, उसकी चूचियों के साथ खेला था, उसकी चूत चाटी थी, गांड भी मारी थी और कई बार उसकी घनघोर चुदाई भी की थी. पर वो अभी अपनी सगी बहन के साथ बाहर ही आपत्तिजनक अवस्था में उसके सामने लेटा हुआ था. इसलिए उसको भी अपराधबोध हो रहा था. भाई बहन की चुदाई की सेक्सी स्टोरी
तीनों भाई-बहन कुछ भी बोल नहीं रहे थे. माहौल में सन्नाटा सा छाया हुआ था. मयूरी को इस बात का एहसास हुआ. उसके दिमाग में पता नहीं क्या सूझा कि वो हल्के से मुस्कुराई और बोली- तुम लोग घबराओ नहीं. ये सब इस घर में मेरे लिए अनएक्सपेक्टेड था इसलिए मैं सोच में पड़ गई थी.
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(17-01-2024, 06:45 PM)neerathemall Wrote: ![[Image: 59237123_081_0d6e.jpg]](https://cdni.pornpics.de/1280/7/630/59237123/59237123_081_0d6e.jpg)
अब आगे
धन्यवाद
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मयूरी की ये बात सब के लिए थोड़ी अटपटी सी थी, पर ये सब देखने के बाद मयूरी की ये प्रतिक्रिया इन तीन भाई-बहनों के लिए राहत की बात थी, क्योंकि इससे ये जाहिर हो रहा था कि मयूरी को इस बात का बुरा नहीं लगा. हालांकि वो अभी ये सोच ही नहीं पा रहे थे कि करना क्या है? मयूरी से बात क्या करनी है.
पर मयूरी तो खुश लग रही थी. फिर मयूरी आगे बोलने लगी- मुझे ख़ुशी है कि हमारे ‘इस घर में भी…’ इतना खुलापन आ गया है. मैं घर के मंदिर में भगवान की पूजा करके वापिस आती हूँ, फिर इस चुदाई के कार्यक्रम में मैं भी तुम्हें ज्वाइन करती हूँ. आज तो बहुत ही मजा आएगा. तुम लोग अपना चुदाई जारी रखो, मैं थोड़ी देर में ज्वाइन करती हूँ.
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sex नहीं था?
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यह कह कर मयूरी अपनी सेक्सी सी बड़ी गांड मटकाते हुए घर के पूजा वाले कमरे में चली गई.
रमेश, सुरेश और काजल के लिए मयूरी का ये व्यवहार समझ के एकदम बाहर था. तीनों कुछ समझ नहीं पाए और इस उधेड़बुन में उनका सेक्स का मन भी उतर गया. तीनों उसी अवस्था में नग्न ही सोफे पर बैठ गए और मयूरी के वापिस आने का इंतज़ार करने लगे.
काजल रमेश और सुरेश के बीच में बैठ गई थी और तीनों रिलैक्स करते करते सोचने लगे.
तभी काजल के दिमाग में एक सवाल आया. वो रमेश की तरफ देखते हुए पूछने लगी- भैया?
रमेश- हाँ…
काजल- भाभी ने ये क्यों कहा कि उनको ख़ुशी है कि हमारे ‘इस घर में भी…’ इतना खुलापन आ गया है? क्या उनका ‘इस घर में भी…’ का मतलब ये तो नहीं कि उनके पुराने घर यानि कि मायके में भी ये सब होता है?
रमेश को काजल की ये बात एकदम सही लगी, पर मयूरी ने कभी अपने मायके के बारे में ऐसा कुछ बताया तो नहीं था.
रमेश- यार काजल, आज तक वैसे उसने मुझे ऐसा कुछ बताया तो नहीं है. वो मुझसे कुछ छुपाती तो नहीं, पर ये सब तो नहीं बताया… उसको आने दो फिर बात करते हैं।
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लगभग 20 मिनट के बाद मयूरी मुस्कुराते हुए बाहर आई. उसने कपड़े बदल लिए थे. अब वो उस साड़ी में नहीं थी, जिसमें वो अन्दर गई थी. वो इस समय अपने ब्लू नाईट सूट में थी. उसकी चूचियों को देख कर लग रहा था कि उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी हुई है. फिर भी उसकी चूचियां एकदम हिमालय जैसी खड़ी थीं… गोल-गोल और सख्त मम्मे किसी का भी लंड खड़ा कर देने को आतुर थे.
मयूरी उम्मीद कर रही थी कि बाहर तो अब घनघोर चुदाई चल रही होगी, पर सबको सोफे पर चुचाप बैठे हुए देख के समझ गई कि सब थोड़े असहज हो रहे हैं. उसको लगा कि अब अपने मायके के रहस्य से पर्दा उठाने का समय आ गया है. वो कहने लगी- देखो, तुम लोग कुछ गलत नहीं कर रहे थे. कम से कम मेरी नज़रों में तो बिल्कुल भी नहीं. क्योंकि मैं जानती हूँ कि एक बहन की जवानी पर, उसकी चूत पर उसके भाइयों का सबसे पहला अधिकार होना चाहिए.
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घर के बाकी लोग अभी भी प्रश्न भरी निगाहों से मयूरी को एकटक देख रहे थे. मयूरी आगे बोलने लगी- रमेश, मुझे तुम्हें बताने का कभी मौका नहीं मिला, पर आज ये बताने में मुझे कोई हिचक नहीं हो रही कि मैं तुम्हारे लिए वर्जिन नहीं आई थी. मैं पहले से ही चुदी हुई थी, पर यकीन मानो मेरा कभी कोई आशिक़ या बॉयफ्रेंड नहीं था. मुझे वो सारा प्यार अपने घर में मिला. मेरे दोनों भाई, एक मुझसे बड़ा और एक मुझसे छोटा है, दोनों ने मुझे खूब चोदा है और प्यार दिया है. मैं अपने मायके में एकदम लाड़ली हूँ. इसलिए मैंने जब भी जो भी माँगा, मुझे मिला है. मैं सिर्फ अपने भाइयों से ही नहीं, बल्कि मैंने अपने पापा से भी चुदाई की इच्छा जाहिर की थी तो मेरे पापा और भाइयों ने मुझे खूब चोदा और प्यार दिया है.
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