(30-03-2020, 09:27 AM)komaalrani Wrote: अरे मैंने कहा था न सच्ची सहेलियों में माफ़ी वाफी कुछ नहीं होती , असल में निहारिका जी भी तो हमारे ही गैंग की की तो आप , कुसुम जी , हम सब मिल के वहां , निहारिका जी के आंगन में गलचौर मचाएं , हंगामा करें , बस मेरा यही मतलब था। गप्प , मस्ती , आपस की बातें वहां पर कहानी की बातें यहाँ पर , .. और आप सब कहानी पर नहीं आयेंगी न तो मैं कहानी लिखना छोड़ दूंगी ,... बस साफ़ कह दे रही हूँ , अब आप ने कहा है तो अपडेट आज ही पोस्ट कर दूंगी , आप की बात और न मानूँ मैं ,
अच्छा अच्छा नहीं कहूंगी सॉरी थैंक्यू :)
ननंद भाभी से भला कहाँ अलग होती है,ओर मैं आप की वोही ननंद हूँ !
आप अपने तय नियम से पोस्ट करें
हम तो इस प्रेम कथा यात्रा में आप की हमेशा सहयात्री रहेंगी
कोमल जी कभी बंद करने जैसी बातें मत करना

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ना जाने किस की नजर लगी थी बिल्कुल मुक़ाम पर पहुंच कर कहानी अधूरी रह गयी थी Xossip में
बहुत दिल टूटा था,,बहुत दर्द हुआ है
बहुत मुश्किल से आप को फिर से पाया है
अब ये कहानी हम सब पूरी करेंगी
आप इस नाव की नाविक है हम पतवार
साथ चलेंगी, सभी औरतें ओर ये कहानी जरूर पूरी होगी
आभार आप का

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