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Mast update.... Happy new year
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सुमन (मुस्कुराते हुए) : "क्यो ? नही ला सकते क्या...सबा के लिए भी तो लाए थे ना लास्ट वीक....उसने बताया था कल मुझे....''
राहुल की तो हालत खराब हो गयी....ये सबा की बच्ची ने अपने इनरवेयर वाली बात भी इन्हे बता दी है...
सुंना : "देखो ना...तुम्हारे बॉस को तो कोई शॉंक है ही नही...और मुझे मार्केट जाने का टाइम ही नही मिलता...अब तुम इसे देखकर इसी साइज़ की पेंटी लेकर आना मेरे लिए...''
राहुल बेचारा बेवकूफो की तरह उसकी पेंटी के पीछे लगा टेग देखने लगा...जिसे देखकर सुमन मंद-2 मुस्कुरा रही थी..
वो बोली : "और ...ये उपर वाली भी तो लानी होगी ना....''
इतना कहकर उसने दनदनाते हुए अपने गाउन के आगे लगी चैन को खोल दिया...और गाउन को अपने कंधे से सरका कर नीचे लटका दिया...उसने अपनी दोनो बाजू बाहर निकाल कर गाउन को हाथ से पकड़ लिया...एक दम से सुमन के पके हुए मुम्मे ब्रा में देखकर राहुल का मुँह सूख सा गया...सुमन ने घूम कर अपनी पीठ राहुल की तरफ कर दी, और बोली : देखो तो ज़रा...क्या साइज़ लिखा है इसपर...''
वो ऐसे बिहेव कर रही थी जैसे उसे खुद का साइज़ पता ही नही था...
लेकिन राहुल को उसके इस खेल में भी मज़ा आ रहा था...अब तक वो भी समझ चुका था की आज यहाँ क्या होने वाला है...लेकिन अपने बॉस की बीबी को एकदम से कुछ कर भी तो नही सकता ना...इसलिए बड़ी मुश्किल से अपने हाथो को उसके मुम्मो पर जाने से रोका हुआ था..
Sorry for short update.
Long erotic update soon
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लेकिन सुमन के कहने पर जब अपने काँपते हुए हाथ उसने उसकी ब्रा के स्ट्रेप्स पर रखे तो उसका हाथ सुमन के चिकने बदन से छू गया और उसे ऐसा महसूस हुआ की बर्फ के उपर गर्म सरिया रख दिया हो...उसने ब्रा के स्ट्रेप्स को घुमाकर उसके पीछे लिखे नंबर देखने चाहे तो वो खुल ही गयी...और एकदम से छिटककर वो ब्रा भी गाउन के साथ लटक गयी..
सुमन उसकी तरफ घूम गयी और ब्रा के स्त्रेप्स को देखते हुए बोली : "ओहो....तुमने तो इसे उतार ही दिया...कोई बात नही..मैं देखकर बताती हूँ ..''
सुमन तो अपना साइज़ देख रही थी...और राहुल अपनी आँखे फाड़े उसके विशालकाए पर्वतों को देख रहा था...इतनी करीब से उसे अपने बॉस की बीबी के मुम्मे देखने को मिल रहे थे और वो उसका पूरा लुत्फ़ उठा रहा था..
सुमन : "यहाँ देखो ना....वहां क्या देख रहे हो....सबा के भी तो देखते हो ना...वैसे ही तो है...''
और इस बार हिम्मत करके राहुल ने बोल ही दिया : "हा....हाँ .....प...पर ...थोड़े बड़े है ये....''
इतना सुनकर सुमन मुस्कुरा दी...और अपनी ब्रा एक साइड में फेंकती हुई अपनी नंगी छातियाँ अपने हाथ में लेकर उसे दिखाती हुई बोली : "अच्छा जी....तो बताओ...कैसे है ये...सबा से अच्छे ....या उनसे खराब..''
राहुल तुरंत बोला : "नही...नही....खराब क्यो...बहुत अच्छे है....इनफॅक्ट सबा के तो इनके सामने कुछ भी नही....मुझे तो बड़े ही अच्छे लगते है...''
सुमन : "आ...हान .....ओके .....तो बताओ.....अगर ये तुम्हे मिल जाए....तो क्या करोगे....''
राहुल भी बेचारा पजल हो गया 'मिल जाए क्या मतलब....अभी मिलने में वक़्त है क्या...'
पर बेचारा ये बात सोच कर ही रह गया...बोल ना पाया..
सुमन : "बोलो....ये अगर तुम्हे मिल जाए तो क्या -2 करोगे...''
राहुल भी समझ चुका था की सुमन उसे तरसाने के लिए ही ये सब कर रही है...वरना किसी पराए मर्द के सामने इस तरह से नंगी खड़ी होकर भला कोई ऐसी बात करता है क्या...वो भी उसके इस खेल में उतर आया...और उसी तरीके से जवाब देने लगा जिसमे वो पूछ रही थी...
राहुल : "वो तो मैं तब बता पाउँगा जब ये मिलेंगे...''
सुमन भी उसके चालाकी भरे जवाब को सुनकर मुस्कुरा दी...
वो बोली : "अच्छा ...सोच लो....अगर ये तुम्हे मिल चुके है...अब बताओ...क्या करोगे..''
राहुल : "सोचने और मिलने में काफ़ी अंतर होता है भाभी....मैं तो काफ़ी देर से सोच रहा था की ये मिल ही चुके है...लेकिन वो तो सिर्फ़ मेरी सोच थी...ये अभी तक मिले कहाँ है....''
उसकी आँखों में छुपी शरारत अब सुमन ने भी पड़ ली थी और इस बार सुमन ने अपनी हार मान ही ली...वो उसके करीब आकर खड़ी हो गयी...इतने करीब की उसकी छाती के उभरे हुए निप्पल राहुल के दिल के करीब चुभने लगे..
और बोली : "अच्छा बाबा....लो...ले लो इन्हे...और बताओ की क्या करोगे अब...''
राहुल के लिए इतना बहुत था...उसने आव देखा ना ताव और अपने दोनो हाथो से उसके मुम्मो को मसल डाला...
सुमन ने भी उसके सिर को पकड़कर अपनी छाती में दे मारा और ज़ोर से चिल्लाई...
''दिखाओ...मुझे.....क्या कर सकते हो तुम.....''
राहुल ने अपने दांतो से उसके मुम्मो को पकड़ा और ज़ोर-2 से सक्क करके उसका दूध पीने लगा...उसका गाउन भी नीचे गिर चुका था और वो पूरी तरह से नंगी होकर उसकी बाहों में मचल रही थी...राहुल ने बिना कोई देरी किए उसे वही बिस्तर पर लिटाया और उसके पुर जिस्म को बुरी तरह से चूमने लगा...और धीरे-2 करके वो जब उसकी चूत तक पहुँचा तो सुमन ने तड़पकर अपनी टांगे उसकी गर्दन के चारों तरफ लपेट दी और उसे अपनी गुफा के अंदर घुसा लिया...
''आआआआआआअहह ओह माय गॉड .....चूसो इसे.............ज़ोर से...........आआआआअहह....''
राहुल ने अपने बॉस की बीबी की चिकनी चूत से निकल रहे पानी की एक-2 बूँद पी डाली...ऐसा गज़ब का स्वाद तो उसे सबा भी नहीं दे पाई थी..वो भी पागल हुए जा रही थी...राहुल के चूसने के बाद जब वो झड़ी तो उसने राहुल को अपनी जगह लिटाकर उसकी पेंट उसके घुटनो तक खींच ली.
राहुल के लंड को बाहर निकालकर वो उसे किसी सॉफ्टी की तरह चूसने लगी...उसमे से निकल रही आइस्क्रीम अपनी जीभ से चाट-चाटकार खाने लगी...यहाँ तक की उसकी बॉल्स को भी वो अपनी जीभ से किसी बिल्ली की तरह चाट रही थी...आज तक सबा ने भी उसकी बॉल्स को नही चूमा था...
जब से ये सब शुरू हुआ था ,तब से वो सुमन की हर बात को सबा से कंपेयर करके देख रहा था...सबा वैसा करती है और सुमन ऐसा करती है...और हर बार वो सुमन को सबा से उपर ही आंक रहा था...ये शायद इसलिए भी क्योंकि सबा के लिए चुदाई एक रुटीन जैसा कार्य बन चुका था...हालाँकि उनकी शादी की ज़्यादा टाइम नही हुआ था..और वो अपनी चुदाई को एन्जॉय भी करते थे लेकिन दिन ब दिन कुछ कम सा महसूस हो रहा था राहुल को...
और दूसरी तरफ, सुमन का उसके साथ पहली बार था...और शायद इसलिए वो अपनी
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और दूसरी तरफ, सुमन का उसके साथ पहली बार था...और शायद इसलिए वो अपनी पूरी ताक़त से उसे खुश करने में लगी हुई थी...और शायद इसलिए भी राहुल को हर बात में सुमन सबा से उपर ही दिख रही थी.
राहुल से अब और बर्दाश्त नही हो रहा था...उसने सुमन को बेड पर धक्का दिया और अपने लंड को सीधा लेजाकर उसकी चूत पर गाड़ दिया...बाकी का काम सुमन ने खुद कर दिया...उसकी कमर के चारों तरफ अपनी टांगे लपेट कर उसने ऐसे अपने शिकंजे में लिया की राहुल का लंबा लंड एक ही बार में दनदनाता हुआ सा उसकी गद्देदार चूत में घुसता चला गया...
इतनी अंदर तक तो आज तक नही भरी थी वो...अपने पति से भी उसे इतनी गहरी चुदाई का सुख आज तक नही मिल पाया था...और ना ही अपने किसी और यार से, लंबे लंड के अपने ही मज़े होते है...और आज ये मज़ा वो जी भरकर लेना चाहती थी.
इसलिए वो राहुल के धक्के के साथ -2 अपनी कमर भी उसी टाइम उचका कर उसके लंड पर अपनी चूत की करारी चोट कर रही थी...ठप्प-2 की आवाज़ों के साथ पूरा घर गूँज रहा था...और आख़िरकार ज़ोर-2 से चिल्लाते हुए दोनो एक दूसरे को चूमते हुए झड़ने लगे..
''आआआआआआआआआआहह.............ओह गॉड .....आई एम कमिंग...........''
राहुल भी चिल्लाया : "आआआआआआआहह भाभी................... मैं भी आया............''
सुमन ने उसे उसका लॅंड बाहर निकालने का मौका ही नही दिया....और उसके लॅंड के गर्म पानी से अपनी चूत की अंदरूनी दीवारों की सिंचाई करवा ली.
राहुल भी हांफ्ते-2 उसके ऊपर ढेर हो गया..
अचानक उसका मोबाइल बज उठा...उसने साइड में पड़े मोबाइल को उठाकर देखा तो उसके बॉस का फोन था...शशांक का नाम देखकर सुमन भी मुस्कुरा दी, उसने उसे फोन उठाने के लिए कहा
शशांक उससे पूछ रहा था की इतनी देर कहा लगा दी और राहुल उसे समझा रहा था की फाइल ही लेट आई....और इस बीच शरारती सुमन राहुल को चूमे जां रही थी...उसकी गर्दन पर जीभ फेराकार उसे गुदगुदी कर रही थी...राहुल ने बड़ी मुश्किल से अपनी आवाज़ को बदलने से रोका..उसे डर लग रहा था कि कही बॉस को शक़ ना हो जाए
पर वो बेचारा ये नही जानता था की उसके बॉस ने ही ये सब प्लान किया है...और उसे सब मालूम है.
राहुल जल्दी से वहाँ से निकल कर ऑफीस चला गया.
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शशांक की बीबी सुमन को राहुल जन्नत की सैर करवा चुका है। अब देखना यह है कि शशांक कब कैसे ओर किसकी मदद से सबा के अंदर उतर पायेगा। मस्त अपडेट।
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Xossip par ashoka fun ki likhi hui hai diwali ka jua
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शाम को वो जब घर आया तो सबा ने उसे शॉपिंग में लाई हुई चीज़े दिखाई...और आँख मारकर ये भी बताया की कुछ समान ऐसा है जो रात को सोते वक़्त दिखाएगी..
राहुल समझ गया की आज उसने अपने लिए अंडरगार्मेंट्स लिए है.
8 बजने वाले थे...डिंपल सरदारनी का फोन 2 बार आ चुका था सबा के पास...सभी लोग पहुँच चुके थे...वो सभी सबा और राहुल का वेट कर रहे थे.
आज सबा ने कल से कुछ ज़्यादा बड़िया कपड़े पहने हुए थे...कल तो वो नाइट सूट में ही चली गयी थी...आज उसने एक नयी और सेक्सी सी टी शर्ट पहनी हुई थी जो वो आज ही लेकर आई थी...जिसपर बड़े-2 शब्दो मे लिखा था ''सेक्सी'' और एक अंग्रेज लड़की आँख मारते हुए बनाई गयी थी...राहुल को वो थोड़ी अजीब सी लगी, पर कपड़ो के लिए वो सबा को कुछ कहकर पिछड़ा हुआ नही कहलाना चाहता था..
वो दोनो सरदारजी के घर की तरफ चल दिए..वो जैसे ही पहुँचे, तीन पत्ति की गेम स्टार्ट हो गयी.
राहुल ने तो नोट ही नही किया की आज किस-किसने कैसे कपड़े पहने है...
पत्ते बाँट जाने के बाद उसकी नज़र सबसे पहले सुमन पर पड़ी, जिसने आज एक ब्लैक ड्रेस पहनी हुई थी , और वो शॉर्ट ड्रेस इतनी सेक्सी थी की उसमे से सुमन की ब्रा के स्ट्रेप्स तक साफ़ चमक रहे थे, और उसका गला खुल्ला था कि उसके दोनों मुम्मे, जिन्हे आज सुबह ही राहुल भरकर चूसा था, बाहर निकलने के लिए मचल से रहे थे
राहुल ने आज सुबह ही उसे चोदा था इसलिए उसके गद्राये गदराये हुए बदन को देखकर उसका लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया...ये सोचकर की वो इन सेक्सी कपड़ो में जिस जिस्म को छुपा रही है, वो उसने आज सुबह ही नंगा देखा है.
अब उसका खेल में मन नही लग रहा था...उसने 2 ब्लाइंड के बाद ही अपने पत्ते देख लिए...गेम नॉर्मल वाली थी...और उसने पास सिर्फ़ इकके को छोड़कर कुछ ख़ास नही आया था...इसलिए उसने पेक कर दिया....और ये पेक उसने इसलिए भी किया ताकि वो आराम से कमरे में मोजूद हर हसीना को देख सके...
शशांक की नज़र भी खेल से ज़्यादा राहुल की नज़रों पर थी...वो देख पा रहा था की किस अंदाज से राहुल उसकी बीबी को देख रहा है...वैसे तो सुमन ने उसे दोपहर को फोन करके सब कुछ बता दिया था की आज राहुल के साथ उसने क्या-2 किया, लेकिन जिस अंदाज से वो अभी सुमन को देख रहा था,उसे अपनी आगे की योजना सही से बनती हुई दिखाई दे रही थी.
राहुल अभी सुमन को देखने मे बिज़ी था ही की उसकी नज़र डिंपल सरदारनी पर गयी....और उसकी तो आँखे फटी की फटी रह गयी..
उसकी तो समझ में नहीं आ रहा था की ये एक ही दिन में सब लेडीज़ को हो क्या गया है, अब तक तो वो सुमन को ही ऐसी समझ रहा था जो अपने बदन की नुमाईश करके खुश होती है, लेकिन आज तो महफ़िल की रंगत ही बदली हुई सी लग रही थी
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डिंपल सरदारनी ने जिस तरह की ड्रेस पहनी हुई थी,वैसी तो फ़िल्मो की हीरोइन्स भी पहनने से कतराए...ऐसी जिस्म की नुमाइश करने वाली ड्रेस पहन कर वो घर वाली पार्टी में खड़ी थी जैसे ये नॉर्मल सी बात हो...
उसने पिंक कलर की ड्रेस पहनी हुई थी...जो उसकी जांघो तक ही आ रही थी, जिसमे साइड से और आगे-पीछे से उसका बदन कपड़े के कटे हुए डिज़ाइन में से सॉफ झलक रहा था...और उसके बदन के उन हिस्सो को देखकर सॉफ पता चल रहा था की उसने अंदर ना तो पेंटी पहन रखी है और ना ही ब्रा...
राहुल तो उसके कूल्हे के साइड के नंगे हिस्से को देखकर उसमे डूब सा गया..
हालाँकि पहले वो सुमन को देख रहा था, लेकिन जब से उसकी नज़र डिंपल पर पड़ी,उसने उसकी तरफ देखा ही नही..और ये बात सुमन को बिल्कुल भी अच्छी नही लगी...एक तो उसका पहले से ही डिंपल के साथ 36 का आँकड़ा था..वो दोनो एक दूसरे से ज़्यादा सेक्सी दिखने की होढ़ में कुछ ना कुछ करती ही रहती थी...हालाँकि दोनो एक दूसरे से काफ़ी अच्छी तरह से बाते करती थी..सबके सामने भी वो यही दिखाती थी की दोनों में अच्छी ख़ासी दोस्ती है...लेकिन दोनो अंदर ही अंदर अपनी ख़ास 'दुश्मनी' निभाने से कभी भी पीछे नही हटती थी..और यही कारण था की कल रात को सुमन की वो सेक्सी रेड ड्रेस देखने के बाद आज डिंपल मार्केट से उससे भी ज्यादा सेक्सी दिखने वाली ऐसी ड्रेस लेकर आई थी...सबा ने जब उसे उस ड्रेस में देखा तो उसे मना करना भी चाहा, लेकिन उसके मामले में वो ऐसे दखल नही देना चाहती थी..इसलिए कुछ ना बोल सकी.
डिंपल जब किचन से कुछ कोल्ड ड्रिंक्स लेने गयी तो सुमन भी उसके पीछे-2 चली गयी.
सुमन : "हाय ...कहना पड़ेगा डिंपल...आज तुम कमाल की लग रही हो...''
डिंपल (मुस्कुराते हुए) : ''थॅंक्स...तुम भी काफ़ी अच्छी लग रही हो...वैसे ये ड्रेस तुम्हारी कल वाली ड्रेस के सामने कुछ नही है...है ना...''
वो शायद अपनी और तारीफ सुनना चाहती थी..
सुमन ने उसके रसीले बदन से झाँक रहे माँस को देखा और मुस्कुरा कर बोली : "नही...ऐसा नही है...शायद पेंटी ब्रा ना पहनने की वजह से कुछ ज़्यादा ही हो गया....लेकिन इसका भी अपना मज़ा है...सभी लोग तुम्हे ही देख रहे है...''
डिंपल : "अच्छा जी...कौन देख रहा है मुझे...जरा मैन्नू वि तो दस्सो ''
सुमन : "वैसे तो सभी...लेकिन ख़ासकर राहुल...वो तो तुम्हे देखकर अपनी नज़र ही नही हटा रहा...''
राहुल का नाम सुनकर डिंपल के चेहरे के एक्सप्रेशन्स ही बदल गये...सोसायटी के सबसे सेक्सी मर्द पर तो सभी की नज़रे थी...शायद डिंपल की भी थी...और इसलिए उसका नाम सुनते ही उसके चेहरे पर अलग ही तरह का गुलाबीपन आ गया...सुमन को समझते देर नही लगी की सरदारनी के दिल में भी राहुल के लिए कैसी भावनाए है..
डिंपल : "अच्छा ...सच में ...वो देख रहा था...आज तक तो उसने देखा नही....अपनी बीबी के पीछे ही लगा रहता है...लल्लू कही का ''
अब तो सुमन पक्का समझ गयी की असली माजरा क्या है....वो राहुल के पीछे पड़ी थी....और इसलिए उसने सबा से ज़्यादा दोस्ती बड़ा रखी थी...ताकि राहुल को पता सके...लेकिन उसकी खुद की बीबी इतनी सुन्दर थी की वो डिंपल को भाव ही नही देता था...शायद इसलिए वो उसे मन ही मन कोसकर कुछ बुदबुदा रही थी , उसे लल्लू बोल रही थी जो उसके दिल की बाते नहीं समझ रहा था
और डिंपल ये बात नही जानती थी की जिस राहुल के पीछे वो पड़ी है, सुमन तो उसके साथ ऑलरेडी मज़े ले चुकी है..और बीबी के प्रति वफ़ादार पति को कैसे अपने जाल मे फँसाया जाता है, यही बताने के लिए शायद सुमन वहां आई थी..
और वैसे भी सुमन जानती थी की जिस महामज़े के बारे में वो और उसके पति प्लान बना रहे है ,उसके लिए डिंपल जैसे खिलाड़ी का बीच में कूदना बहुत ज़रूरी है...एक-2 करके ही वो आख़िर में जाकर सभी को अपने खेल में शामिल कर पाएँगे...और इसके लिए अभी कुछ करना पड़ेगा..
डिंपल : "अगर तुम चाहो तो वो तुम्हारे पीछे भी लग सकता है....इन्फेक्ट तुम उसके साथ वो सब मज़े ले सकती हो जिसके बारे में आजकल सोचा करती हो...मैं उसको बोलूँगी तो वो मेरी बात बिल्कुल नही टालेगा ...''
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WRITER / POSTMAN OF THIS STORY
ISS STORY KA ASLI NAAM
दिवाली का जुआ - PART 4 HAI
KRIPYA NAAM CHANGE KAR DO
नशीली आँखें
वो प्यार क्या जो लफ्ज़ो में बयाँ हो
प्यार वो है जो आँखों में नज़र आए!!
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सुमन वो सब बाते जैसे उसका दिमाग़ पढ़ते हुए बोल रही थी....सुमन की बात सुनकर आश्चर्य के साथ डिंपल का मुँह खुलता चला गया...वो भी समझ चुकी थी की डिंपल ने ये बात ताड़ ली है की उसके दिल में राहुल के लिए क्या है...इसलिए अब छुपाने का कोई फायदा नही है..
डिंपल : "लेकिन तुम ये कैसे करोगी...वो भला तुम्हारी बात क्यो मानेगा...''
सुमन : "वो तुम मुझपर छोड़ दो...लेकिन उसके बाद तुम्हे वो करना पड़ेगा जो मैं चाहती हूँ ...''
डिंपल ने बिना सोचे समझे बोल दिया : "मंजूर है...''
उसके बाद सुमन ने डिंपल को कुछ समझाकर वापिस बाहर भेज दिया और तभी अंदर आने को कहा जब राहुल अंदर की तरफ आ जाए..और इस बीच उसने सभी लेडीज़ को वोड्का के डबल ग्लास सर्व करवा दिए...ताकि वो पीकर मस्त हो जाए...सुमन ने भी बाहर निकल कर अपने पति को साइड में लेजाकर अपनी योजना समझाई......वो भी अपनी बीबी के दिमाग़ की दाद दिए बिना नही रह सका...
अब खेल ऐसा होने वाला था की वहां बैठे ठर्कियों का भी भला होने वाला था और राहुल के प्यार में सुलग रही डिंपल का भी...सुमन ने तो आज सिर्फ़ सूत्रधार का काम करना था बस..
डिंपल जब सभी को वोड्का सर्व कर रही थी तो सुमन उठकर अंदर की तरफ चल दी...और पीछे मुड़कर उसने राहुल को इशारे से अंदर आने के लिए कहा...
राहुल तो पहले से ही काफ़ी उत्तेजित था....डिंपल के कपड़े देखकर उसका लंड बैठने का नाम ही नही ले रहा था...ऐसे में सुमन ने जिस अंदाज में उसे अंदर आने का इशारा किया था तो उससे रहा नही गया...वो उठकर जाने लगा तो शशांक ने उसे टोक दिया : "अरे भाई ....कहाँ चल दिए....अगली गेम शुरू होने वाली है...''
राहुल : "मेरे पेट में कुछ गड़बड़ सी लग रही है...मैं वॉशरूम होकर आता हूँ ...आप खेलिए...''
शशांक : "नही दोस्त...ऐसे नही चलेगा...या तो तुम्हारे आने तक का वेट करेंगे या फिर अपनी जगह सबा को खेलने के लिए बिठाकर जाओ...''
वैसे तो ऐसा ज़रूरी नही था की वो तीन पत्ती का खेल खेले ही...लेकिन सबा का नाम सुनकर वहां बैठे सभी के लंड में एकदम कड़कपन सा आ गया...कपूर साहब भी बोल पड़े : "हाँ भाई....ऐसे तो खेल बीच में ही रुक जाएगा...इससे अच्छा अपनी वाइफ को बोलो की आकर बैठ जाए...जब तुम वापिस आओ तो वहां से आगे तुम खेल लेना ...''
राहुल के साथ सबा अक्सर घर पर भी ये खेल खेला करती थी...इसलिए राहुल को खेल की चिंता नही थी...उसे बस ये डर था की कही इन सब मर्दो के बीच बैठने से वो मना ना कर दे...उसने सबा की तरफ देखा जो उनकी बाते बड़े गौर से सुन रही थी, उसने सर हिलाकर झट से हाँ कर दी ...राहुल को तो विश्वास ही नही हुआ की वो इतनी जल्दी मान जाएगी...
पिछले दो दिनों से इतने पैसे जीतने के बाद उसकी भी इस खेल में रूचि बड़ चुकी थी...और थोड़ा बहुत नशे का असर भी था जो उसे खुलकर खेल खेलने के लिए भी उकसा रहा था...इसलिए उसने खुद ही हाँ कर दी और उठकर उन मर्दों के बीच आकर बैठ गयी.
राहुल भागकर अंदर चल दिया...सुमन पहले से ही अंदर जा चुकी थी...लेडीज़ ने भी तंबोला की गेम खेलनी शुरू कर दी..और साथ में दारू भी चल रही थी...इसलिए सुमन की अनुपस्थिति का किसी को भी एहसास नही हो रहा था.
अंदर पहुँचते ही राहुल ने सुमन को बुरी तरह से दबोच लिया और उसके मुम्मो को जोर-२ से दबाने लगा...सुमन ने भी अपनी टॉप को ऊपर उठाकर अपने बूब्स उसके सामने परोस दिए और वो उन्हे अपने तेज दांतो से नोचने लगा..
सुमन : "अहह......मेरी जान.......क्या बात है.....इतने एक्साइटिड तो सुबह भी नही थे....लगता है डिंपल को देखकर तुम्हारा ये हाल है...''
डिंपल का नाम सुनते ही राहुल ने भी ठीक उसी तरह से चोंक कर उसे देखा जैसे डिंपल ने राहुल का नाम सुनकर उसे देखा था...
सुमन : ''घबराओ मत...ये सब चलता है....इनफेक्ट वो भी तुम्हारे लिए ही वो ड्रेस पहन कर अपने जलवे दिखा रही है...''
राहुल : "मेरे लिए....??''
सुमन : "हाँ ....तुम्हारे लिए.....यकीन नही होता तो पीछे मुड़कर देख लो...''
राहुल पीछे मुड़ा तो उसके चेहरे से पसीने निकलने लग गए ...पीछे डिंपल खड़ी थी...
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राहुल के हाथ अभी तक सुमन के मुम्मो पर थे...राहुल की तो हालत पतली हो गयी...उसकी समझ में कुछ भी नही आ रहा था..
अचानक डिंपल उसकी तरफ चलती हुई आई और करीब आकर धीरे से फुसफुसाई : "ओह राहुल............ इधर आओ.....''
इतना कहकर उसने राहुल को अपनी बाहों में क़ैद करके इतनी बुरी तरह से दबोचा की उसकी साँसे एक पल के लिए बंद सी हो गयी....सुमन ने अपने कपड़े ठीक किए और बाहर की तरफ चल दी और बोली : "तुम लोग एंजाय करो...मैं बाहर देखती हूँ ....और हां ...जो भी करना है जल्दी -2 करना....एंजाय....''
इतना कहकर वो बाहर निकल गयी....राहुल समझ गया की ये दोनो की मिलीभगत है...लेकिन जो भी था उस मिलीभगत की वजह से उसके हाथों में आज की सबसे सेक्सी दिखने वाली औरत थी...जो उसकी बाहों में जल बिन मछली की तरह मचल रही थी....और राहुल को अच्छी तरह से पता था की उसकी इस तड़प को कैसे मिटाना है...
डिंपल की तड़प के सामने राहुल का उतावलापन 19 ही था...क्योंकि जैसे ही डिंपल ने राहुल को अपने करीब किया, वो उसके होंठों पर टूट पड़ी...और ऐसे टूटी जैसे जोंबिस अपने शिकार पर टूट पड़ते है...वो उसके होंठों से लेकर उसकी गर्दन तक को बुरी तरह से चूस रही थी....राहुल के हाथ अपने आप उसके मुम्मो पर जा टिके ..और उनके मुलायंपन को महसूस करके वो पहले से ज़्यादा उत्तेजित हो उठा...बिना ब्रा की ड्रेस में जहा-2 पर खाली जगह थी, वो उनमे से अपने हाथ अंदर डालकर उसके नर्म मुलायम जिस्म को स्पर्श करने लगा..डिंपल ने उसका उतावलापन देखा और खुद ही अपनी ड्रेस को कंधे से सरका कर नीचे कर दिया...और फिर जो मुम्मो की शेप राहुल ने देखी, उसे देखकर तो वो भी चकित रह गया...शादी के इतने सालो बाद भी उसकी छातियाँ किसी पर्वत की तरह तनकर खड़ी थी..
राहुल बेचारा अपनी जीभ लपलपाता रह गया और डिंपल ने उसके सिर को पकड़कर अपनी छाती पर दे मारा...और अपना मुम्मा खुद ही उसके मुँह के हवाले करके मस्ती में दबी सिसकारिया मारने लगी...
भले ही राहुल के प्रहार काफ़ी आक्रामक थे, पर डिंपल को तो सरदारजी के हमले की आदत थी...वो तो उसे निचोड़ ही डालते थे...पर राहुल का अंदाज भी काफ़ी निराला था...वो उसे काट भी रहा था और चुभला भी रहा था...
डिंपल जानती थी की अभी उसके पास टाइम कम है...उसने दरवाजा बंद किया और वापिस आकर राहुल के सामने बैठ गयी...राहुल के लंड को मुँह में लेने की तमन्ना उसे ना जाने कब से थी...उसने सबा से कई बार सुना था की उसके लंड को मुँह में लेकर वो घंटो तक खेलती रहती है...पूरी सोसायटी में सिर्फ़ सरदारनी को ही सबा ने ऐसे राज बता रखे थे जिन्हे सुनकर आज सरदारनी का ये हाल हो रहा था ... सबा बेचारी ने खुद ही अपने पति की ऐसी तारीफ कर करके डिंपल को उसके सपने देखने के लिए मजबूर कर दिया था...और तभी से डिंपल अपनी ही सहेली के पति के लिए ऐसी भावनाए रखने लगी थी..
और आज उसका सपना सच होने जा रहा था...उसने तुरंत उसकी पेंट को नीचे किया और राहुल के लंबे और मोटे लंड को बाहर निकाल लिया..
और सच में , जैसी सबा ने तारीफ की थी, ठीक वैसा ही था राहुल का लंड ...
एक दम चिकना...चॉकलेटी कलर का..और तन कर खड़ा हुआ...
उसने बिना एक पल भी गँवाए अपना मुँह आगे किया और उस छोटे सिपाही को अपने मुँह में भर लिया...और जोरों से चूसने लगी...
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राहुल भी अपने पंजो पर खड़ा हो गया, क्योंकि उसके चूसने की शक्ति ही इतनी ज़्यादा थी की उसे तो ऐसा लग रहा था की वो बरसों से प्यासी है..
कुछ देर तक चूसने के बाद उसने राहुल के लंड को बाहर निकाला और खड़ी हो गयी...वो एक-2 पल को पूरी तरह से इस्तेमाल करना चाहते थे...लेकिन अब जो डिंपल ने करने के लिए कहा, उसे सुनकर तो एक पल के लिए राहुल भी सोच में पड़ गया..
वो जल्दी से एक साइड टेबल पर झुकी और अपनी ड्रेस को पीछे से उपर उठा कर अपना पिछवाड़ा नंगा करके बोली : "राहुल...जल्दी आओ...प्लीज़....जल्दी अंदर डालो...''
वो बेचारा क्या बोलता...उसकी तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था...डिंपल ऐसा सोच भी कैसे सकती है...बाहर सब बैठे हुए है...ये चूमा चाटी तो ठीक था, लेकिन उन सभी के बाहर रहते हुए वहां चुदाई करना उसे थोड़ा रिस्की सा लगा...उसकी खुद की बीबी बाहर थी...और तो और सरदारनी का पति भी बाहर था...और साथ में कॉलोनी के दूसरे लोग भी....ऐसे में डिंपल उससे चुदने के लिए बोल रही थी...वो मना तो करना चाहता था लेकिन तभी उसकी नज़र डिंपल की रस टपकाती हुई चूत पर गयी....उसमे से शहद की तरह छूट का रस बूँद - २ करके टपक रहा था , और एक बूँद अभी भी उसकी चूत पर ओस की बूँद जैसी लटकी हुई थी , ऐसी चिकनाई देखकर वो उसकी चूत में लंड डालने से खुद को रोक ही नही सका..
वो आगे बड़ा और उसने उसकी फेली हुई गांड को पकड़ा और ढप्प से अपना लंड एक ही बार में उसकी चूत में सरक दिया...
ये सरदारनियो का पिछवाड़ा कितना सेक्सी होता है...उसे देखकर वो पहले भी कई बार उसकी पीछे से मारने के बारे में सोच चुका था...वो भला क्या जानता था की उसकी मन की आस इस तरह से पूरी होगी..
और जैसे ही उसका कसरती लंड डिंपल की चूत के अंदर घुसा, वो पीछे की तरफ सिर करके हिनहीना उठी...और बाँये हाथ से उसने राहुल के सिर को पकड़कर अपने करीब किया और एक गहरी स्मूच दे डाली.
...दोनो एक गीली वाली किस्स में डूब गये...राहुल ने कुछ पल तक उसके होंठ चूमे और फिर उसने अपना पूरा ध्यान उसकी चुदाई में लगा दिया..
वो उसकी कमर को पकड़कर उसे बुरी तरह से चोद रहा था..
और ऐसा करते हुए उन दोनो ने अपने मुँह बड़ी मुश्किल से बंद करके अपनी चीखे दबा रखी थी...लेकिन इस क़्वीकी में उन दोनो को काफ़ी मज़ा आ रहा था...सिर्फ़ 5 मिनट ही हुए थे अभी तक डिंपल को अंदर आए हुए...और इतनी देर में उसकी चूत में राहुल का लंड था...
लेकिन ज़्यादा देर तक रुककर वो किसी के मन में शक़ नही पैदा करना चाहते थे....इसलिए डिंपल ने खुद ही अपनी चूत के दाने को आगे की तरफ से रगड़ना शुरू कर दिया...दूसरे हाथ से वो अपने स्तन मसल रही थी...राहुल भी अपने घोड़े को पूरी गति से उसकी चूत के हाइवे पर दौड़ा रहा था....और अगले 2 मिनट के अंदर दोनो के मुँह से टूटी - फूटी सिसकारियाँ निकलने लगी....और आख़िर में एक जोरदार शॉट के साथ राहुल ने भरभराकर अपना सारा माल उसकी चूत में उडेल दिया....
राहुल के गर्म पानी को महसूस करके वो भी झड़ने लगी...और दोनो का मिला जुला रस उसकी चूत से बाहर की तरफ बहते हुए उसकी जांघों को गीला करने लगा..
डिंपल ने साइड मे रखा एक टावल उठाया और अपनी चूत को सॉफ किया...और राहुल की तरफ पलटकर बोली : "अब तुम बाहर जाओ... वरना किसी को शक हो जाएगा...आज के लिए इतना काफी है, लेकिन याद रखना , कल तुम्हे नहीं छोडूंगी ''
राहुल ने भी अपने लंड को सॉफ किया... सिर्फ़ 10 मिनट के अंदर उसने अपनी पड़ोसन को चोद डाला था...ऐसी जल्दबाज़ी वाली चुदाई तो उसने आज तक नही की थी... लेकिन इसका भी अपना अलग मज़ा मिला...एक अलग तरहा की एक्साइटमेंट का एहसास हुआ था उसे आज...