Thread Rating:
  • 2 Vote(s) - 4 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Adultery हमारे हसीन पल ( सलहज के साथ )
#9
मैंने बातें सुरू की 

धीरे धीरे हम खुलने लगे 

हम दोनो का ही ये ( सेक्स ) का पहला अनुभव था 

मैं बात करते करते , उसके पास आ , अब उसके मुंह को करीब ला , एक चुम्बन लिया 

मजा आ गया मुझे , उन गोरे गालों को चुम्बन लेने से 

मैं दोनो गालों को भरपूर चूमने लगा 

उसे भी अच्छा लग रहा था , वो मुझसे पूरा चिपट गई 

फिर मैं एक हाथ धीरे से उसके एक उरोज ( बूब्स) पे रखा, हल्के से दबाया 

फिर गालों को छोड़, अब मैं उसके दोनो बूब्स को पकड़ा , और हल्के हल्के दबाया 

उसे भी आनंद आ रहा था 

अब मैं उसके ब्लाउज को खोलने लगा 

और दोनो बूब्स, पूरा बाहर आ गए

कमरे ही हल्की रोशनी थी 

बड़े बड़े दोनो बूब्स , गोरे गोरे , और गुलाबी रंग की ऊपर से छोटी सी nipple, उन boobs pe 

मेरी आंखों के सामने थी एक दम खुले हुए 

मैं अब जीव से पहले निप्पल को kiss किया, हल्के से चूसा 

और देखते ही देखते अब मैं दोनो boobs को मुंह में पूरा भर चूसने लगा
Like Reply


Messages In This Thread
RE: हमारे हसीन पल ( सलहज के साथ ) - by mariesweet21 - 26-02-2024, 03:35 PM



Users browsing this thread: 1 Guest(s)